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PoK में मुनीर की फौज का खूनी एक्शन! प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग, 8 लोगों की मौत का दावा

 Written By: Niraj Kumar @nirajkavikumar1
 Published : Jul 15, 2026 04:22 pm IST,  Updated : Jul 15, 2026 04:56 pm IST

PoK में 27 जुलाई को होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। विरोध प्रदर्शन के बीच रावलकोट और सुधनोती के बीच प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग की खबर है।

पीओके में प्रदर्शन - India TV Hindi
पीओके में प्रदर्शन Image Source : X/@JAAC__OFFICIAL

श्रीनगर/मुजफ्फराबाद: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में विधानसभा चुनाव से पहले हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। यहां मुनीर की फौज प्रदर्शनकारियों पर कहर बनकर टूट रही है। विरोध करने वालों की आवाज दबाने की कोशिश हो रही है। प्रदर्शनकारियों पर गोलियां बरसाई जा रही हैं। अब तक 8 लोगों की मौत का दावा किया जा रहा है। वहीं मुजफ्फराबाद में आज एक बड़ा जनमार्च का आयोजन किया जा रहा है।

रावलकोट और सुधनोती के बीच फायरिंग का दावा

पाक के कब्जे वाले कश्मीर में चुनाव विरोधी आंदोलन के बीच रावलकोट और सुधनोती के बीच प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग किए जाने की खबर है। स्थानीय स्तर पर किए गए दावों के मुताबिक इस कार्रवाई में 8 प्रदर्शनकारियों की मौत हुई है जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र तौर पर पुष्टि नहीं हो सकी है।

मुजफ्फराबाद कूच रोकने के लिए फायरिंग

बताया जा रहा है कि बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी मुजफ्फराबाद कूच के लिए जमा हुए थे। इसी दौरान सुरक्षा बलों ने रावलकोट बस स्टैंड के आसपास प्रदर्शनकारियों को रोकने के की कोशिश की। सुरक्षा बलों की ओर से प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले दागे गए और फायरिंग भी की गई। सरकार के खिलाफ इस प्रदर्शन में महिलाओं की भी बड़ी संख्या शामिल होने की बात कही जा रही है।

12 रिजर्व सीटों को लेकर आंदोलन क्यों?

दरअसल, पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में पिछले कई सप्ताह से चुनावी व्यवस्था के विरोध में आंदोलन जारी है। PoK में  विधानसभा की कुल 53 सीटे हैं जिसमें 12 सीटें उन कश्मीरी शरणार्थियों के लिए आरक्षित हैं जो PoK में नहीं, बल्कि पाकिस्तान के अन्य शहर जैसे लाहौर, कराची, रावलपिंडी में रहते हैं।  प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इन लोगों के दम पर इस्लामबाद की सरकार PoK में कठपुतली सरकार थोप देती है जो उन्हें मंजूर नहीं है। आंदोलनकारी इस व्यवस्था में बदलाव की मांग कर रहे हैं।

36 दिनों से जारी आंदोलन, 80 से ज्यादा मौतों का दावा

PoK में पाकिस्तान की सरकार के खिलाफ लोगों में गुस्सा काफी बढ़ गया है। पिछले 36 दिनों से लोग सड़क पर हैं और शहबाज-मुनीर को खुली चुनौती दे रहे हैं। आंदोलन का नेतृत्व करने वाले संगठनों का दावा है कि पिछले 36 दिनों के दौरान 80 से अधिक प्रदर्शनकारियों की मौत हुई है और सैकड़ों नेताओं व कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है। साथ ही इंटरनेट और मोबाइल सेवाएं बाधित होने के भी आरोप लगाए गए हैं। इन दावों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। पाकिस्तान के कब्जs वाले कश्मीर में 27 जुलाई को चुनाव होना है। 

सैकड़ों नेता और कार्यकर्ता गिरफ्तार

पीओके में आंदोलन करनेवाले सैकड़ों नेताओं और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया जा चुका है। यहां इंटरनेट सेवा पूरी तरह ठप्प है। मोबाइल नेटवर्क को बंद कर दिया गया है। बिजली और आटा मांगने पर सामने से गोली मारी जा रही हैय़ PoK में मुनीर की बर्बरता का भारत ने भी विरोध किया है। भारत ने PoK के लोगों पर हो रहे अत्याचारों को बंद करने की अपील की है।

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