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'व्यक्ति कभी धर्मनिरपेक्ष नहीं हो सकता...', भाजपा के स्थापना दिवस पर कार्यक्रम में बोले नितिन गडकरी

 Reported By: Yogendra Tiwari, Edited By: Subhash Kumar
 Published : Apr 06, 2026 04:19 pm IST,  Updated : Apr 06, 2026 04:44 pm IST

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भाजपा के स्थापना दिवस पर नागपुर में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि एक व्यक्ति कभी धर्मनिरपेक्ष नहीं हो सकता है। आइए जानते हैं कि गडकरी ने ऐसा क्यों कहा।

nitin gadkari on secularism- India TV Hindi
सेक्युलरिज्म पर बोले नितिन गडकरी। Image Source : PTI

भारतीय जनता पार्टी का स्थापना दिवस 6 अप्रैल को मनाया जा रहा है। इस अवसर पर नागपुर में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बड़ा बयान दिया है। नितिन गडकरी ने कहा है कि सरकार, राजा, सेक्युलर हो सकती है लेकिन एक व्यक्ति कभी सेक्युलर नहीं हो सकता। इस दौरान उन्होंने पूर्व पीएम इंदिरा गांधी और राजीव गांधी का भी जिक्र किया। गडकरी ने आगे ये भी कहा कि सभी धर्म का और सभी के विचारों का सम्मान होना चाहिए। आइए जानते हैं कि गडकरी ने इस मौके पर और क्या कुछ कहा।

गडकरी ने बताया सेक्युलर का मतलब

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि एक बार अटल विहारी वाजपेयी से पूछा गया कि क्या BJP का राज आयेगा तो सेक्युलरवाद समाप्त हो जायेगा, क्या इस देश के मुसलमानों को आप बाहर निकाल देंगे? तब अटल जी ने कहा था कि यह देश सेक्युलर है, सेक्युलर रहेगा। इसका कारण बीजेपी और आरएसएस नहीं है। इस देश का बहुत साक्ष्य हिंदू समाज है। उसका इतिहास संस्कृति, विरासत, उसकी सर्व समावेशिता है, वही भारतीय संस्कृति है। इसके कारण किसी भी धर्म के ऊपर अन्याय नहीं होता। इसका इंटरप्रिटेशन कुछ समय गलत किया जाता है। हमारे में से कुछ लोग अलग-अलग बातें कह देते हैं। हिंदू जाति नहीं, पंथ नहीं, धर्म नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने डेफिनेशन दिया है कि यह जीवन पद्धति है। इसलिए वह विशाल है और सबको समाने वाला है। सेक्युलर शब्द का लोकतंत्र में उल्लेख किया जाता है। सेक्युलर शब्द का अर्थ है, जो हम लोग समझते हैं, कहते हैं, वह है धर्मनिरपेक्षता। सब नेता यही बोलते हैं। आप घर में जाकर इंग्लिश डिक्शनरी निकालिए, उसमें सेक्युलर शब्द का अर्थ धर्मनिरपेक्षता नहीं है। अर्थ सर्वधर्म सद्भाव है।

व्यक्ती धर्मनिरपेक्ष नहीं हो सकता- नितिन गडकरी

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने आगे कहा कि सभी धर्मों का, सभी विचारों का सम्मान करना चाहिए। इसलिए सेक्युलर जो होता है उसका अर्थ होता है सर्वधर्म सम्भाव। एक बात जरूर है कि सरकार सेक्युलर होनी चाहिए, राजा सेक्युलर होना चाहिए, लेकिन व्यक्ती कभी धर्मनिरपेक्ष नहीं हो सकता। यदि होता तो  राजीव गांधी और इंदिरा गांधी की मृत्यु के बाद ब्राह्मणों को बुलाकर मंत्राग नहीं किया गया होता। सवाल यह है कि जब वो सेक्युलर थे, तो किस लिए ब्राह्मणों को बुलाया गया, क्यों विधि की गई? क्योंकि उनके साथ उनका धर्म जुड़ा हुआ था, वह स्वीकार करते थे। इसलिए आज हम हमको सर्वधर्म सम्भाव यानी सब धर्म का सम्मान करना है।

अंग्रेजों ने दिमाग में गलत बातें बैठाईं- गडकरी

गडकरी ने आगे कहा कि हमारा मुसलमान यदि मक्का मदीना जाता है तो तो उसे हिंदी मुसलमान कहते हैं, उसको हिंदी बोलते हैं। बीच मे अंग्रेजों के कार्यकाल में हमारे दिमाग में गलत बातें बैठा दी गई हैं। हमारे प्रति जो अप्रचार हुआ है, कि मुसलमान के विरोध में हैं, अल्पसंख्यक समाज के विरोध में हैं, हम जातिवादी हैं, इस प्रकार के जो आरोप होते हैं वह गलत है। इसलिए भारतीय जनता पार्टी में एक बात होती है, हमारे यहां जो भी अच्छा कार्य होता है, हम यह नहीं कहते कि हमारे परिवार का कल्याण हो, हमारी जात का कल्याण हो। हम कहते हैं कि विश्व का कल्याण हो, विश्व में सब लोग हैं, यही हमारी भारतीय संस्कृति है।

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