प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम के बरपेटा में चुनावी सभा के दौरान कहा कि इस चुनाव में कांग्रेस की हार की सेंचुरी लगेगी। उन्होंने कहा कि असम की जनता ने इस बार दो काम पक्के कर लिए हैं। एक तो इस बार असम में भाजपा-एनडीए की हैट्रिक लगेगी और दूसरा काम, कांग्रेस के शाही परिवार के नामदार जो दिल्ली में बैठे हैं, उनकी हार की सेंचुरी का रिकॉर्ड भी असम के लोग ही बनवाएंगे। उन्होंने बीजेपी के स्थापना दिवस पर हर कार्यकर्ता और पार्टी से जुड़े हर व्यक्ति को दिल से बधाई दी। उन्होंने कहा कि बीजेपी के लोग नेशन फर्स्ट के मंत्र के साथ मां भारती की सेवा में समर्पित हैं। उनका संकल्प आत्मनिर्भर भारत बनाने का है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कभी जनता के बीच अपना रिपोर्ट कार्ड लेकर नहीं जाती। जबकि बीजेपी सरकार, साफ नीयत से जनता को बताती है कि हमने जनता की सेवा के लिए क्या किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम के लोगों से कहा कि उनका वोट इस बार विकसित असम के निर्माण की नींव को और मजबूत करने वाला है। बीजेपी असम को उस बुलंदी की तरफ लेकर जा रही है, जिसके असम के लोग हकदार हैं। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, "कांग्रेस में हमेशा लंबे समय का विजन नहीं रहा। उनका ध्यान करप्शन करने के लिए शॉर्ट-टर्म फायदे पर था। विकसित असम के लक्ष्य के साथ, हम विकसित भारत के बड़े विजन की दिशा में भी काम कर रहे हैं। इस विजन के साथ, पिछला दशक पूरी तरह से असम को डर और अस्थिरता से बाहर निकालने के लिए समर्पित था। पिछला दशक असम की पहचान बचाने के बारे में था। अगला दशक असम को आत्मनिर्भर बनाने और इसकी पहचान को ग्लोबल स्टेज पर ले जाने के बारे में होगा।"
किसानों के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरा
पीएम मोदी ने कहा, "2014 के पहले के 10 वर्षों में जब कांग्रेस सत्ता में थी, तब देश के धान किसानों को एमएसपी के सिर्फ 4 लाख करोड़ रुपए मिले थे। लेकिन 2014 के बाद के 10 वर्षों में धान किसानों को हमारी सरकार ने 16 लाख करोड़ रुपये दिए हैं। साफ है कांग्रेस कभी धान किसानों का भला नहीं कर सकती। 2013 में जब केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी, तब धान का एमएसपी मात्र 1,300 रुपए/क्विंटल था। आज धान का एमएसपी करीब 2,370 रुपए/क्विंटल है और असम की भाजपा सरकार अपनी तरफ से भी इसमें वृद्धि करती है।" महिला आरक्षण को लेकर उन्होंने कहा, "विकसित भारत बनाने के लिए विधानसभा में और संसद में महिलाओं की भूमिका हो, ये बहुत जरूरी है, इसलिए हमारी सरकार ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित किया था। इसमें महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण तय हुआ है। देश की बहन बेटियों ने 40 साल तक इसका इंतजार किया है। इसलिए जरूरी है 2029 के लोकसभा चुनाव से ही महिलाओं को ये हक मिले। इसके लिए कानून में संशोधन आवश्यक है। इसलिए 16 अप्रैल से सरकार ने संसद का एक विशेष सत्र बुलाया है। हमने देश की सभी पार्टियों से इसकी चर्चा की है। हमने सभी से कहा है कि आइए, देश की बहनों बेटियों के हक से जुड़े इस काम को सर्वसम्मति से आगे बढ़ाएं।"
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