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संसद के शीत सत्र का आज आखिरी दिन, सत्र बेकार चले जाने के करीब

 Written By: IANS
 Published : Dec 16, 2016 10:23 am IST,  Updated : Dec 16, 2016 10:24 am IST

नई दिल्ली: संसद का शीतकालीन सत्र बेकार चले जाने की ओर बढ़ रहा है। सत्र का समापन 16 दिसंबर को होने जा रहा है। एक माह के इस सत्र के समापन से एक दिन पहले

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नई दिल्ली: संसद का शीतकालीन सत्र बेकार चले जाने की ओर बढ़ रहा है। सत्र का समापन 16 दिसंबर को होने जा रहा है। एक माह के इस सत्र के समापन से एक दिन पहले गुरुवार को भी संसद के दोनों सदनों में हंगामे का ही वर्चस्व रहा। कोई कामकाज न हो सका। सत्तापक्ष और विपक्ष, दोनों के सदस्य नोटबंदी, भ्रष्टाचार और अन्य मुद्दों को लेकर एक-दूसरे पर आरोप लगाते रहे।

निचले सदन लोकसभा में विपक्ष नोटबंदी पर और सत्तापक्ष अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर सौदे पर चर्चा की मांग करता रहा।

दोनों सदनों में लगातार हंगामे से भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी को गुस्सा आ गया और उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है कि वह संसद से इस्तीफा दे दें, क्योंकि यह कभी खत्म न होने वाला 'नरक' बना हुआ है।

उन्होंने गृहमंत्री राजनाथ सिंह से कहा कि वह लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन को सूचित कर दें कि उन्हें शुक्रवार को आठ नवंबर की नोटबंदी पर चर्चा सुनिश्चित करनी चाहिए। हालांकि यह बात आडवाणी ने संसद की कार्यवाही स्थगित हो जाने के बाद कही।

लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया। जवाब में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्यों ने एक अखबार की क्लिपिंग दिखाते हुए नारेबाजी शुरू कर दी।

लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने सदन में समाचार पत्रों की क्लिपिंग दिखाने को लेकर चेतावनी दी। इसके बाद सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

दोपहर 12 बजे के बाद सदन की कार्यवाही एक बार फिर शुरू होने के बाद सत्तापक्ष और विपक्ष के सांसदों की नारेबाजी जारी रही। विपक्षी सांसदों ने चर्चा अवरुद्ध करने के लिए भाजपा सांसदों पर आरोप लगाए।

तेलंगाना राष्ट्र समिति के नेता ए.पी.जितेंद्र रेड्डी ने कहा कि उन्हें बोलने दिया जाना चाहिए, क्योंकि उन्होंने नियम 193 के तहत नोटबंदी पर चर्चा शुरू कर दी थी।

रेड्डी ने कहा, "नोटबंदी के क्रियान्वयन को लेकर हर पार्टी को समस्या है। मुझे बोलने नहीं दिया जा रहा।"

तृणमूल कांग्रेस के नेता सुदीप बंद्योपाध्याय ने कहा, "संसद का सत्र खत्म होने में सिर्फ एक दिन बचा है। बिना किसी नियमों के चर्चा शुरू की जा सकती है।"

संसदीय मामलों के मंत्री अनंत कुमार ने अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर घोटाले का मुद्दा उठाते हुए कहा कि बिचौलिये क्रिश्चियन मिशेल की डायरी में कांग्रेस के नेताओं का जिक्र है।

इससे विपक्षी सांसदों का विरोध और बढ़ गया। हंगामे के बाद लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी।

लोकसभा की कार्यवाही स्थगित होने के बाद भी सदन में बैठे रहे, जबकि अन्य सदस्य सदन से बाहर निकल गए।

मीडिया गैलरी से आडवाणी को यह कहते सुना गया कि मुझे इस्तीफा दे देने का मन कर रहा है।

आडवाणी ने कहा कि यदि यही स्थिति आखिरी दिन भी रही तो यह संसद पर एक कलंक होगा।

राज्यसभा में भी ऐसा ही उग्र नजारा दिखा। हंगामे के कारण सबसे पहले सदन की कार्यवाही गुरुवार को दोपहर तक के लिए स्थगित की गई इसके बाद जब दोबारा शुरू हुई तो कुछ ही मिनट बाद कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित करनी पड़ी। चार दिनों के अवकाश के बाद सदन की यह बैठक शुरू हुई थी।

सुबह 11 बजे जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई सभापति ने सदन में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद को बोलने की मंजूरी दी, लेकिन सत्तापक्ष के सांसदों ने उन्हें बोलने नहीं दिया।

आजाद ने कहा, "यह सदन के संज्ञान में होना चाहिए कि सत्तारूढ़ पार्टी दोनों सदनों में कामकाज नहीं करने दे रही है। ऐसा देश के इतिहास में पहली बार हो रहा है।"

उप सभापति पी.जे.कुरियन ने विरोध कर रहे सांसदों से लगातार शांति बनाए रखने का आग्रह किया, लेकिन किसी ने उनकी बात नहीं सुनी।

उन्होंने कहा, "मुझे समझ नहीं आ रहा कि दोनों पक्ष सदन की कार्यवाही में बाधा उत्पन्न क्यों कर रहे हैं?" उन्होंने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

कार्यवाही अपरान्ह 12.30 बजे शुरू होने के बाद सभापति हामिद अंसारी ने प्रश्नकाल का संचालन करना चाहा, लेकिन विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी करनी शुरू कर दी। कुछ सांसद उनके आसन के पास आ गए।

हंगामे के बीच अंसारी ने सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी। विपक्ष के सदस्य नोटबंदी पर बहस की मांग कर रहे थे और किसानों की गंभीर स्थिति पर चर्चा की मांग कर रहे थे जबकि सत्ता पक्ष अगस्तावेस्ट लैंड हेलीकॉप्टर सौद पर बहस की मांग कर रहा था।

पहले सदन की कार्यवाही दो बार पहले ही स्थगित हो चुकी थी। बाद में पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई।

संसद का शीतकालीन सत्र 16 नवंबर को शुरू हुआ था, लेकिन अब तक की कार्यवाही सरकार के नोटबंदी के फैसले पर हंगामे की भेंट चढ़ चुकी है।

संसद का मौजूदा सत्र 16 दिसंबर यानी शुक्रवार को समाप्त हो रहा है।

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