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  5. यूपी के साथ-साथ अब इस राज्य में भी चुनाव लड़ेगी AAP, मनीष सिसोदिया ने किया ऐलान

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा, आम आदमी पार्टी 2022 का उत्तराखंड विधानसभा चुनाव लड़ेगी

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि उत्तराखंड में कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी दोनों से 'निराश' हो चुकी जनता को विकल्प देने के लिए AAP 2022 का राज्य विधानसभा चुनाव लड़ेगी।

IndiaTV Hindi Desk Edited by: IndiaTV Hindi Desk
Published on: December 18, 2020 23:33 IST
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Image Source : PTI FILE दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने शुक्रवार को कहा कि आम आदमी पार्टी 2022 का उत्तराखंड विधानसभा चुनाव लड़ेगी।

हरिद्वार: दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने शुक्रवार को कहा कि उत्तराखंड में कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी दोनों से 'निराश' हो चुकी जनता को विकल्प देने के लिए आम आदमी पार्टी (AAP) 2022 का राज्य विधानसभा चुनाव लड़ेगी। राज्य में संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से उत्तराखंड के दो दिवसीय दौरे पर आए सिसोदिया ने हरिद्वार में कहा कि उनकी पार्टी भ्रष्टाचार मुक्त व राज्य की जनता की भावनाओ के अनुरूप राज्य निर्माण के संकल्प के साथ 2022 के विधानसभा चुनाव में उतरेगी।

‘बीजेपी और कांग्रेस दोनों ने निराश किया है’

शहीदों के सपने के अनुकूल राज्य का निर्माण करने का आम आदमी पार्टी का संकल्प व्यक्त करते हुए सिसोदिया ने कहा, ‘राज्य की जनता सत्ता में बदलाव चाहती है क्योंकि भाजपा व कांग्रेस दोनो दलों ने राज्य की जनता को निराश किया है।’ उन्होंने कहा कि विकास को तरसती व भ्रष्टाचार से पीड़ित राज्य की जनता आम आदमी पार्टी की तरफ आशा भरी नजरों से देख रही है। हर की पौड़ी पर पूजा करने तथा सायंकालीन गंगा आरती में भाग लेने के बाद सिसोदिया ने कहा कि गंगा के दर्शन से उनमें एक नई ऊर्जा का संचार हुआ है। उन्होंने कहा कि ऐसी अनुभूति उन्हें अल्मोडा के प्रसिद्ध कैंची धाम में हुई थी।

‘यूपी का विकास गंदी राजनीति के चलते रुका’
इससे पहले दिल्ली के CM अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को कहा था कि AAP 2022 में होने वाला उत्तर प्रदेश विधानसभा का चुनाव लड़ेगी। पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक केजरीवाल ने यूपी की राजनीतिक पार्टियों पर निशाना साधते हुए ‘उन पर लोगों की पीठ में छुरा घोंपने’ का आरोप लगाया था। केजरीवाल ने कहा था कि यूपी का विकास वहां की ‘गंदी राजनीति’ और ‘भ्रष्ट नेताओं’ की वजह से रुक गया है। उन्होंने कहा था, ‘यूपी के लोगों को स्वास्थ्य और शिक्षा के लिए दिल्ली का रुख क्यों करना पड़ता है? कोई परिवार कानपुर में रहता है, उन्हें अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा के लिए दिल्ली भेजना पड़ता है। गोरखपुर में रहने वाले व्यक्ति को अपने अभिभावकों को अच्छा इलाज दिलाने के लिए दिल्ली आना पड़ता है।’