नई दिल्ली: भाजपा की वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी 17वीं लोकसभा में अस्थायी अध्यक्ष (प्रो-टर्म स्पीकर) बन सकती हैं। सत्रों ने बताया कि आठ बार की सांसद मेनका को यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जा सकती है।
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इस बार वह उत्तर प्रदेश की सुल्तानपुर लोकसभा सीट से निर्वाचित हुई हैं। मेनका इससे पहले की मोदी सरकार में महिला एवं बाल विकास मंत्री थीं। लोकसभा का अस्थायी अध्यक्ष सदन के नवनिर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलाता है। उसी के तहत ही लोकसभा अध्यक्ष का चुनाव भी होता है।
बता दें कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने आज नरेन्द्र मोदी को राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में आयोजित एक समारोह में प्रधानमंत्री पद की शपथ दिलाई। नरेन्द्र मोदी के भारत के प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के बाद उनके मंत्रिपरिषद के सदस्यों ने शपथ ली। मोदी मंत्री परिषद में कैबिनेट मंत्री के रूप में राजनाथ सिंह, अमित शाह, नितिन गडकरी, डी वी सदानंद गौड़ा, निर्मला सीतारमण, राम विलास पासवान, नरेन्द्र सिंह तोमर, रविशंकर प्रसाद, हरसिमरत कौर बादल, थावर चंद गहलोत, एस जयशंकर, रमेश पोखरियाल निशंक, अर्जुन मुंडा, स्मृति ईरानी और डा. हर्षवर्द्धन ने शपथ ली।
नई सरकार में सुषमा स्वराज, राज्यवर्द्धन सिंह राठौर और मेनका गांधी शामिल नहीं है।