नई दिल्ली: कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने शनिवार को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की केंद्र सरकार पर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर रघुराम राजन के खिलाफ योजनाबद्ध तरीके से आक्षेप और आधारहीन आरोप लगाने की मुहिम चलाने का आरोप लगाया। चिदंबरम ने कहा कि वह निराश हैं, लेकिन राजन के कार्यकाल पूरा होने के बाद पद छोड़ने के फैसले से उन्हें कोई आश्चर्य नहीं हुआ है।
चिदंबरम ने एक बयान में कहा, "चार सितंबर, 2016 को कार्यकाल पूरा होने के बाद आरबीआई छोड़ने के रघुराम राजन के फैसले से मैं निराश हूं और पूरी तरह दुखी हूं, लेकिन मैं यह भी कहूंगा कि मुझे इससे जरा भी आश्चर्य नहीं हुआ।"
पूर्व केंद्रीय वित्तमंत्री ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार राजन की सेवा पाने के लायक नहीं है। चिदंबरम ने कहा, "सरकार ने इस स्थिति को एक जानेमाने शिक्षाविद एवं अर्थशास्त्री के खिलाफ एक योजनाबद्ध तरीके से आक्षेपों, आधारहीन आरोपों और बचकाने हमलों की मुहिम चलाकर लाया है। मैंने कुछ समय पहले कहा था कि यह सरकार राजन को रखने की पात्र नहीं है। हालांकि, इसमें भारत नुकसान में है।"
राजन ने आरबीआई में अपने सहयोगियों को लिखे पत्र में कहा है कि वह देश के केंद्रीय बैंक में अपने दूसरे कार्यकाल के लिए इच्छुक नहीं हैं और सितंबर में जब कार्यकाल समाप्त हो जाएगा तो वह शिक्षा जगत में लौट जाएंगे।