1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. प्रज्वल रेवन्ना की जमानत याचिका हुई खारिज, रेप और यौन उत्पीड़न मामले में आरोपी

प्रज्वल रेवन्ना की जमानत याचिका हुई खारिज, रेप और यौन उत्पीड़न मामले में आरोपी

 Reported By: T Raghavan, Edited By: Malaika Imam
 Published : Oct 21, 2024 03:32 pm IST,  Updated : Oct 21, 2024 03:56 pm IST

कर्नाटक हाई कोर्ट से प्रज्वल रेवन्ना को झटका लगा है। रेप और यौन उत्पीड़न मामले के आरोपी रेवन्ना की जमानत याचिका खारिज हो गई है।

प्रज्वल रेवन्ना- India TV Hindi
प्रज्वल रेवन्ना Image Source : PTI

कर्नाटक हाई कोर्ट से निलंबित जनता दल (एस) के नेता प्रज्वल रेवन्ना को झटका लगा है। रेप और यौन उत्पीड़न मामले के आरोपी प्रज्वल रेवन्ना की जमानत याचिका कोर्ट ने खारिज कर दी है। इस मामले की सुनवाई कर रही जस्टिस नागप्रसन्ना की अदालत ने एक महीना पहले इस मामले पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। जेडीएस के पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना पर यौन उत्पीड़न और रेप के तीन मामले दर्ज हैं।

प्रज्वल रेवन्ना​ के वकील की क्या थी दलील?

इससे पूर्व न्यायमूर्ति एम. नागप्रसन्ना की पीठ ने पहले मामले में रेवन्ना के आवेदन और इसी तरह की शिकायतों से संबंधित दो अग्रिम जमानत याचिकाओं पर दलीलें सुनीं। सुनवाई के दौरान अदालत ने वकीलों को निर्देश दिया कि वे पीड़ितों के नाम का जिक्र करने से बचें, इसके बजाय वे मामले से जुड़े दस्तावेजों में विशिष्ट विवरण का जिक्र करें। रेवन्ना की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता प्रभुलिंग के. नवदगी ने घटनाओं के वक्त का जिक्र करते हुए जोर दिया था कि जिस महिला ने इससे पहले रेवन्ना पर अवैध तरीके से उसके घर से निकाले जाने का आरोप लगाया था उसने शुरू में उन पर यौन दुर्व्यवहार का आरोप नहीं लगाया था।

नवदगी ने आगे दलील दी थी कि फोरेंसिक रिपोर्ट में कथित वीडियो से रेवन्ना के संबंध का पता नहीं चलता और पीड़ित एवं उसकी बेटी के बयानों में विरोधाभास को रेखांकित किया। नवदगी ने रेवन्ना के फोन में इस तरह के किसी आपराधिक वीडियो के होने से इनकार किया। उन्होंने यह भी दलील दी कि जिस फोन को लेकर सवाल किया जा रहा है वह रेवन्ना के ड्राइवर कार्तिक का है और फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) की रिपोर्ट अधूरी थी।

आरोप रेवन्ना पर सीधे तौर पर नहीं लगाए: रेवन्ना के वकील

सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम की धारा 66ई के तहत आरोपों पर नवदगी ने कहा था कि ये आरोप रेवन्ना पर सीधे तौर पर नहीं लगाए हैं। उन्होंने शिकायत में देरी को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए दलील दी थी कि इस मामले में देरी को लेकर कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। राज्य की ओर से पेश हुए विशेष लोक अभियोजक प्रोफेसर रवि वर्मा कुमार ने दलील दी थी कि पीड़ित को रेवन्ना ने धमकाया था और उसने शिकायत में देरी की वजह भी बताई थी। रवि वर्मा कुमार ने जोर देकर कहा कि पीड़ित के बाद के बयान में धमकी का जिक्र है। उन्होंने यह भी कहा था कि फोरेंसिक साक्ष्य रेवन्ना के खिलाफ विशेषकर पीड़ित की बेटी के संबंध में उसके आरोपों का समर्थन करते हैं।

रेवन्ना ने अपना फोन नहीं सौंपा था: विशेष लोक अभियोजक

हाई कोर्ट ने एफएसएल की रिपोर्ट पर सवाल खड़ा किया, जबकि विशेष लोक अभियोजक कुमार ने एक बार फिर याचिकाकर्ता की धमकियों और पीड़ित को चुप कराने के प्रयासों का हवाला देते हुए शिकायत में देरी को सही ठहराया था। कुमार ने यह भी दलील दी थी कि रेवन्ना ने अपना फोन नहीं सौंपा था, जिसमें कई अहम सूचना थी और न्याय से बचने के लिए वह देश छोड़कर चले गए थे। इन दलीलों के बाद अदालत ने जमानत याचिकाओं पर अपना फैसला सुरक्षित रखा था। रेवन्ना हालिया लोकसभा चुनाव में हासन सीट से हार गए थे। 26 अप्रैल को होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले प्रज्वल रेवन्ना से जुड़े कथित अश्लील वीडियो वाले पेन-ड्राइव कथित तौर पर हासन में प्रसारित होने के बाद यौन शोषण के मामले सामने आए थे। (भाषा इनपुट के साथ)

ये भी पढ़ें-

पूर्वी लद्दाख सीमा विवाद: भारत और चीन के बीच हो गया बड़ा समझौता, विदेश सचिव ने दी जानकारी

महाराष्ट्र: फडणवीस की उद्धव ठाकरे से हुई थी गुपचुप मुलाकात, MVA में होगा खेला?

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत