Monday, March 02, 2026
Advertisement
  1. Hindi News
  2. विदेश
  3. अमेरिका
  4. अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट में खुलासा, गलवान घाटी में चीनी सरकार के इशारे पर हुआ था यह काम

अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट में खुलासा, गलवान घाटी में चीनी सरकार के इशारे पर हुआ था यह काम

Edited by: IndiaTV Hindi Desk Published : Jun 23, 2020 01:16 pm IST, Updated : Jun 23, 2020 01:16 pm IST

इस रिपोर्ट से यह स्‍पष्‍ट हो जाता है कि चीन इस हमले के जरिए भारत को अपनी ताकत का संदेश देना चाहता था। हालांकि चीन की यह योजना उल्‍टी पड़ गई और इस हिंसक झड़प में उसके 40 से ज्‍यादा सैनिक हताहत हो गए।

China ordered attack Indian troops in Galwan valley, says US Intelligence report- India TV Hindi
Image Source : FILE (PTI) China ordered attack Indian troops in Galwan valley, says US Intelligence report

वाशिंगटन: गलवान घाटी में हुए हिंसक झड़प को लेकर अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक चीन के वरिष्‍ठ जनरल ने अपने सैनिकों को गलवान घाटी में भारतीय सैनिकों पर हमले का आदेश दिया था। इस हमले में भारत के 20 सैनिक शहीद हो गए थे। इस हमले के बाद से ही भारत और चीन के बीच संबंध बेहद तनावपूर्ण हो गया है।

Related Stories

अमेरिकी रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि चीन के पश्चिमी थियेटर कमांड के प्रमुख जनरल झाओ जोंगकी ने गलवान घाटी हमले को मंजूरी दी थी। जनरल झाओ उन कुछ गिने चुने वरिष्‍ठ जनरल में शामिल हैं जो पीएलए में अभी भी सेवा दे रहे हैं। झाओ ने इससे पहले चेतावनी दी थी कि भारत, अमेरिका और उसके सहयोगियों के शोषण से बचने के लिए चीन को कमजोर नहीं दिखना चाहिए।

इस रिपोर्ट से यह स्‍पष्‍ट हो जाता है कि चीन इस हमले के जरिए भारत को अपनी ताकत का संदेश देना चाहता था। हालांकि चीन की यह योजना उल्‍टी पड़ गई और इस हिंसक झड़प में उसके 40 से ज्‍यादा सैनिक हताहत हो गए। दरअसल, चीन चाहता था कि इस कार्रवाई के जरिए भारत पर दबाव बनाया जाए ताकि वार्ता की मेज पर भारतीय पक्ष को दबाया जा सके।

वहीं अब कमांडर्स लेवल की बातचीत के बाद चीन झुक गया है। कल की बातचीत में दोनों देशों के बीच तनाव कम करने पर सहमति बनी है और जिन प्वाइंट को लेकर टेंशन है, उनसे दोनों सेनाएं पीछे हटेंगी। चीन के हिस्से में मोल्डो इलाके में दोनों सेनाओं के अधिकारियों के बीच करीब 12 घंटे चली इस बैठक के नतीजे सकारात्मक लग रहे हैं। इस मीटिंग के बाद सेना का बयान आया है।

इस मीटिंग में चीन अपने सैनिकों को पीछे हटाने पर राजी हो गया है और अप्रैल 2020 की स्थिति मेनटेन की जाएगी। भारत की ओर से लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह ने दो टूक कहा कि चीन को अपने बंकर्स हटाने होंगे, डिप्लॉयमेंट पीछे करना होगा। 

अगर चीन हिंसा करता है तो उस पर कार्रवाई करने की छूट भारत के पास है। इस बातचीत में चीन की ओर से कहा गया भारत रोड कंस्ट्रक्शन बंद करे और सैनिकों की तादाद कम करे। इस पर हरेंद्र सिंह ने कहा हम जो भी काम कर रहे हैं अपनी सीमा के अंदर कर रहे हैं।

Latest World News

Google पर इंडिया टीवी को अपना पसंदीदा न्यूज सोर्स बनाने के लिए यहां
क्लिक करें

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। US से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें विदेश

Advertisement
Advertisement
Advertisement