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मां लक्ष्मी को प्रिय है ये रत्न, पहनने से होती है धन की वर्षा, बस इन नियमों का करना है पालन

ज्योतिष में कई रत्न की जानकारी हमें मिलती है। इन्हीं रत्नों में से एक ऐसा भी है जो माता लक्ष्मी को अतिप्रिय है और जिसे धारण करने से आपको धन लाभ प्राप्त होता है। आज हम आपको इसी रत्न के बारे में जानकारी देंगे।

Written By: Naveen Khantwal
Published : Dec 13, 2024 06:00 am IST, Updated : Dec 13, 2024 01:11 pm IST
Lakshmi Mata - India TV Hindi
Image Source : SOCIAL लक्ष्मी माता

ज्योतिष विज्ञान में ग्रहों की स्थिति को मजबूत करने के लिए कई रत्न पहनने की सलाह दी जाती है। हर रत्न किसी न किसी देवी देवता और ग्रह से जुड़ा होता है। इन रत्नों में एक ऐसा रत्न भी है जो आपके धन से जुड़ी सभी समस्याओं को दूर कर सकता है। माना जाता है कि, ये रत्न धन की देवी माता लक्ष्मी को अतिप्रिय है। नियमों का पालन करते हुए अगर इस रत्न को पहना जाए तो, लक्ष्मी माता आप पर धन की वर्षा कर सकती हैं। आज हम आपको इसी रत्न के बारे में जानकारी देंगे। 

माता लक्ष्मी को प्रिय है ये रत्न

ज्योतिष शास्त्र में कई रत्न और उप रत्नों की जानकारी हमें मिलती है। इन रत्नों को पहनने से कई तरह के लाभ भी हमको मिलते हैं। इन्हीं रत्नों में से एक है माता लक्ष्मी का प्रिय रत्न स्फटिक इसे अंग्रेजी में क्वार्ट्ज (Quartz) कहा जाता है। इस रत्न को पहनने के क्या-क्या नियम हैं, और कैसे लाभ इसे पहनने से आपको प्राप्त हो सकते हैं, आइए विस्तार से जानते हैं। 

पहनने के नियम 

हर रत्न की तरह स्फटिक को पहनने के भी कुछ नियम है। ज्योतिष शास्त्र की मानें तो यह रत्न कर्क, मिथुन, वृषभ और तुला राशि को सबसे ज्यादा फायदा पहुंचाता है। हालांकि, अन्य राशियों को भी ये लाभ देता है, लेकिन इसे पहनने से पहले आपको एक बार योग्य ज्योतिष से सलाह मशवरा अवश्य कर लेना चाहिए। ज्यादातर जिन लोगों की कुंडली में शुक्र दोष होता है, उन्हें स्फटिक धारण करने की सलाह दी जाती है। इस पहनने के नियम नीचे बताए गए हैं। 

  • इस रत्न को शुक्रवार या बुधवार के दिन ही धारण करना चाहिए। 
  • इसे धारण करने से पहले गंगाजल से रत्न को शुद्ध अवश्य करें। 
  • स्फटिक को शुद्ध करने के बाद इसे माता लक्ष्मी के चरणों में रखना चाहिए। 
  • इसके बाद आपको श्रीसूक्त का पाठ करना चाहिए। या फिर माता लक्ष्मी के मंत्र 'ऊं श्रीं लक्ष्म्यै नमः' का 11 बार जप करना चाहिए।
  • अंत में माता लक्ष्मी के चरणों में रखे स्फटिक रत्न को उठाकर आप इसे धारण कर सकते हैं। इसे आप उंगली में भी पहन सकते हैं और गले में भी।
  • स्फटिक रत्न धारण करने वालों को साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि माता लक्ष्मी को गंदगी पसंद नहीं है। 
  • इसके साथ ही लक्ष्मी मां के प्रिय रत्न स्फटिक को पहनने वाले व्यक्ति को शुक्रवार के दिन लक्ष्मी पूजन या फिर कम से कम लक्ष्मी जी का ध्यान अवश्य करना चाहिए। 

स्फटिक रत्न पहनने के लाभ   

  • स्फटिक धारण करने का सबसे बड़ा लाभ तो यह है कि, इसे धारण करने वाले पर माता लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है। 
  • इसके साथ ही धन से जुड़ी बड़ी से बड़ी समस्या इस रत्न को धारण करने से दूर होती है। कर्जों से आप मुक्ति पाते हैं। 
  • स्फटिक धारण करने से शुक्र भी मजबूत होता है, इसलिए आपको वैवाहिक और प्रेम जीवन में भी अच्छे रिजल्ट मिलते हैं। 
  • इस रत्न को धारण करने से मन शांत रहता है और शारीरिक रूप से भी आप स्वस्थ रहते हैं। 
  • पारिवारिक खुशियों की प्राप्ति भी आपको स्फटिक धारण करने से प्राप्त होती है। 
  • यानि यह रत्न आपके जीवन में कई सकारात्मक बदलाव लेकर आ सकता है। 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।) 

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