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- स्मृति ईरानी ने आज MIM नेता असदुद्दीन ओवैसी, शशि थरूर और ओमन चांडी को भी घेरा और इन नेताओं की सिफारिशी चिट्ठी भी दिखाई। ईरानी ने कहा कि ओवैसी ने पत्र लिखे। लेक्चरर के अप्वाइंटमेंट के लिए। ओमन चांडी, शशि थरूर ने कई निवेदन भेजे और उनके लैटर को आगे बढ़ाया। किसी से भेदभाव नहीं किया सबका काम किया।
- स्मृति ईरानी ने ये भी कहा कि जिस हैदराबाद यूनिवर्सिटी की एग्जीक्यूटिव काउंसिल ने रोहित वेमुला को यूनिवर्सिटी से निकाला, उस काउंसिल को यूपीए सरकार ने अप्वॉइंट किया था। उन्होंने कहा कि रोहित की मौत पर राजनीति की गई। एग्जीक्यूटिव कांउसिल ने कॉलेज की रोहित को बर्खास्त करने का फैसला लिया उसे यूपीए सरकार ने अपवाइंट किया था। दलित फैकल्टी मेंबर काउंसिल में थे। चीफ वॉर्डन भी दलित है।
- स्मृति ईरानी ने कहा कि उन्होंने 66 हजार दो सौ तीस समस्याएं सुनी और करीब 61 हजार समस्याएं सुलझाई। लोगों से उनकी जाती धर्म या वोट किसको दिया ये नहीं पूछा।
- रोहित वेमुला के बारे में बात करते हुए स्मृति ईरानी इमोशनल थीं लेकिन जेएनयू विवाद पर उन्होंने पूरे फैक्ट्स के साथ अपनी बात जोरदार तरीके से रखी। स्मृति ने कांग्रेस और राहुल गांधी को जवाब दिया। राहुल गांधी ने कहा था कि स्मृति ईरानी ने सभी युनिवर्सिटी में संघ से जुड़े वाइस चांसलरों को नियुक्त किया है। स्मृति ने राहुल को चुनौती देते हुए कहा कि अगर ये आरोप साबित हो जाए तो वो राजनीति से संन्यास ले लेंगी।
- स्मृति ने कहा कि राहुल गांधी कहते हैं कि शिक्षा का भगवाकरण हो गया ज्यादातर वीसी आरएसएस की सोच वाले हैं। उन्हें यह नहीं पता कि कई वीसी अबतक ऐसे हैं जिन्हें कांग्रेस ने नियुक्त किया। अगर कोई वीसी आकर यह कह दे कि मैंने भगवाकरण करने की कोशिश की सबूत के साथ कह दे, तो मैं राजनीति छोड़ दूंगी।
- स्मृति ने राहुल गांधी को जवाब देने के लिए अटलबिहारी वाजपेयी द्वारा कही गई बात का जिक्र किया। स्मृति ने कहा कि वाजपेयी ने राजनीतिक विरोधी होते हुए भी इंदिरा गांधी की तुलना देवी दुर्गा से की थी। स्मृति ने कहा कि इंदिरा गांधी को भी सत्ता से हटना पड़ा था लेकिन उनके बेटे राजीव गांधी ने कभी राष्ट्र विरोधी तत्वों की हिमायत नहीं की। स्मृति ईरानी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी जेएनयू विवाद का सियासी फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं। कांग्रेस पार्टी वोट बैंक पॉलिटिक्स के लिए इस मुद्दे का इस्तेमाल कर रही है।
- मोदी सरकार के विरोधी आरोप लगाते हैं कि सरकार देशभक्ति का सर्टिफिकेट बांटने की कोशिश कर रही है। स्मृति ईरानी ने विरोधियों को तीखा जवाब दिया। कहा कि वो किसी को देशप्रेम का सर्टिफिकेट नहीं देती हैं लेकिन किसी और को भी ये हक नहीं है कि वो उनकी देशभक्ति पर सवाल उठाए।
- स्मृति ने कहा कि जेएनयू में 9 फरवरी को जिस कार्यक्रम के दौरान देशविरोधी नारे लगे थे, उसकी बुकिंग उमर खालिद ने करवाई थी। उमर खालिद ने यूनिवर्सिटी प्रशासन से कहा था कि उस कार्यक्रम में कविता पाठ किया जाएगा लेकिन वहां देश को तोड़ने के नारे लगे। आतंकवादियों का समर्थन किया गया।
- स्मृति ईरानी ने कहा कि जेएनयू में देशद्रोह के आरोपी छात्रों पर कार्रवाई सरकार या गृह मंत्रालय ने नहीं की। खुद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने पूरी छानबीन के बाद उमर खालिद, अनिर्बान और उनके साथियों के खिलाफ एक्शन लिया उन्हें एकेडमिक एक्टिविटीज से सस्पेंड कर दिया।
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