1. Hindi News
  2. जम्मू और कश्मीर
  3. कश्मीर में दरगाहों पर तहरी बांटने और पक्षियों को दाना डालने पर वक्फ बोर्ड ने लगाई रोक, घाटी में छिड़ा नया विवाद

कश्मीर में दरगाहों पर तहरी बांटने और पक्षियों को दाना डालने पर वक्फ बोर्ड ने लगाई रोक, घाटी में छिड़ा नया विवाद

 Reported By: Manzoor Mir,  Written By: Dhyanendra Chauhan
 Published : Sep 14, 2026 10:04 pm IST,  Updated : Sep 14, 2026 10:11 pm IST

जम्मू-कश्मीर वक्फ बोर्ड की चेयरपर्सन डॉक्टर दरख्शां अंद्राबी ने सोशल मीडिया पर दरगाहों पर तहरी बांटने और पक्षियों को दाना डालने को लेकर एक पोस्ट लिखा। ये पोस्ट वायरल हो गया। इसको लेकर घाटी में नई बहस छिड़ी हुई है।

दाना चुगते कबूतर- India TV Hindi
दाना चुगते कबूतर Image Source : REPORTER INPUT

जम्मू-कश्मीर में एक नया विवाद तब शुरू हुआ, जब वक्फ बोर्ड ने अपने सभी धार्मिक स्थलों के अंदर तहरी (चावल का ढेर) बांटने और पक्षियों को दाना डालने पर रोक लगा दी। इस फैसले से पूरी घाटी में गरमागरम बहस छिड़ गई है। जम्मू-कश्मीर में दरगाहों पर तहरी, नज़र-ओ-नियाज़ बांटने और पक्षियों को दाना डालने को लेकर पैदा हुए विवाद पर राजनीतिक नेताओं, भक्तों और समुदाय के लोगों ने गुस्सा जताया है। उनका कहना है कि कश्मीर में सदियों पुरानी धार्मिक परंपराओं को इस तरह नहीं रोका जा सकता कि इससे लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचे।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ पोस्ट

यह विवाद तब शुरू हुआ, जब जम्मू-कश्मीर वक्फ बोर्ड की चेयरपर्सन डॉक्टर दरख्शां अंद्राबी का दरगाहों पर तहरी बांटने और पक्षियों को दाना डालने को लेकर किया गया कमेंट सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस कमेंट पर लोगों के एक वर्ग ने रिएक्शन दिया, जिन्होंने तर्क दिया कि दरगाहों पर खाना चढ़ाना और पक्षियों को दाना डालना आस्था, भक्ति और परंपरा से जुड़ा है। 

बाद में किया स्पष्ट

हालांकि, लोगों के गुस्से के बाद, अंद्राबी ने बाद में स्पष्ट किया कि तहरी पर पूरी तरह से रोक नहीं है, बल्कि यह रोक सिर्फ़ दरगाह परिसर में इसे लाने और बांटने पर लागू है। उन्होंने कहा कि भक्त नज़र-ओ-नियाज़, तहरी और दूसरी चीज़ें लाना जारी रख सकते हैं, लेकिन उन्हें दरगाह परिसर के बाहर तय शेड और जगहों पर ही ऐसा करना चाहिए। अंद्राबी ने कहा कि इस व्यवस्था का मकसद धार्मिक रस्मों में दखल देने के बजाय दरगाह की साफ़-सफ़ाई और पवित्रता बनाए रखना है।

पक्षियों का दाना डालना एक पुरानी परंपरा

सदियों से चली आ रही इस परंपरा और विश्वास के बारे में बात करते हुए भक्तों ने कहा कि मुश्किल समय चावल या तहरी बांटना और पक्षियों को दाना डालना कई लोगों के लिए एक पुरानी परंपरा है। “जब भी हम मुश्किलों का सामना करते हैं, तो यहां पीला चावल बांटना या पक्षियों को दाना डालना एक परंपरा है। इससे हमें संतुष्टि भी मिलती है।” 

उन्होंने कहा कि लोगों ने सालों से इस परंपरा को जारी रखा है और अक्सर तोहफ़े के तौर पर जो कुछ भी वे ला सकते हैं, लाते हैं। इंद्राबी की सफाई के बावजूद, इस विवाद ने इस बात पर एक बड़ी बहस छेड़ दी है कि भक्तों की भावनाओं को ठेस पहुंचाए बिना दरगाहों पर धार्मिक रस्मों को कैसे मैनेज किया जाना चाहिए। 

बेहतर सफ़ाई और मैनेजमेंट ही इसका हल- ट्रंबू

पीडीपी नेता इकबाल ट्रंबू ने कहा कि वह सदियों पुरानी रस्मों को रोकने से सहमत नहीं हैं, उनका तर्क है कि बेहतर सफ़ाई और मैनेजमेंट ही इसका हल होना चाहिए। ट्रंबू ने कहा, "मैं सच में उनकी बात से सहमत नहीं हूं।"  उन्होंने कहा कि पक्षियों को दाना डालना और खाना बांटना जैसी रस्में दुनियाभर के धार्मिक स्थलों पर देखी जाती हैं। उन्होंने कहा, "अगर आप मक्का और मदीना जाएंगे, तो आप देखेंगे कि वहां भी पक्षियों को दाना डाला जाता है।"

सैकड़ों सालों से दरगाहों के आसपास चली आ रही परंपराएं

उन्होंने कहा कि ऐसी ही परंपराएं सैकड़ों सालों से दरगाहों के आसपास चली आ रही हैं। ट्रंबू के अनुसार, ऐसी प्रथाओं से बहुत सारी धार्मिक भावनाएँ जुड़ी होती हैं और उन्हें रोकने के बजाय, अधिकारियों को उन्हें मैनेज करने पर ध्यान देना चाहिए।

चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रेसिडेंट तारिक ने कहा कि वक्फ बोर्ड चेयरपर्सन की बातों से लोगों की भावनाएं जरूर आहत हुई हैं, लेकिन यह साफ है कि तहरी या प्रसाद बांटने पर पूरी तरह रोक नहीं है। तारिक ने कहा, “मुझे लगता है कि वक्फ बोर्ड के बयान को गलत तरीके से पेश किया गया है। उनका मतलब गंदगी फैलाना नहीं था।” 

दुनिया में कोई भी हमें ऐसा करने से नहीं रोक सकता- तारिक 

उन्होंने कहा कि भक्तों को तहरी या छिलके वाले चावल बांटने की इजाजत मिलनी चाहिए, और यह भी पक्का किया जाना चाहिए कि इस काम से सफाई की कोई समस्या न हो। बेदाबा ने पक्षियों को दाना खिलाने को एक धार्मिक काम बताया। उन्होंने कहा, “पक्षियों को दाना खिलाना हमारे धर्म का हिस्सा है। दुनिया में कोई भी हमें ऐसा करने से नहीं रोक सकता।” उन्होंने भक्तों को यह भी सलाह दी कि वे पक्षियों को दाना कहां खिला रहे हैं, इस बारे में सावधान रहें।

ये भी पढ़ें: 

LoC के पास हाथ से तिरंगा बना रही हैं 140 महिलाएं, सेना की मदद से बदल रही जिंदगी, PM मोदी भी कर चुके हैं जिक्र

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। जम्मू और कश्मीर से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।