जम्मू-कश्मीर: वीजा नियमों का उल्लंघन करते हुए लद्दाख और जम्मू-कश्मीर के सामरिक महत्व के स्थानों का दौरा करने के आरोप में हिरासत में लिए गए एक 29 वर्षीय चीनी नागरिक हू कांगताई के खिलाफ जांच तेज कर दी गई है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि उसके मोबाइल फोन को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
अधिकारियों के अनुसार, कांगताई की गतिविधियों ने सुरक्षा एजेंसियों को संदेह में डाल दिया है। सेना की एक इकाई ने इंटरनेट पर उसकी कुछ असामान्य बातचीत को पकड़ा, जिसके बाद उसे हिरासत में लिया गया। उसकी ब्राउजिंग हिस्ट्री से संकेत मिला कि उसकी विशेष रूप से कश्मीर घाटी में अर्धसैनिक बलों की तैनाती में गहरी रुचि थी।
सबूत मिटाने का शक
इस जानकारी ने अधिकारियों को पिछले महीने के अंत में लद्दाख के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण जांस्कर क्षेत्र की उसकी यात्रा के उद्देश्य का पता लगाने में मदद की। जांच एजेंसियां यह सुनिश्चित करना चाहती हैं कि श्रीनगर आने से पहले कांगताई ने अपने फोन में दर्ज महत्वपूर्ण जानकारी तो नहीं हटाई है।
अधिकारियों ने बताया कि हू कांगताई को अब भी हिरासत में रखा गया है, क्योंकि वह सीमावर्ती केंद्र शासित प्रदेशों की अपनी यात्रा का संतोषजनक कारण नहीं बता पाया है। उसकी संदिग्ध यात्रा का उद्देश्य अभी भी एक रहस्य बना हुआ है।
19 नवंबर को पर्यटक वीजा पर आया
कांगताई 19 नवंबर को पर्यटक वीजा पर भारत आया था, लेकिन उसकी गतिविधियां सामान्य पर्यटक की नहीं थीं। उसने खुले बाजार से एक भारतीय सिम कार्ड का इंतजाम किया था, जो पर्यटक वीजा पर आए विदेशी नागरिक के लिए असामान्य है। वह श्रीनगर में भी एक अपंजीकृत गेस्ट हाउस में ठहरा था। उसने हरवान में एक बौद्ध धार्मिक स्थल का दौरा किया था। यह वही स्थान है, जहां पिछले साल लश्कर-ए-तैयबा का एक आतंकवादी मुठभेड़ में मारा गया था। (इनपुट- भाषा)
ये भी पढ़ें-
बड़ी खबर: नवजोत कौर सिद्धू कांग्रेस पार्टी से निलंबित, 500 करोड़ वाले बयान पर हुई कार्रवाई