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खाना पानी के लिए मचा है हाहाकार, सड़कों पर बिछ गईं हैं लाशें, जानें ईरान में क्यों मचा है बवाल?

 Edited By: Kajal Kumari @lallkajal
 Published : Jan 01, 2026 11:51 pm IST,  Updated : Jan 03, 2026 11:42 pm IST

ईरान में पिछले चार दिनों से सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी है। आज प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच हिंसक झड़प हो गई जिसमें कई लोगों की मौत का दावा किया जा रहा है। जानें ईरान में क्यों मचा है बवाल?

ईरान में विरोध प्रदर्शन- India TV Hindi
ईरान में विरोध प्रदर्शन Image Source : AP

ईरान में नए साल का स्वागत विरोध प्रदर्शन से हुआ। वैसे तो ईरान में हुकूमत के ख़िलाफ़ नौजवानों का विरोध प्रदर्शन पिछले चार दिन से चल रहा है, लेकिन आज साल के पहले दिन तेहरान से लेकर ईरान के दूसरे शहरों में भी लाखों लोग एक साथ सड़कों पर उतरे। ईरान की राजधानी तेहरान के अलावा, इस्फ़हान, यज़्द, कोहदस्त, ज़ंजन और फ़ासा शहरों में भी हज़ारों लोगों ने सड़कों पर उतरकर ईरान कि हुकूमत के ख़िलाफ़ अपना विरोध जताया। ईरान में लोग लगातार बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और इकोनॉमी की खस्ता हालत के ख़िलाफ़ प्रोटेस्ट कर रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि प्रदर्शनकारियों और सरकारी सुरक्षा बलों ने एक-दूसरे पर गोलियां चलाई हैं, जिसके बाद कई लोगों की मौत की खबर भी सामने आ रही है।

कई इलाकों में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई, कोहदस्त शहर में भीड़ ने पुलिस के जवानों पर हमला कर दिया, हमले में एक पुलिसवाले की मौत हो गई, जबकि 10 से ज़्यादा घायल हो गए। इन प्रदर्शनों की वजह से ईरान में तख्ता पलट का खतरा बढ़ गया है।

ईरान में क्यों हो रहे विरोध प्रदर्शन

अमेरिका और पश्चिमी देशों ने ईरान के खिलाफ तमाम तरह की पाबंदियां लगा रखी हैं, इसका असर अब ईरान की अर्थव्यवस्था पर दिख रहा है। लोगों को नौकरी नहीं मिल रही है, कमाई के साधन खत्म हो रहे हैं, मंहगाई बढ़ रही है और हालत ये है कि लोगों के पास खाने का सामान तक खरीदने के लिए भी पैसे नहीं हैं, इसलिए अब ईरान की जनता की सड़कों पर हैं। 

असल में 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद से ही अमेरिका और यूरोपीय देशों ने ईरान पर प्रतिबंध लगाए हुए हैं। बराक ओबामा ने न्यूक्लियर डील के बाद ईरान पर से कुछ आर्थिक पाबंदियां हटाई थीं। लेकिन, डॉनल्ड ट्रंप ने 2018 में फिर से प्रतिबंध लगा दिए थे, पांबदियों की वजह से ईरान की माली हालत ख़स्ता हो गई है। इसी साल जून में ईरान और इज़राइल के बीच 12 दिनों तक युद्ध चला था। आख़िरी दिन अमेरिका ने भी ईरान के एटमी ठिकानों पर बमबारी की थी। उसके बाद, ईरान ने न्यूक्लियर सेक्टर में इंटरनेशनल संगठनों के साथ सहयोग बंद कर दिया।

इसके बाद अमेरिका और यूरोपीय देशों ने ईरान पर नए sanctions लगा दिए, इसकी वजह से ईरान की currency रियाल की क़ीमत बहुत गिर गई है। जो अमेरिकी डॉलर एक साल पहले क़रीब आठ लाख रियाल में मिल रहा था, वो अब लगभग 15 लाख रियाल का हो चुका है।

चार दिनों से ईरान में मचा है बवाल

चार दिन पहले राजधानी तेहरान से शुरू हुआ था। सबसे पहले तेहरान के कोरोबारियों ने बिजनेस की ख़राब होती हालत के ख़िलाफ़ प्रोटेस्ट मार्च निकाला। इसके बाद, व्यापारियों के विरोध प्रदर्शन में तेहरान यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स भी शामिल हो गए, फिर प्रोटेस्ट की ये आग दूसरे शहरों में फैल गई और अब पूरे ईरान में प्रदर्शनकारी सड़कों पर हैं। 

इसी तरह ईरान के दक्षिणी सूबे फ़ार्स के फ़ासा शहर में नाराज़ लोगों ने गवर्नर के दफ़्तर पर अटैक कर दिया, जिससे गवर्नर ऑफ़िस को काफ़ी नुक़सान पहुंचा है। भीड़ को गवर्नर ऑफिस के भीतर घुसने से रोकने के लिए। सुरक्षा बलों को गोली चलानी पड़ी, जिसमें कई लोगों के मारे जाने की आशंका है। इससे लोगों की नाराजगी और ज्यादा बढ़ गई। हालांकि, ईरान की सरकार दावा कर रही है कि पुलिस ने आत्मरक्षा में फायरिंग की। 

 

महंगाई दर आसमान पर, पीने के पानी की किल्लत

ईरान में इस समय महंगाई की दर 50 परसेंट है, इसके अलावा ईरान की राजधानी तेहरान और दूसरे शहरों पानी की भी भारी क़िल्लत है, बांध सूख रहे हैं, जिससे बिजली सप्लाई पर भी बुरा असर पड़ा है।अब जनता के गुस्से को देखकर ईरान की सरकार भी बैकफुट पर है। आज ईरान की सरकार ने कहा कि उसे लोगों की फिक्र है, सरकार प्रदर्शनकारियों की बात सुन रही है और जनता के मसलों को जल्दी से जल्दी सुलझाने की कोशिश कर रही है।

ईरान के राष्ट्रपति ने अमेरिका पर लगाया बड़ा आरोप

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियां ने मान लिया कि देश की माली हालत सुधरना उनके बस की बात नहीं हैं, वो कोई चमत्कार नहीं कर सकते। राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान के लोगों को जमीनी हकीकत मालूम है।लेकिन कुछ ताकतें ईरान के दुश्मन मुल्कों की साजिश में साथ दे रही हैं और.ये विरोध प्रदर्शन उसी साजिश का हिस्सा हैं। ईरान के प्रेसिडेंट ने कहा कि जो हो रहा है वो अमेरिका के इशारे पर हो रहा है। अमेरिका जैसे देश ईरान को लगातार कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन ईरान, किसी के आगे झुकने वाला मुल्क नहीं है। ईरान के राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान इस वक़्त full scale war लड़ रहा है, इसलिए, देश के लोगों को एकजुट रहने की ज़रूरत है।

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