UP विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण को लेकर बसपा प्रमुख मायावती ने साधा योगी सरकार पर निशाना, जानिए क्या कुछ कहा?

Mayawati on Yogi Government: मायावती ने कहा कि यह अभिभाषण जन उपेक्षा जैसा है, क्योंकि जनहित व विकास के भारी-भरकम सरकारी दावों की सार्थकता व उपयोगिता तभी होती जब वे जमीनी हकीकत से थोड़ा भी मेल खाते हुए जनता को दिखाई पड़ते।

Malaika Imam Edited by: Malaika Imam @MalaikaImam1
Published on: May 24, 2022 19:01 IST
Mayawati on Yogi Government- India TV Hindi News
Image Source : PTI Mayawati on Yogi Government

Highlights

  • राज्यपाल के अभिभाषण पर मायावती की प्रतिक्रिया
  • 'राज्य सरकार को पूरी तरह कलीन चिट दे दी गई'
  • यह अभिभाषण जन उपेक्षा जैसा है- मायावती

Mayawati on Yogi Government: उत्तर प्रदेश विधानसभा में सोमवार को राज्यपाल की ओर से दिए गए अभिभाषण पर प्रतिक्रिया देते हुए बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) प्रमुख मायावती ने मंगलवार को कहा कि जनहित एवं विकास के भारी-भरकम सरकारी दावों की सार्थकता व उपयोगिता तभी होती जब वे जमीनी हकीकत से थोड़ा भी मेल खाते हुए जनता को दिखाई पड़ते। 

बसपा की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि उत्तर प्रदेश में 18वीं विधानसभा के सत्र की शुरुआत पर सदन के संयुक्त अधिवेशन में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण में सोमवार को राज्य सरकार को पूरी तरह कलीन चिट दे दी गई। बयान के अनुसार, इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते बसपा अध्यक्ष मायावती ने मंगलवार को कहा कि यह अभिभाषण जन उपेक्षा जैसा है, क्योंकि जनहित व विकास के भारी-भरकम सरकारी दावों की सार्थकता व उपयोगिता तभी होती जब वे जमीनी हकीकत से थोड़ा भी मेल खाते हुए जनता को दिखाई पड़ते।

उन्होंने कहा कि अगर उत्तर प्रदेश सरकार राज्यपाल के माध्यम से जनहित, जनकल्याण और जनसुरक्षा आदि से जुड़ी कड़वी वास्तविकताओं का भी थोड़ा संज्ञान लेती तो लोगों को अच्छे दिन की कुछ उम्मीद बंधती, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बयान के अनुसार, मायावती ने कहा कि कुछ लोगों के अच्छे दिन जरूर आ गए हैं और उनके लिए कानून कोई मायने नहीं रखता है। उन्होंने कहा कि महंगाई, गरीबी, बेरोजगारी, अराजकता, जातिवाद, साम्प्रदायिकता, भ्रष्टाचार, गुंडागर्दी, माफिया, बदतर कानून-व्यवस्था से जनता परेशान है। इसमें कहा गया है कि बसपा प्रमुख के अनुसार, सरकार को व्यापक जनहित, जनकल्याण एवं विकास के काम करके दिखाना होगा। 

'सदन में राज्यपाल के खिलाफ नारे लगाना उचित नहीं है'

बयान में उन्होंने कहा, ''सदन में राज्यपाल के खिलाफ नारे लगाना उचित नहीं है, क्योंकि राज्यपाल महोदया को वही लिखा हुआ पढ़ना था, जो सरकार ने उन्हें पढ़ने के लिए दिया था, इसलिए अभिभाषण पर चर्चा के दौरान सरकार को घेरना ठीक होगा।" उन्होंने कहा कि राजभवन को भी ध्यान रखना चाहिए कि राज्य सरकार जनहित के मामले में प्राथमिकता के आधार पर सही फैसले ले। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने सोमवार को विधानसभा में अपने अभिभाषण में पिछली सरकार (2017—2022) की उपलब्धियों की चर्चा करते हुए कहा था, ''पूर्व की भांति मेरी सरकार प्रदेशवासियों को पारदर्शी व जवाबदेह शासन और ईमानदार व संवेदनशील प्रशासन उपलब्ध कराने के लिए तत्पर रहेगी।''

उन्होंने कहा था, ''प्रधानमंत्री की प्रेरणा से लोक कल्याण संकल्प पत्र-2022 (चुनावी घोषणा पत्र) के माध्यम से प्रदेश की जनता से वादे किए गए हैं। मेरी सरकार इन वादों को पूरा करने के लिए कृत संकल्पित है और इन्हें पूरा करने के लिए तेजी से कार्य किया जा रहा है।''

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