हैदराबाद: 24 घंटे के अंदर कम्युनिष्ट पार्टियों ने कांग्रेस को डबल झटका दिया है। कांग्रेस के साथ गठबंधन की संभावना से मार्क्सवदी कम्युनिष्ट पार्टी (CPM) द्वारा इनकार किए जाने के एक दिन बाद भारतीय कम्युनिष्ट पार्टी (CPI) ने भी गठबंधन को लेकर सस्पेंस बरकरार रखा है। CPI ने सोमवार को कहा कि उसने राहुल गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस पार्टी के साथ गठबंधन को लेकर अभी तक कोई फैसला नहीं किया है। दोनों पार्टियों के रुख से विपक्षी दलों को बीजेपी के खिलाफ एक मंच पर लाने की मुहिम को झटका लग सकता है।
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CPI महासचिव सुरवरम सुधाकर रेड्डी ने कहा कि उनकी पार्टी का आम तौर पर मत है कि सभी धर्मनिरपेक्ष दलों को एक बड़े मंच पर एकजुट होना चाहिए, लेकिन चुनावी गठबंधन एक अलग मामला है। रेड्डी ने कहा, ‘कांग्रेस के साथ चुनावी गठबंधन करने या न करने के बारे में हमने फैसला नहीं किया है। हमने ऐसा कोई निर्णय नहीं किया है। हम इसके बारे में चर्चा करेंगे।’ उन्होंने कहा, ‘CPM के प्रस्ताव (रविवार को स्वीकार किए गए) के बाद हम इस मुद्दे पर अपनी पार्टी के भीतर तथा CPM से भी चर्चा करेंगे।’
कांग्रेस के साथ गठबंधन करने के मार्क्सवादी कम्युनिष्ट पार्टी के महासचिव सीताराम येचुरी के प्रस्ताव को रविवार को पार्टी की केंद्रीय समिति ने खारिज कर दिया था। पार्टी ने कांग्रेस के साथ किसी भी गठबंधन की संभावना से इनकार किया गया था। गौरतलब है कि बीजेपी के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए अन्य विपक्षी दलों को एकजुट किए जाने की मांग विभिन्न दलों द्वारा उठती रही है, हालांकि अभी तक इसपर कोई ठोस फैसला नहीं हो पाया है।
(PTI/भाषा से इनपुट्स के साथ)