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PFRDA ने बैंकों को दी NPS मैनेजमेंट के लिए पेंशन फंड बनाने की मंजूरी, चेक करें डिटेल्स

 Edited By: Sunil Chaurasia
 Published : Jan 01, 2026 08:35 pm IST,  Updated : Jan 01, 2026 08:35 pm IST

नई स्लैब-बेस्ड स्ट्रक्चर में सरकारी और गैर-सरकारी क्षेत्र के ग्राहकों के लिए अलग-अलग दरें होंगी और ये विविध योजना प्रारूप (एमएसएफ) के तहत आने वाली योजनाओं पर भी लागू होगी।

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सरकारी और गैर-सरकारी क्षेत्र के ग्राहकों के लिए अलग होंगी दरें Image Source : FREEPIK

पेंशन रेगुलेटर PFRDA ने गुरुवार को बैंकों को NPS (नेशनल पेंशन सिस्टम) के लिए पेंशन फंड स्थापित करने की अनुमति दे दी। ये कदम प्रतिस्पर्धा बढ़ाने और ग्राहक हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है। मौजूदा नियमों के तहत बैंकों के पेंशन फंड के प्रायोजन में भागीदारी सीमित है। पेंशन फंड वो मध्यस्थ होता है जो एनपीएस के सदस्य से योगदान प्राप्त करता है, उसका संचय करता है और नियमों के हिसाब से भुगतान करता है। पीएफआरडीए ने एक बयान में कहा, "बोर्ड ने अनुसूचित बैंकों को स्वतंत्र रूप से पेंशन फंड स्थापित करने की रूपरेखा को सैद्धांतिक मंजूरी दी है ताकि पेंशन परिवेश मजबूत हो, प्रतिस्पर्धा बढ़े और ग्राहकों के हित सुरक्षित हों।” 

बैंकों के लिए अलग से जारी की जाएगी पात्रता मानदंड की विस्तृत जानकारी

बयान के मुताबिक, नई रूपरेखा में बैंकों के लिए नेट ऐसेट्स, मार्केट कैप और फाइनेंशियल स्टेबिलिटी और सेफ मैनेजमेंट जैसे स्पष्ट एलिजिबिलिटी क्राइटीरिया शामिल हैं ताकि सिर्फ मजबूत वित्तीय स्थिति वाले और प्रणालीगत दृष्टि से सक्षम बैंक ही पेंशन फंड प्रायोजित कर सकें। पीएफआरडीए ने कहा कि पात्रता मानदंड की विस्तृत जानकारी अलग से जारी की जाएगी और ये नए एवं मौजूदा पेंशन फंड दोनों पर लागू होगी। फिलहाल, पेंशन नियामक के पास 10 पेंशन फंड रजिस्टर्ड हैं। इसके अलावा, पीएफआरडीए ने 1 अप्रैल, 2026 से पेंशन फंड के इंवेस्टमेंट मैनेजमेंट फीस स्ट्रक्चर को भी संशोधित किया है। 

सरकारी और गैर-सरकारी क्षेत्र के ग्राहकों के लिए अलग होंगी दरें

नई स्लैब-बेस्ड स्ट्रक्चर में सरकारी और गैर-सरकारी क्षेत्र के ग्राहकों के लिए अलग-अलग दरें होंगी और ये विविध योजना प्रारूप (एमएसएफ) के तहत आने वाली योजनाओं पर भी लागू होगी। हालांकि, 0.015 प्रतिशत सालाना नियामकीय शुल्क पहले की तरह जारी रहेगा। नियामक ने कहा कि इन सुधारों से ग्राहक और हितधारकों को ज्यादा प्रतिस्पर्धी और मजबूत एनपीएस परिवेश तक पहुंच मिलेगी, जिससे दीर्घकालिक सेवानिवृत्ति परिणाम और वृद्धावस्था आय सुरक्षा में सुधार होगा। 

एनपीएस ट्रस्ट के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में नियुक्त किए गए 3 नए ट्रस्टी

इसके साथ ही, पीएफआरडीए ने एनपीएस ट्रस्ट के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में तीन नए ट्रस्टी नियुक्त किए हैं। इनमें एसबीआई के पूर्व चेयरमैन दिनेश कुमार खारा, यूटीआई एएमसी की पूर्व कार्यकारी उपाध्यक्ष स्वाति अनिल कुलकर्णी और डिजिटल इंडिया फाउंडेशन के प्रमुख अरविंद गुप्ता शामिल हैं। इसके साथ खारा को एनपीएस ट्रस्ट के निदेशक मंडल का चेयरपर्सन भी नियुक्त किया गया है। फिलहाल 9 करोड़ से ज्यादा लोग एनपीएस के सदस्य हैं और 31 अगस्त तक ये 15.5 लाख करोड़ रुपये का मैनेजमेंट कर रहा था।

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