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VK Singh ने Pegasus रिपोर्ट पर New York Times को कहा ‘सुपारी मीडिया’

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Jan 29, 2022 06:04 pm IST,  Updated : Jan 29, 2022 06:04 pm IST

इस खबर के सामने आने के बाद कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी सहित कई अन्य विपक्षी नेताओं ने सरकार को कटघरे में खड़ा करने की कोशिश शुरू कर दी है।

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केंद्रीय मंत्री वीके सिंह। Image Source : PTI FILE

Highlights

  • केंद्रीय मंत्री वीके सिंह ने New York Times की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े किए।
  • नागर विमानन राज्य मंत्री सिंह ने ट्वीट कर कहा, क्या आप एनवाईटी पर भरोसा कर सकते हैं?
  • विपक्षी दलों ने पिछले साल संसद में सरकार पर जासूसी का आरोप लगाते हुए हंगामा किया था।

नयी दिल्ली: केंद्रीय मंत्री वीके सिंह ने शनिवार को पेगासस स्पाईवेयर से संबंधित खबर के कारण ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ को ‘सुपारी मीडिया’ करार दिया। इसके साथ ही सिंह ने New York Times की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े किए। बता दें कि अमेरिकी समाचार पत्र ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ ने अपनी एक खबर में दावा किया है कि 2017 में भारत और इजराइल के बीच हुए लगभग 2 अरब डॉलर के अत्याधुनिक हथियारों एवं खुफिया उपकरणों के सौदे में Pegasus स्पाईवेयर तथा एक मिसाइल प्रणाली की खरीद मुख्य रूप से शामिल थी।

विपक्ष ने सरकार को कटघरे में खड़ा करने की कोशिश की

इस खबर के सामने आने के बाद कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी सहित कई अन्य विपक्षी नेताओं ने सरकार को कटघरे में खड़ा करने की कोशिश शुरू कर दी है। ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ की खबर पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सड़क परिवहन और राजमार्ग तथा नागर विमानन राज्य मंत्री सिंह ने ट्वीट कर कहा, ‘क्या आप एनवाईटी पर भरोसा कर सकते हैं? उसे ‘सुपारी मीडिया’ के रूप में जाना जाता है।’ इस मामले पर पिछले साल खासा विवाद हुआ था और विपक्षी दलों ने संसद में सरकार पर जासूसी का आरोप लगाते हुए हंगामा किया था। हालांकि सरकार ने इन आरोपों का खंडन किया था।

सुप्रीम कोर्ट ने बनाई थी विशेषज्ञों की एक कमिटी
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने इजरायली स्पाईवेयर ‘पेगासस’ के जरिए भारतीय नागरिकों की कथित जासूसी के मामले की जांच के लिए पिछले साल अक्टूबर में विशेषज्ञों की एक समिति का गठन किया था। कुछ अंतरराष्ट्रीय मीडिया समूहों के एक संगठन ने दावा किया था कि कई भारतीय नेताओं, मंत्रियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, कारोबारियों और पत्रकारों के खिलाफ पेगासस का कथित तौर पर इस्तेमाल किया गया।

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