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रीलबाज एक दिन के लिए प्लीज! जब आपके इलाके में हो युद्ध सायरन वाला मॉकड्रिल तो भूल से भी ना करें ये बड़ी गलती

 Written By: Pankaj Yadav @ThePankajY
 Published : May 06, 2025 10:11 pm IST,  Updated : May 06, 2025 10:12 pm IST

मॉक ड्रिल एक राष्ट्रीय कर्तव्य है, जो हमें आपात स्थिति के लिए तैयार करता है। इसे रील या मजाक का विषय बनाना न केवल गैर-जिम्मेदाराना है, बल्कि खतरनाक भी हो सकता है। इस संवेदनशील समय में हमें एकजुट रहना चाहिए और गलत अफवाहों से बचना चाहिए।

मॉकड्रील अभ्यास करते लोग- India TV Hindi
मॉकड्रील अभ्यास करते लोग Image Source : SOCIAL MEDIA

हाल के दिनों में भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए देश पूरी तैयारी में जुट गया है। इसके तहत देश के कई शहरों में मॉकड्रील कराए जा रहे हैं। भारत सरकार ने देशभर में आपातकालीन तैयारियों को परखने के लिए 7 मई को व्यापक मॉक ड्रिल का आदेश दिया है। ऐसे में वे लोग जो बात-बात पर रील बनाते रहते हैं। उन्हें कल थोड़ी संयम बरतने की जरूरत है और देश के विभिन्न हिस्सों में चल रहे मॉकड्रील का वीडियो बनाने से बचना चाहिए। यह समय इन मॉक ड्रिल्स का वीडियो बनाने और सोशल मीडिया पर उन्हें पोस्ट कर सनसनी फैलाने का बिल्कुल नहीं है। 

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रीलबाजों की हरकतें कहीं खड़ी ना कर दे समस्या

सोशल मीडिया के इस दौर में, मॉक ड्रिल का वीडियो बनाकर उसे वायरल करने की कई लोग सोचेंगे लेकिन देश हित में ऐसा करना बिल्कुल सही नहीं है क्योंकि आपकी ये हरकत मॉकड्रील जैसे संवेदनशील अभ्यासों की गंभीरता को कम करने का काम करेगा। इतना ही नहीं आपकी इस गलती की वजह से सोशल मीडिया के जरिए गलत सूचना और अफवाहें भी फैल सकती हैं।

जैसे लखनऊ से मॉक ड्रिल का एक वीडियो सामने आया, जिसमें लोग सायरन बजते ही जमीन पर लेट रहे थे। कुछ ने इसे हल्के में लेकर सोशल मीडिया पर इस वीडियो को गलत संदर्भ में शेयर किया। जहां एक X पोस्ट में दावा किया गया कि मीडिया मॉक ड्रिल में घायलों के प्रति व्यवहार का "रिहर्सल" कर रही थी, जिसे मजाक में "बकलोली" कहा गया। ऐसे वीडियो न केवल मॉक ड्रिल के उद्देश्य को कमजोर करते हैं, बल्कि लोगों में डर और भ्रम भी पैदा कर सकते हैं। खासकर जब भारत-पाकिस्तान तनाव जैसे संवेदनशील मुद्दे पर बात हो, तो गलत सूचना युद्ध की अफवाहों को और हवा दे सकती है।

गलत सूचना का खतरा

  • अफवाहें फैलती हैं: लोग युद्ध की स्थिति को सच मान सकते हैं।
  • सुरक्षा पर असर: संवेदनशील जानकारी दुश्मन तक पहुंच सकती है।
  • जनता में भय: अनावश्यक डर और अस्थिरता बढ़ सकती है।

नागरिकों की जिम्मेदारी

केंद्र सरकार ने मॉक ड्रिल को गंभीरता से लिया है। गृह मंत्रालय ने 244 सिविल डिफेंस जिलों में अभ्यास के निर्देश दिए हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आतंकवादियों को मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा, और मॉक ड्रिल जनता को तैयार करने का हिस्सा है। नागरिकों की भी जिम्मेदारी है कि वे मॉक ड्रिल में हिस्सा लें और इसे गंभीरता से लें। वीडियो बनाकर सनसनी न फैलाएं। सोशल मीडिया पर शेयर किए गए वीडियो या किसी भी जानकारी पर भरोसा ना करें, केवल सरकार द्वारा जारी सूचनाओं पर ही भरोसा करें।

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