चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मंगलवार को कहा कि भारत को गलवान घाटी की घटना को गश्ती-टकराव मानकर खारिज करने की गलती नहीं करनी चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि भारत के इलाके में किसी भी चीनी घुसपैठ के खिलाफ कड़ा रुख अपनाना चाहिए। बता दें कि पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में 15 जून को चीनी सैनिकों के साथ हुई हिंसक झड़प में 20 भारतीय सैनिक शहीद हो गए थे। शहीद हुए इन सैनिकों में से 4 पंजाब के निवासी थे।
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‘चीनी किसी प्लानिंग पर काम कर रहे थे’
मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कहा कि गलवान घाटी हिंसा चीन की बड़ी योजना का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि घाटी में चीन द्वारा किया गया निर्माण यह दर्शाता है कि चीनी किसी प्लानिंग पर काम कर रहे थे। सेना के पूर्व कप्तान सिंह ने कहा, 'भारत क्षेत्र में अपनी एक इंच जमीन भी गंवाना बर्दाश्त नहीं कर सकता, जिसका दोनो पक्षों के लिए बड़ा रणनीतिक महत्व है। हम सभी ने अपने समय में पाकिस्तान और चीन के साथ भी टकराव देखा है और वास्तव में यह गश्ती-टकराव तो बिल्कुल नहीं है।'
‘हमें मजबूत रुख अख्तियार करना होगा’
कांग्रेस कार्यसमिति की वीडियो कांफ्रेंस के जरिए हुई बैठक के दौरान सिंह ने कहा, 'हमें एक मजबूत रुख अख्तियार करना पड़ेगा और हमें यह बिल्कुल स्पष्ट होना चाहिए कि यदि हम एक इंच भी जमीन गंवाते हैं तो हमें उन्हें जिम्मेदार ठहराना होगा।' बता दें कि कैप्टन अमरिंदर सिंह ने जून 1963 से लेकर दिसंबर 1966 तक भारतीय सेना में अपनी सेवाएं दी थीं। वह सिख रेजिमेंट में कमिशन हुए थे और उन्होंने 1965 के भारत-पाक युद्ध में भी हिस्सा लिया था।