संसद में आज 'जी राम जी' बिल पर हंगामा मचा। मनरेगा की जगह आ रहे 'जी राम जी' बिल पर विपक्षी पार्टियां हमलावर हैं...विपक्षी सांसदों ने जी राम जी बिल को लेकर सदन में जमकर नारेबाज़ी की। इस बीच मोदी सरकार जी राम जी बिल को लोकसभा में पेश कर चुका है। शिवराज सिंह चौहान ने इस बिल को पेश किया। दरअसल मोदी सरकार मनरेगा कानून खत्म करके नया ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून लेकर आई है जिसका नाम 'VB G RAM G' बिल रखा गया है। इसमें 125 दिन रोजगार की गारंटी होगी जबकि मनरेगा में 100 दिन रोजगार की गारंटी होती थी। इस बिल में राज्यों की भी हिस्सेदारी तय की जा रही है जबकि मनरेगा में सिर्फ केंद्र की ही हिस्सेदारी होती थी। वहीं, विपक्ष इस नए बिल का विरोध कर रहा है। विपक्ष का कहना है कि सरकार नया कानून बनाने की जगह सिर्फ पुराने कानून का नाम बदल रही है।
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा, 'SIR भाजपा की रणनीति और षड्यंत्र है। इन्होंने SIR के माध्यम से NRC किया है। अगर आप वोटर हैं तो आप भारत के नागरिक भी हैं। चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है कि ज्यादा से ज्यादा वोट बढ़ें। वोट बनवाने के लिए SIR हो रहा है या वोट कटवाने के लिए? भाजपा ने सबसे ज्यादा वोट वहां कटवाएं हैं, जहां भाजपा हार रही है।'
दिल्ली: कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने विकसित भारत- रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन विधेयक 2025 पर कहा, 'यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रधानमंत्री अपने भाषणों में गांधीजी की बहुत तारीफ करते हैं और फिर भी वे उन योजनाओं का नाम बदल रहे हैं जो गांधीजी के नाम पर शुरू की गई थीं। उन्हें गांधीजी के नाम और गांधीजी की विचारधारा से दिक्कत है।' उन्होंने नई दिल्ली राउज़ एवेन्यू कोर्ट द्वारा नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED की चार्जशीट पर संज्ञान लेने से इनकार करने पर कहा, 'यह एक मनगढ़ंत मामला था। कांग्रेस पार्टी पहले दिन से कह रही है कि यह विपक्ष को और खासकर राहुल गांधी को, जो उनके खिलाफ सबसे मज़बूत आवाज़ हैं और सोनिया गांधी को परेशान करने के लिए किया गया था।'
भाजपा सांसद अरुण गोविल ने विकसित भारत – रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन विधेयक 2025 पर कहा, "प्रधानमंत्री मोदी ने गरीबों के लिए बहुत काम किया है। विपक्ष को रामजी के नाम से हमेशा विरोध रहा है। सरकार जो करना चाहती है, उसका उन्हें विरोध करना होता है। विपक्ष किसी खराब चीज का विरोध करे तो अच्छा है लेकिन यहां विपक्ष सरकार के हर काम का विरोध करता है।"
कांग्रेस सांसद कुमारी शैलजा ने विकसित भारत – रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन विधेयक 2025 पर कहा, "जिस तरह से उनकी विचारधारा महात्मा गांधी के खिलाफ रही है, जिस विचारधारा ने महात्मा गांधी को हमारे देश और दुनिया से दूर किया, वही विचारधारा आज उनका नाम मिटाना चाहती है। लेकिन महात्मा गांधी इस देश की आत्मा में बसते हैं। वे भले अपने दम और बल से नाम बदल सकते हैं, लेकिन वे महात्मा गांधी को इस देश की आत्मा से नहीं मिटा पाएंगे। कांग्रेस पार्टी इसका पूरी तरह विरोध करती है। देश भी इसका विरोध करेगा। भगवान राम के नाम पर कोई आपत्ति नहीं है; गांधी जी ने खुद 'हे राम' कहते हुए अपनी आखिरी सांस ली थी। राम के नाम पर किसी को क्या आपत्ति हो सकती है? लेकिन आप महात्मा गांधी को मिटाने की कोशिश कर रहे हैं। अपनी कमजोरियों को छिपाने के लिए, वे सरकारी योजनाओं से भी महात्मा गांधी का नाम हटाना चाहते हैं।"
विपक्ष का आरोप है कि सरकार जानबूझ कर इस योजना से महात्मा गांधी का नाम हटा रही है। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि महात्मा गांधी हमारे दिल में बसते हैं। मनरेगा में कई तरह की कमियां थी जिसे दुरूस्त करने की जरूरत थी यही वजह है कि नया बिल लाया जा रहा है ताकि ग्राउंड लेवल पर इसका इंपैक्ट बढ़े और लोगों को ज्यादा से ज्यादा फायदा मिले। वहीं NDA के सहयोगी दलों के रूख की बात करें तो चंद्रबाबू नायडू की पार्टी ने इसपर सवाल जरूर खड़े किए हैं। इस बिल के बाद राज्य सरकारों पर पड़ने वाले वित्तीय भार का जिक्र भी किया है लेकिन वो सरकार को समर्थन देने को राजी भी हैं जबकि विपक्ष लगातार हमलावर है।
लोकसभा में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 'विकसित भारत जी राम जी' बिल पेश किया। यह बिल मनरेगा की जगह लेगा। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने नाम बदलने का विरोध किया है।
मोदी सरकार के 'जी राम जी' बिल के खिलाफ लोकसभा में प्रियंका गांधी हल्ला बोल रही हैं। प्रियंका ने कहा है कि उन्हें नाम बदलने की ये सनक समझ में नहीं आ रही। 'जी राम जी' बिल के जरिए ग्राम पंचायत का अधिकार छीना जा रहा है। कांग्रेस की रंजीता रंजन ने कहा है कि नाम बदलकर सरकार मुद्दों से ध्यान भटका रही है। सरकार को अब महात्मा गांधी के नाम से भी दिक्कत है।
'विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) बिल 2025 संसद की संयुक्त समिति को भेजा गया है। मनरेगा की जगह आ रहे 'जी राम जी' बिल पर लोकसभा में जमकर हंगामा हो रहा है। सदन में विपक्षी सांसद जी राम जी बिल को लेकर जमकर नारेबाज़ी कर रहे हैं। वहीं, थोड़ी देर में मोदी सरकार जी राम जी बिल को लोकसभा में पेश कर सकती है।
मुझे नाम बदलने की यह सनक समझ नहीं आती। इसमें खर्चा बहुत होता है इसलिए मुझे समझ नहीं आता कि वे बेवजह ऐसा क्यों कर रहे हैं। MGNREGA ने गरीब लोगों को 100 दिन के रोज़गार का अधिकार दिया था। यह बिल उस अधिकार को कमज़ोर करेगा... उन्होंने दिनों की संख्या तो बढ़ा दी है लेकिन मज़दूरी नहीं बढ़ाई है। पहले ग्राम पंचायत तय करती थी कि MGNREGA का काम कहां और किस तरह का होगा, लेकिन यह बिल कहता है कि केंद्र सरकार तय करेगी कि फंड कहां और कब देना है, इसलिए ग्राम पंचायत का अधिकार छीना जा रहा है। हमें यह बिल हर तरह से गलत लगता है- प्रियंका गांधी
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने विकसित भारत – रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन विधेयक 2025 पर कहा, UPA सरकार ने MGNREGA कानून पेश किया था और यह सबसे सफल योजना रही है। COVID-19 के दौरान, जब लाखों लोग शहरों से गांवों में गए तो MGNREGA ने उन्हें सुरक्षा दी। जब नाथूराम गोडसे ने महात्मा गांधी को गोली मारी, तो उनके मुंह से सिर्फ 'हे राम' शब्द निकले और यह अजीब बात है कि इस देश में आप महात्मा गांधी को भगवान राम से अलग कर रहे हैं। यह योजना, जो पूरी तरह से केंद्र सरकार द्वारा फंडेड थी, आप इसे तोड़-मरोड़कर इसका बोझ राज्यों पर डाल रहे हैं। इस तरह यह योजना खत्म हो जाएगी।
लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने सदन में जोरदार हंगामा किया। हालांकि सदन की कार्यवाही हंगामे के बीच चल रही है।
अगर मनरेगा और जी राम जी में तुलना करें तो मनरेगा में 100 दिन गारंटी का प्रावधान है जबकि नए बिल में 125 दिन रोजगार की गारंटी है। मनरेगा में 15 दिनों में मजदूरी भुगतान का प्रावधान था जबकि नए कानून में हर हफ्ते मजदूरी भुगतान का प्रावधान। पहले खर्च सिर्फ केंद्र उठाती थी अब 10 से 40 प्रतिशत तक राज्यों को देना होगा। बुआई और कटाई के समय 60 दिनों तक रोजगार नहीं मिलेगा ताकि खेती के लिए मजदूर उपलब्ध हों। नए बिल पर समाजवादी पार्टी सवाल उठा रही है।
कांग्रेस पार्टी जी राम जी बिल का विरोध कर रही है और कह रही है कि महात्मा गांधी के नाम को मिटाने की कोशिश की जा रही है। तो वहीं, अखिलेश यादव कह रहे हैं कि सिर्फ नाम बदलने से कुछ नहीं होगा। बीजेपी सिर्फ नाम बदलकर दूसरे के काम को अपना बताती है।
केंद्र सरकार आज MGNREGA की जगह पर एक नया बिल लाने की तैयारी कर रही है। इसका नाम 'विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) 2025' होगा। इस बिल के जरिए सरकार नया रोजगार गारंटी कानून बनाने जा रही है जो मनरेगा की जगह लेगा। इसमें 125 दिन रोजगार की गारंटी होगी जबकि मनरेगा में 100 दिन रोजगार की गारंटी होती थी। इस मुद्दे पर आज संसद में जोरदार बहस होने की संभावना है।
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