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सोमवार को लोकसभा में पेश होगा पब्लिक एग्जामिनेशन संशोधन बिल, केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह को मिली अहम जिम्मेदारी

 Written By: Shakti Singh
 Published : Jul 25, 2026 08:20 pm IST,  Updated : Jul 25, 2026 08:50 pm IST

पीएम मोदी ने गुरुवार देर रात वीडियो मैसेज जारी कर बताया था कि पेपर लीक रोकने के लिए सरकार नया बिल लाएगी। अब जानकारी आई है कि इस बिल को केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह पेश करेंगे।

Jitendra Singh- India TV Hindi
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह Image Source : PTI

पब्लिक एग्जामिनेशन (गलत तरीकों से बचाव) संशोधन बिल, 2026 सोमवार को लोकसभा में पेश होगा। इस बिल को पेश करने की जिम्मेदारी केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह को दी गई है। वह 27 जुलाई को लोकसभा में बिल पेश करेंगे। लेजिस्लेटिव बिजनेस एजेंडा के मुताबिक, वे पब्लिक एग्जामिनेशन (गलत तरीकों से बचाव) एक्ट, 2024 में बदलाव के लिए एक बिल पेश करेंगे। इस बिल को सदन से पास कराने की जिम्मेदारी भी जितेंद्र सिंह की ही होगी। पीएम मोदी ने गुरुवार देर रात वीडियो मैसेज जारी कर बताया था कि सरकार पेपर लीक रोकने के लिए नया कानून ला रही है। सोमवार को इसे सदन में पेश किया जाएगा और सरकार की कोशिश जल्द से जल्द इसे पास कराने की होगी।

पीएम मोदी के वीडियो मैसेज के बाद शुक्रवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक को रोकने के लिए लाए गए कड़े संशोधन विधेयक (सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026) के नए प्रावधानों को मंजूरी दी। इस नए कानून में 10 साल तक की कैद और 1 करोड़ से 10 करोड़ रुपये तक के भारी जुर्माने का प्रावधान है।

तीन महीने में आएगा फैसला

सूत्रों के मुताबिक, नए कानून में प्रावधान है कि पेपर लीक पर 3 महीने में फैसला आएगा। फास्ट ट्रैक कोर्ट 3 महीने में सजा सुनाएगा। साथ ही, नए कानून में 10 साल तक की जेल का प्रावधान है। इसके अलावा, 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान भी इसमें रखा गया है। देश के अलग-अलग शहरों में पेपर लीक से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट भी बनाए जा चुके हैं। कई अन्य शहरों में भी फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जा रहे हैं।

नीट पेपर लीक पर बवाल के बाद सरकार का फैसला

नीट यूजी परीक्षा 2026 लीक होने के बाद कई छात्रों ने आत्महत्या की थी। हालांकि, सरकार ने जल्द ही दोबारा परीक्षा का आयोजन किया और समय रहते रिजल्ट भी जारी कर दिया, लेकिन सीजेपी ने इस मुद्दे को लेकर सरकार के खिलाफ जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। समय के साथ प्रदर्शन बड़ा होता गया और जब सोनम वांगचुक ने भूख हड़ताल शुरू की तो बड़ी संख्या में छात्र उनसे जुड़ गए। दिल्ली पुलिस ने सोनम वांगचुक को अस्पताल शिफ्ट किया तो भीड़ और बढ़ गई। 20 जुलाई को प्रदर्शकारियों पर लाठीचार्ज के बाद पूरे देश में विरोध शुरू हो गया और अंत में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा। छात्रों के प्रदर्शन के दौरान सरकार ने पेपर लीक रोकने के लिए कई अहम फैसले लिए। इनमें नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के 47 अधिकारियों को बर्खाश्त करना और नया कानून लाना भी शामिल है।

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