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अमरनाथ यात्रा: आतंकवाद पर आस्था की जीत! अब तक 4 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन, जानें क्या बोले ले. गवर्नर

 Reported By: Manzoor Mir Edited By: Niraj Kumar
 Published : Jul 31, 2025 07:57 pm IST,  Updated : Jul 31, 2025 07:59 pm IST

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि रिकॉर्ड संख्या में दर्शन और देश-विदेश से भक्तों का आगमन भारत की एकता और चुनौतियों पर विजय पाने के उसके संकल्प का प्रमाण है।

Manoj Sinha- India TV Hindi
मनोज सिन्हा, ले. गवर्नर, जम्मू-कश्मीर Image Source : PTI

श्रीनगर: एक बार फिर आतंकवाद पर आस्था की जीत हुई है। इस साल 3 जुलाई से शुरू हुई पवित्र अमरनाथ यात्रा में दर्शन करनेवाले श्रद्धालुओं की संख्या आज 4 लाख का आंकड़ा पार कर गई है। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल ने इसे चमत्कार बताया है। 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद श्रद्धालुओं द्वारा दिखाई गई आस्था भारत की एकता की मजबूती का प्रमाण है। इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आना वास्तव में भगवान शिव का एक बड़ा चमत्कार माना जा रहा है।

उपराज्यपाल ने सभी का जताया आभार

'बाबा अमरनाथ असंभव को संभव बनाते हैं। उनके आशीर्वाद से पवित्र यात्रा आज 4 लाख का आंकड़ा पार कर गई। उपराज्यपाल ने इसे 'चमत्कार' बताया.और कहा मैं इस चमत्कार के लिए भगवान शिव को नमन करता हूं। इस पवित्र तीर्थयात्रा को भक्तों के लिए एक दिव्य अनुभव बनाने में शामिल सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त करता हूं।

यह परमानंद की एक अद्वितीय यात्रा

ईश्वरीय यात्रा "अतुलनीय है, इसलिए नहीं कि यह कठिन और चुनौतीपूर्ण है, बल्कि इसलिए कि यह परमानंद की एक अद्वितीय यात्रा है", यह एक आध्यात्मिक अनुभव है और भक्तों को स्वयं को जानने का अवसर देता है, गहरा विश्वास प्रदान करता है और उनके हृदय को असीम कृतज्ञता से भर देता है।"

आध्यात्मिक विरासत को मज़बूत किया

उपराज्यपाल ने कहा कि रिकॉर्ड संख्या में दर्शन और देश-विदेश से भक्तों का आगमन भारत की एकता और चुनौतियों पर विजय पाने के उसके संकल्प का प्रमाण है। उन्होंने कहा, "मैं उन श्रद्धालुओं का आभारी हूं जिन्होंने अपार आस्था दिखाई है और हमारी अमूल्य आध्यात्मिक विरासत को मज़बूत किया है।"

3 जुलाई को शुरू हुई थी यात्रा

इस वर्ष की यात्रा 3 जुलाई को शुरू हुई थी और 9 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा के दिन समाप्त होगी। इस वर्ष अब तक चार लाख भक्तों द्वारा यात्रा करना, आतंक पर आस्था की जीत का प्रमाण है। इस वर्ष की यात्रा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई है क्योंकि यह 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद हो रही है। इस हमले में पाकिस्तान समर्थित लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के आतंकवादियों ने 25 पर्यटकों और एक स्थानीय नागरिक सहित 26 नागरिकों की हत्या कर दी थी। 28 जुलाई को श्रीनगर के दाचीगम एरिया में ऑपरेशन महादेव में पहलगाम हमले के तीन आरोपी मारे गए।

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