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पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के सीनियर नेता वीरप्पा मोइली ने सक्रिय राजनीति से संन्यास की घोषणा की, इस सीट से चाहते थे टिकट

 Published : Apr 09, 2024 11:49 pm IST,  Updated : Apr 09, 2024 11:54 pm IST

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री वीरप्पा मोइली चिक्कबल्लापुर से लोकसभा का चुनाव लड़ना चाहते थे लेकिन अचानक संन्यास की घोषणा से सियासी गलियारों में चर्चाओं का बाजार गरम हो गया है।

Veerappa Moily- India TV Hindi
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री वीरप्पा मोइली Image Source : PTI/FILE

बेंगलुरु: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री वीरप्पा मोइली ने सक्रिय राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा की है। हालांकि, उन्होंने चिक्कबल्लापुर लोकसभा सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार रक्षा रमैया के लिए काम करने का आश्वासन दिया। नवंबर 1992 से दिसंबर 1994 तक कर्नाटक के मुख्यमंत्री रहे मोइली ने चिक्कबल्लापुर में सक्रिय राजनीति से संन्यास की घोषणा की। 

इस सीट से टिकट चाहते थे मोइली

कांग्रेस नेता मोइली (84) चिक्कबल्लापुर से लोकसभा टिकट के इच्छुक थे। उन्होंने मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वह कांग्रेस कार्यकर्ता के रूप में रमैया के लिए काम करेंगे। मोइली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन-दो सरकार में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस सहित विभिन्न विभागों के मंत्री थे।

रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के समय आए थे चर्चा में 

अयोध्या में रामलला की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर देश के प्रधानमंत्री ने कठिन व्रत रखा था। पीएम मोदी ने प्राण प्रतिष्ठा से पहले 12 से 22 जनवरी तक 11 दिनों का कठिन अनुष्ठान किया था और इस दौरान उन्होंने सिर्फ नारियल पानी का ही सेवन किया था। प्राण प्रतिष्ठा संपन्न होने के बाद उन्होंने विधिवत चरणामृत लेकर व्रत तोड़ा था। पीएम मोदी के इस अनुष्ठान को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री मोइली ने विवादित बयान दिया था।

वीरप्पा मोइली ने तंज कसते हुए कहा था कि अगर ऐसा हुआ है तो ये किसी चमत्कार से कम नहीं है। मोइली ने कहा था कि अगर पीएम ने धर्म अनुष्ठान नहीं किया है तो उन्होंने गर्भ गृह को अपवित्र कर दिया है। मैं जब एक डॉक्टर के साथ मॉर्निंग वॉक कर रहा था तो उन्होंने मुझे बताया कि इस तरह से एक इंसान का जिंदा बचना संभव नहीं है, अगर वो जिंदा हैं तो ये कोई चमत्कार ही है, इसीलिए मुझे शक है कि उन्होंने व्रत रखा होगा। अगर उन्होंने बिना व्रत रखे गर्भ गृह में प्रवेश किया है तो वो अपवित्र हो गया है वहां से ऊर्जा का संचार होना संभव नहीं है। (इनपुट: भाषा से भी) 

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