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'मैं स्ट्रीट फाइटर हूं, AC रूम का एक्टिविस्ट नहीं', इस्तीफे के बाद धर्मेंद्र प्रधान का पहला बयान

 Reported By: Pawan Nara Written By: Khushbu Rawal
 Published : Jul 27, 2026 03:40 pm IST,  Updated : Jul 27, 2026 03:54 pm IST

केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देने के बाद आज धर्मेंद्र प्रधान की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश को रिप्लाई करते हुए प्रधान ने कहा, आई एम ए स्ट्रीट फाइटर, नोट ए एसी रूम एक्टिविस्ट।

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पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान। Image Source : PTI

इस्तीफे के बाद पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पहला रिएक्शन आया है। धर्मेंद्र प्रधान ने कहा है कि वो स्ट्रीट फाइटर हैं, वो एसी रूम में बैठने वाले एक्टिविस्ट नहीं हैं। दरअसल, संसद भवन के कॉरिडोर में धर्मेंद्र प्रधान और कांग्रेस नेता जयराम रमेश के बीच मुलाकात हुई थी। पुराने दिन को याद करते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि जयराम रमेश ने अटल बिहारी वाजपेयी जी की गवर्नेंस की तारीफ की थी और मैं इन्हें ढूंढते हुए AICC दफ्तर चला गया था। फिर ये कॉमर्स मिनिस्टर बने और मैं सांसद बना मैं  इनके ऑफिस  में अपने  इलाके की मिर्ची के मुद्दे पर मिला मिला था। इस बीच जयराम ने कहा इट हैपन्स, जिसके जवाब में धर्मेंद्र प्रधान ने ये बात कही।

धर्मेंद्र प्रधान ने जयराम रमेश को रिप्लाई करते हुए कहा, ''नथिंग हैपन्स आई एम ए स्ट्रीट फाइटर, नोट ए एसी रूम एक्टिविस्ट।''

पेपर माफिया के खिलाफ 2024 के कानून और नए कानून में क्या अंतर?

इससे पहले सरकार ने पेपर लीक रोकने के लिए लोकसभा में सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक 2026 पेश किया। सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने इस बिल को पेश किया गया। आपको 2 साल पुराने 2024 के कानून और नया कानून में अंतर बताते हैं।

  • एंटी पेपर लीक कानून में अलग वर्ग के लिए अलग प्रावधान हैं, जैसे कोई अकेला शख्स दोषी है तो उसके लिए अलग प्रावधान हैं। अगर कोई संगठित गिरोह का सदस्य है तो उसके लिए अलग प्रावधान हैं।
  • एंटी पेपर लीक में सिर्फ संगठित गिरोह के मेंबर्स के लिए कठोर सजा का प्रावधान नहीं किया गया है बल्कि सर्विस प्रोवाइडर फर्म यानि जो बॉयोमैट्रिक और प्रश्न पत्र के ट्रांसपोर्ट में शामिल एजेंसियां हैं अगर उसके सदस्य या डायरेक्टर या प्रबंधन के सीनियर मैनेजर या कोई और दोषी पाया जाता है तो उसे पहले 5 साल तक की सजा मिलती थी, जिसे बढ़ाकर 10 साल कर दिया गया है। साथ ही जुर्माने की राशि 1 करोड़ से बढ़ाकर 5 करोड़ दी गई है।

'पहली बार किसी मंत्री ने बिना किसी आरोप के इस्तीफा दिया'

वहीं, आपको बता दें कि शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद धर्मेंद्र प्रधान आज जब सोमवार को पहली बार संसद भवन पहुंचे तो NDA सांसदों ने उनका स्वागत किया। इस दौरान धर्मेंद्र प्रधान के चेहरे पर मुस्कान थी। इस पर एक सांसद ने कहा पहली बार है जब किसी मंत्री ने बिना किसी आरोप के ही इस्तीफा दे दिया।

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