1. Hindi News
  2. भारत
  3. राजनीति
  4. 'नेताओं को अंडे फेंके जाने से नहीं डरना चाहिए', महुआ मोइत्रा की याचिका सुप्रीम कोर्ट ने ठुकराई

'नेताओं को अंडे फेंके जाने से नहीं डरना चाहिए', महुआ मोइत्रा की याचिका सुप्रीम कोर्ट ने ठुकराई

 Written By: Vineet Kumar Singh
 Published : Aug 07, 2026 09:30 pm IST,  Updated : Aug 07, 2026 09:30 pm IST

सुप्रीम कोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जांच में पेश होने की याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि नेताओं को विरोध या अंडे फेंके जाने की आशंका से नहीं डरना चाहिए। हाईकोर्ट के निर्देशानुसार उन्हें 14 अगस्त को जांच अधिकारी के सामने पेश होना होगा।

Mahua Moitra, Supreme Court India, Kolkata High Court- India TV Hindi
सुप्रीम कोर्ट से महुआ मोइत्रा को बड़ा झटका लगा है। Image Source : PTI

Highlights

  • सुप्रीम कोर्ट ने महुआ मोइत्रा की वर्चुअल पूछताछ की मांग खारिज कर दी।
  • अदालत बोली- राजनीति में हैं तो जनता के विरोध से डरना नहीं चाहिए।
  • हाईकोर्ट का आदेश बरकरार, 14 अगस्त को जांच अधिकारी के सामने होना होगा पेश।

नई दिल्ली: तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने एक कथित विवादित फेसबुक पोस्ट से जुड़े मामले में जांच अधिकारी के सामने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश होने की इजाजत मांगी थी। महुआ का कहना था कि अगर वह पुलिस स्टेशन पहुंचीं तो उन पर अंडे फेंके जा सकते हैं, इसलिए उन्हें वर्चुअल तरीके से जांच में शामिल होने की इजाजत दी जाए। जस्टिस दीपांकर दत्ता और शील नागू की पीठ ने इस दलील को स्वीकार करने से इनकार कर दिया।

'स्वतंत्रता सेनानियों ने गोलियों का सामना किया था'

सुनवाई के दौरान अदालत ने कड़ी मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि जो व्यक्ति राजनीति में आता है, उसे ऐसे विरोधों से डरना नहीं चाहिए। कोर्ट ने कहा कि देश की आजादी के लिए स्वतंत्रता सेनानियों ने गोलियों का सामना किया था, ऐसे में आज के नेताओं को अंडे फेंके जाने की आशंका के आधार पर जांच से बचने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी साफ किया कि केवल आशंका के आधार पर किसी आरोपी को जांच अधिकारी के सामने शारीरिक रूप से पेश होने से छूट नहीं दी जा सकती, खासकर जब जांच के लिए उसकी मौजूदगी जरूरी हो। अदालत ने महुआ मोइत्रा को राहत देने से इनकार करते हुए कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश में दखल देने से भी मना कर दिया।

पहले कलकत्ता हाईकोर्ट गई थीं महुआ मोइत्रा

इससे पहले महुआ मोइत्रा ने कलकत्ता हाईकोर्ट का रुख किया था। हाईकोर्ट ने उन्हें 14 अगस्त को जांच अधिकारी के सामने पेश होकर जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया था। साथ ही राज्य सरकार को उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कहा था। हाईकोर्ट ने यह भी आदेश दिया था कि 5 अक्टूबर तक उनके खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई न की जाए, जिससे उन्हें गिरफ्तारी जैसी कार्रवाई से अंतरिम राहत मिली हुई है। यह मामला महुआ मोइत्रा की एक सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़ा है। आरोप है कि उन्होंने पश्चिम बंगाल में नेताओं पर अंडे फेंकने की घटनाओं को लेकर फेसबुक पर विवादित टिप्पणी की थी।

महुआ मोइत्रा ने फेसबुक पर क्या लिखा था?

पोस्ट में कथित तौर पर उन्होंने लिखा था कि जो लोग अंडे फेंक रहे हैं, वे अपनी पहचान छिपाने के लिए बुर्का पहन लें। इसी टिप्पणी को लेकर उनके खिलाफ हेट स्पीच का मामला दर्ज किया गया। बता दें कि पश्चिम बंगाल में विपक्षी नेताओं और तृणमूल कांग्रेस के बीच लगातार टकराव का माहौल रहा है और नेताओं पर विरोध के दौरान अंडे फेंके जाने की घटनाएं भी सामने आती रही हैं। महुआ मोइत्रा ने इसी आशंका का हवाला देकर वर्चुअल पेशी की मांग की थी। हालांकि अदालत ने साफ कर दिया कि लोकतंत्र में सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों को विरोध का सामना करना पड़ता है और केवल ऐसी आशंकाओं के आधार पर जांच प्रक्रिया से छूट नहीं दी जा सकती।

ये भी पढ़ें: अभिषेक बनर्जी के बाद अब महुआ मोइत्रा, बंगाल में 'अंडा पॉलिटिक्स' पर TMC-BJP में ठन गई, किसने क्या कहा?

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Politics से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत