हैदराबाद: एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन औवेसी ने आज उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सूर्य नमस्कार और नमाज में समानता वाले बयान पर कहा कि इसका मकसद मुसलमानों को बेवकूफ बनाना है और यह काम नहीं करेगा।
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औवेसी ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य में बूचड़खानों के खिलाफ कार्रवाई से रोजगार के नुकसान जैसे मुद्दों का निदान करने के बजाय आदित्यनाथ बयान दे रहे हैं कि इसका किसी पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
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हैदराबाद से लोकसभा सांसद ने कहा, सूर्य नमस्कार और नमाज की मुद्राओं तथा रमजान और नवरात्रि में उपवास में समानता जैसे बयानों का मकसद मुसलमानों को बेवकूफ बनाना है। ये काम नहीं करेंगे। उन्होंने कहा, ये सभी संरक्षणवादी बयान हैं जिन्हें मुस्लिम समुदाय पिछले 55 साल से सुन रहा है। औवेसी ने कहा कि मुख्यमंत्री का पहला कर्तव्य इंसाफ करना है।
आदित्यनाथ ने हाल में कहा था कि सूर्य नमस्कार मुसलमानों द्वारा अदा की जाने वाली नमाज़ की तरह है और जो लोग योग के इस अभ्यास का विरोध करते हैं वे समाज को धार्मिक आधार पर विभाजित करना चाहते हैं।
औवेसी ने उत्तर प्रदेश में अवैध बूचड़खानों को बंद करने के फैसले की भी आलोचना की। उन्होंने कहा, मांस की बिक्री और वितरण के पेशे में 15 लाख लोग लगे हुए हैं और बूचड़खानों पर कार्रवाई करना उनके रोजगार को खतरे में डालना है। वह (आदित्यनाथ) क्यों उसका निदान नहीं कर रहे हैं? इसके बजाय, ये (सूर्य नमस्कार पर) बयान दिए जा रहे हैं। इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।