1. Hindi News
  2. भारत
  3. राजनीति
  4. अगले 5 सालों के भीतर हर घर में पहुंचेगा नल का जल: नीतीश कुमार

अगले 5 सालों के भीतर हर घर में पहुंचेगा नल का जल: नीतीश कुमार

 Written By: Bhasha
 Published : Jul 21, 2016 07:48 am IST,  Updated : Jul 21, 2016 07:48 am IST

पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य में नल के जरिए जलापूर्ति के 4-5 प्रतिशत से अधिक नहीं होने पर अफसोस जताते हुए आज कहा कि सरकार का इरादा अगले पांच सालों के भीतर

tap water- India TV Hindi
tap water

पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य में नल के जरिए जलापूर्ति के 4-5 प्रतिशत से अधिक नहीं होने पर अफसोस जताते हुए आज कहा कि सरकार का इरादा अगले पांच सालों के भीतर हर घर में नल का जल देने का है। मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित संवाद में लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) की 215,47 करोड रुपये की प्राक्कलित राशि से पूर्ण की गयी 75 ग्रामीण पाइप जलापूर्ति योजनाओं एवं 265 उर्जा चालित मिनी पाइप जलापूर्ति योजनाओं का रिमोट के माध्यम से समेकित उद्घाटन करते हुये नीतीश ने हर घर नल का जल देने के निश्चय की ओर एक महत्वपूर्ण शुरुआत की।

उन्होंने कहा कि आज भी बिहार में 4 से 5 प्रतिशत से ज्यादा नल का जल नहीं पहुंचाया जा सका है और पीएचईडी की जितनी योजनायें अभी तक स्वीकृत है, उसके कार्यान्वयन के बाद 22 प्रतिशत लोगों को नल का जल उपलब्ध हो सकेगा। नीतीश ने कहा कि यह बडा निश्चय है और इसके तहत बडे पैमाने पर सर्वेक्षण कार्य चल रहा है।

मुख्यमंत्री द्वारा आज उद्घाटित 75 ग्रामीण जलापूर्ति योजनायें 20 जिलों के 75 ग्राम पंचायतों में है और 3076 परिवार अपने घर में जलापूर्ति योजना से लाभान्वित है और लगभग दस हजार परिवार 1488 स्टैण्ड पोस्ट से स्वच्छ पेयजल प्राप्त कर रहे है। इसी प्रकार 265 मिनी पाइप जलापूर्ति योजनायें शुद्धिकरण संयंत्र के साथ लगायी गयी है। मुख्यमंत्री ने इन योजनाओं का बेहतर लाभ लोगों को मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार के सात निश्चय का प्रमुख अंग हर घर नल का जल अर्थात हर घर में नल का पानी पहुंचना है।

नीतीश ने कहा कि लोग ग्रामीण क्षेत्रों में जाने पर चर्चा करते थे कि जैसे शहरों में नल का जल उपलब्ध होता है, वैसे ही ग्रामीण क्षेत्रों में भी होना चाहिये। उन्होंने कहा कि पीएचईडी द्वारा जो आंकडे उन्हें उपलब्ध कराये गये है, उसके अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में 90 प्रतिशत जलापूर्ति चापाकल के माध्यम से तथा 8 प्रतिशत पाइप के माध्यम से उपलब्ध होता है किन्तु मात्र 2 प्रतिशत लोग ही पाइप के जल का उपयोग करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हर घर नल का जल योजना का क्रियान्वयन उन पंचायतों में जहां पीएचईडी की योजनायें स्वीकृत है, वहां इस विभाग के द्वारा तथा जिन पंचायतों में इसकी योजना स्वीकृत नहीं है वहां ग्राम पंचायतों को जिम्मेदारी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि हर घर नल का जल पहुंचाना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है पर पांच सालों के भीतर इस कार्य को कर देना है।

उन्होंने कहा कि वे पिछले दस वर्षों से प्रदेश में वर्षापात का विश्लेषण कर रहे हैं। दस वर्षों में दो वर्ष को छोडकर 1000 मिमी से नीचे वर्षा हुई है। अब वह स्थिति नहीं है कि राज्य में बहुत पानी है। वर्षापात कम होने से भूजल स्तर नीचे जा रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पांच जल गुणवत्ता चलित जांच प्रयोगशाला और चलित जल शुद्धिकरण संयंत्र जलदूत का भी लोकार्पण किया। इस अवसर पर लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा, विकास आयुक्त शिशिर सिन्हा, पीएचईडी की प्रधानसचिव अंशुली आर्या, मुख्यमंत्री के सचिव अतिश चंद्रा सहित कई अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Politics से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत