Highlights
- ब्रिक्स समिट में जिनपिंग का बड़ा बयान
- मिडिल ईस्ट में शांति का प्रयास करें
- ट्रंप की टैरिफ का विरोध करें
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने आज नई दिल्ली में सदस्य देशों के शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए ब्रिक्स (BRICS) समूह से मध्य पूर्व के संघर्ष में शांतिदूत की भूमिका निभाने का आग्रह किया। सरकारी टीवी चैनल CCTV के मुताबिक, शी ने कहा कि चीन इस भूमिका में अन्य ब्रिक्स सदस्यों के साथ मिलकर काम करेगा, क्योंकि यह युद्ध "अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के साझा हितों के अनुरूप नहीं है"। उन्होंने कहा कि चीन अगले साल ब्रिक्स की अध्यक्षता संभालेगा और 19वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा।
शी जिनपिंग ने युद्ध को लेकर क्या कहा
चीनी सरकारी मीडिया के अनुसार, ब्रिक्स समिट में उन्होंने कहा, "चीन, मिडिल ईस्ट और खाड़ी क्षेत्र में शांति और स्थिरता लाने में अपनी उचित भूमिका निभाने के लिए ब्रिक्स के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर काम करने को तैयार है। इस युद्ध के कारण पूरे क्षेत्र के लोगों को भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स देशों को हर तरह के संरक्षणवाद को खारिज कर देना चाहिए। उन्होंने सदस्य देशों से संप्रभुता के उल्लंघन का विरोध करने का आग्रह किया।
ट्रंप टैरिफ पर क्या बोले जिनपिंग
सात साल के अंतराल के बाद भारत आए शी जिनपिंग ने ब्रिक्स देशों से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने का आग्रह किया और इस नई तकनीक के माध्यम से नए औद्योगीकरण को आगे बढ़ाने के लिए एक पहल का प्रस्ताव रखा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए दंडात्मक टैरिफ का जिक्र करते हुए, चीनी राष्ट्रपति ने ब्रिक्स देशों से मनमाने टैरिफ का विरोध करने और हर तरह के संरक्षणवाद को खारिज करने का आग्रह किया।
सात साल बाद भारत आए शी जिनपिंग
- 2019 में भारत आए थे शी जिनपिंग
- चेन्नई के मामल्लापुरम में हुई थी मोदी-जिनपिंग की मुलाकात
- जिनपिंग आखिरी बार अक्टूबर 2019 में भारत आये थे
- मोदी और जिनपिंग चेन्नई के पास महाबलीपुरम में मिले थे
- जून 2020 में गलवान में दोनों देश आमने सामने आ गए
- दोनों देशों ने सीमा पर सैनिकों की तैनाती बढ़ा दी, रिश्ते ख़राब हो गए
- अक्टूबर 2024 में कजान में ब्रिक्स समिट में मोदी जिनपिंग मिले
- अगस्त 2025 में तियानजिन में SCO बैठक में मोदी और जिनपिंग की मुलाक़ात हुई
- मोदी ने जिनपिंग को तभी 2026 के BRICS समिट के लिए भारत आने का न्योता दिया था.
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