जम्मू: जम्मू से एक दिल को छू लेने वाली खबर सामने आई है। यहां एक 45 साल की महिला जो बोलने और सुनने में सक्षम नहीं है, उसने अपने बेटे की मदद से 10वीं क्लास की परीक्षा पास की है। महिला का नाम रेनू हंस है और आज उनकी हर तरफ चर्चा हो रही है।
रेनू के बेटे ने बताई मां की कहानी
रेनू हंस के बेटे नमन कौल ने बताया, "मां अपने दोस्तों और साथियों के साथ कई जगहों पर जाती थीं लेकिन उन्हें लगता था कि वह वो काम क्यों नहीं कर सकतीं जो उनके दोस्त कर रहे हैं, जैसे अगर उनके दोस्त नौकरी पा रहे हैं तो वह ऐसा क्यों नहीं कर सकतीं?"
नमन बताते हैं, "मां ने जब मुझसे अपनी बात कही तो मैं अलग-अलग स्कूलों में गया और इनफॉरमेशन ली। इसके बाद जब मैं बोर्ड के पास गया, तो मुझे JKOS - जम्मू-कश्मीर स्टेट ओपन स्कूलिंग नाम की एक स्कीम के बारे में पता चला। इसलिए, मैंने मां का फॉर्म भरा, फीस जमा की और उनका एडमिशन करवा दिया।"
नमन ने बताया, "मैं भी स्कूल जाता था तो जब मैं शाम को स्कूल से लौटता था तो मां को कुछ समय जरूर देता था और उनकी पढ़ाई में उनकी मदद करता था। इसके बाद मां को जो भी दिक्कत पढ़ने में होती थी, मैं उनको खत्म करता था और उनके सारे डाउट क्लीयर करता था। जब मां का रिजल्ट बढ़िया आया तो हम सब खुश हो गए।"
नमन ने बताया, " हमारे सभी रिश्तेदारों और दोस्तों ने मां को बधाई दी है और अपना आशीर्वाद भी दिया है।"
रेनू के जज्बे की हो रही तारीफ
45 साल की उम्र में घर की जिम्मेदारियों को उठाते हुए और घर का सारा काम करते हुए 10वीं क्लास की पढ़ाई करना कोई आसान काम नहीं है। ये पढाई इसलिए भी जम्मू की रेनू के लिए ज्यादा चुनौतीपूर्ण थी क्योंकि वह न ही सुन सकती हैं और न ही बोल सकती हैं। इसके बावजूद उन्होंने 10वीं की पढ़ाई करने की ठानी और अपने बेटे से ट्यूशन पढ़ी। बचपन में हर बेटा, कभी न कभी अपनी मां से जरूर पढ़ता है लेकिन ये मामला हैरान करने वाला है, जहां खुद स्कूल जाने वाले बेटे ने अपनी मां को पढ़ाया। (इनपुट- PTI)
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