1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. पीएम मोदी, अमित शाह से लेकर सीएम योगी और मोहन यादव तक, 'संविधान हत्या दिवस' पर किसने क्या कहा?

पीएम मोदी, अमित शाह से लेकर सीएम योगी और मोहन यादव तक, 'संविधान हत्या दिवस' पर किसने क्या कहा?

 Written By: Avinash Rai @RaisahabUp61
 Published : Jun 25, 2025 06:01 pm IST,  Updated : Jun 25, 2025 11:56 pm IST

भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 25 जून 1975 को आपातकाल की घोषणा की थी। ऐसे में आपातकाल के 50 वर्ष पूरे होने पर संविधान हत्या दिवस के अवसर पर पीएम नरेंद्र मोदी, अमित शाह समेत अन्य नेताओं ने बयान दिया है।

PM Narendra Modi said this on the occasion of samvidhan hatya diwas know what other leaders said- India TV Hindi
संविधान हत्या दिवस के अवसर पर पीएम मोदी और अमित शाह ने कही ये बात Image Source : PTI

भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में आपातकाल एक काले धब्बे की तरह है, जिसे ना ही भुलाया जा सकता है और ना ही मिटाया। 25 जून 1975 ये वही तारीख है, जिस दिन भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने देश में इमरजेंसी की घोषणा की थी। इसके बाद लाखों लोगों को जेल के अंदर ठूंस दिया गया। आपातकाल के 50 वर्ष पूरे होने पर भाजपा शासित सरकारों द्वारा देशभर में संविधान हत्या दिवस मनाया जा रहा है। ऐसे में पीएम नरेंद्र मोदी से लेकर कई बड़े नेताओं ने इस पर बयान दिया है। आज कैबिनेट की बैठक में पीएम नरेंद्र मोदी ने बयान देते हुए कहा, 'इमरजेंसी में संविधान को कुचला गया। इस काले दिन को देश भूला नहीं सकता।'

क्या बोले पीएम नरेंद्र मोदी

पीएम नरेंद्र मोदी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, ‘द इमरजेंसी डायरीज’ में आपातकाल के वर्षों के दौरान मेरी यात्रा का वर्णन है। इसने उस समय की कई यादें ताजा कर दीं। मैं उन सभी लोगों से अपील करता हूं जो आपातकाल के उन काले दिनों को याद करते हैं या जिनके परिवारों ने उस दौरान कष्ट झेले हैं, वे अपने अनुभवों को सोशल मीडिया पर साझा करें। इससे युवाओं में 1975 से 1977 तक के शर्मनाक समय के बारे में जागरूकता पैदा होगी।'

क्या बोले अमित शाह

संविधान हत्या दिवस 2025 के अवसर पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, जब बात बुरी घटनाओं की हो तो उसे हमेशा याद रखना चाहिए, ताकि देश का युवा संस्कारी हो, संघर्षरत हो। इसलिए पीएम नरेंद्र मोदी ने 25 जून के इस दिन को संविधान हत्या दिवस के रूप में मनाने का निर्णय किया है। आपातकाल में जिस प्रकार से देश को एक जेलखाना बनाकर रख दिया था। देश की आत्मा को गूंगा करके रख दिया गया था। न्यायालय के कान को बहरा कर दिया गया था। लिखने वालों के कलम से स्याही ही निकाल दी गई थी। 

क्या बोले सीएम योगी आदित्यनाथ?

आपातकाल के 50 वर्ष पूरे होने पर लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम में सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, 25 जून की तारीख को, जिस संविधान को लागू करने को लेकर के, भारत ने अनगिनत बलिदान दिए थे। जिस लोकतंत्र को लेकर के विद्यार्थी हो या युवा, महिला हो या पुरुष समाज के प्रत्येक तबगे के व्यक्ति ने हर स्तर पर बलिदान देने में किसी प्रकार की कोताही नहीं की। बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर ने तमाम अपमान सहने के बाद अपनी पूरी ताकत के साथ भारत के संविधान का ड्राफ्ट तैयार करके भारत के नागरिकों को जो दिया था। उस संविधान का गला घोटने में कांग्रेस की सरकार को कोई समय नहीं लगा। जो पाप कांग्रेस और तत्कालीन प्रधानमंत्री के रूप में इंदिरा गांधी ने किया था, अपनी सत्ता बनी रहे। इस देश के क्रांतिकारी नारा देते थे, तेरा वैभव अमर रहे मां। कांग्रेस ने उस दिन उस संकल्प को कैसे चकनाचूर किया, ताकि मेरी सत्ता बनी रहे, चाहे लोकतंत्र रहे ना रहे। 

राजनाथ सिंह ने क्या कहा?

संविधान हत्या दिवस के अवसर पर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने एक्स पर लिखा, "आज से पचास साल पहले भारतीय लोकतंत्र का आपातकाल के माध्यम से गला घोंटने का कुत्सित प्रयास किया गया था। आपातकाल को लोग आज भी भारतीय लोकतंत्र के सबसे काले अध्याय के रूप में याद रखते हैं। संविधान को दरकिनार करते हुए जिस तरीके से देश पर आपातकाल थोपा गया वह सत्ता के दुरुपयोग और तानाशाही का बहुत बड़ा उदाहरण है। तमाम विपक्षी नेताओं को जेल में डाल दिया गया। ऐसी कोई संवैधानिक संस्था नहीं बची थी जिसका गलत इस्तेमाल न किया गया हो। मगर इस देश में जो लोकतांत्रिक परम्पराएँ रही हैं उनको चाह कर भी तत्कालीन सरकार मिटा नहीं पायी।" 

क्या बोले सीएम मोहन यादव?

आपातकाल के 50 वर्ष पूरे होने के अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा, 'आपातकाल लोकतंत्र का काला अध्याय और काला धब्बा है। जिन लोगों ने इसे लगाया वे ही पूरी दुनिया में इस कलंक के लिए जिम्मेदार हैं। ये लोग कभी इससे बाहर नहीं आ सकते और इस कलंक से मुक्त नहीं हो सकते। उस दौर में निरपराध लोगों को जेलों में बंद कर दिया गया। अनेक लोगों ने आपातकाल की पूरी अवधि में जेल में गुजारी। आपातकाल में लोगों पर बेइंतहा अत्याचार किए गए। कई प्रतिबंध भी लगाए गए। हमारे लोकतंत्र सेनानियों ने अनेक कष्ट सहे, लेकिन लोकतंत्र सेनानी लोकतंत्र की रक्षा के लिए अडिग रहे।' 

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत