नई दिल्ली: बीजेपी का मिस्ड कॉल सदस्यता अभियान हाल ही में खत्म हुआ है और बीजेपी सदस्यों का मानना है कि भले ही ये सदस्य मिस्ड कॉल अभियान से बनाए गए हों, लेकिन इससे मुस्लिम सदस्यों की संख्या में अप्रत्याशित तौर पर उछाल आया है। देश भर में लगभग 30 लाख मुस्लिमों ने बीजेपी के सदस्य बने हैं।
पार्टी के नैशनल माइनॉरिटी सेल के चीफ अब्दुल राशिद अंसारी का कहना है कि, इससे पहले पार्टी में मुस्लिमों की असल संख्या को कभी आंका नहीं गया था, फिर भी मोटे तौर पर कहा जा सकता है कि अब यह पहले से दोगुनी हो गई है।
बीजेपी के माइनॉरिटी सेल की ओर से एक मीडिया चैनल को उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के मुताबिक जिन राज्यों में बीजेपी की सरकार है, वहां काफी ज्यादा संख्या में मुस्लिम सदस्य बने हैं।
राज्यवार बात करें तो बीजेपी को मध्य प्रदेश में 4 लाख, गुजरात में 2.6 लाख, दिल्ली में 2.5 लाख, पश्चिम बंगाल में 2.3 लाख, राजस्थान और असम में 2-2 लाख और यूपी में 1.75 लाख मुस्लिमों ने बीजेपी जॉइन करने के लिए मिस्ड कॉल की। हालांकि, बीजेपी के सामने अब असली चुनौती है।
सबसे पहले बीजेपी को पार्टी में मुस्लिमों की संख्या को तीन फीसदी से (कुल 10 करोड़ मेंबर्स में से) 10 फीसदी तक पहुंचाना है। इसके अलावा मिस्ड कॉल अभियान से जुड़े 30 लाख मुस्लिमों को संपर्क अभियान की मदद से बीजेपी का कार्यकर्ता बनाना है।
यूपी बीजेपी माइनॉरिटी सेल की चीफ रुमाना सिद्दिकी का कहना है कि प्रदेश में कभी भी बीजेपी के मुस्लिम सदस्यों का आंकड़ा 1 लाख नहीं पहुंचा था, और अब यह 1.75 लाख तक पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि 2013 के दंगों के बावजूद मुजफ्फरनगर से 15 हजार मुस्लिमों ने बीजेपी जॉइन की है।