1. Hindi News
  2. जम्मू और कश्मीर
  3. बागी विधायकों के साथ मीटिंग में सीएम उमर अब्दुल्ला ने की इस्तीफे की पेशकश, MLAs बोले- 'मांगे पूरी करें, रिजाइन नहीं चाहिए'

बागी विधायकों के साथ मीटिंग में सीएम उमर अब्दुल्ला ने की इस्तीफे की पेशकश, MLAs बोले- 'मांगे पूरी करें, रिजाइन नहीं चाहिए'

 Reported By: Manzoor Mir,  Written By: Mangal Yadav
 Published : Nov 07, 2026 11:30 pm IST,  Updated : Nov 07, 2026 11:39 pm IST

जम्मू और कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने 7 नवंबर, 2026 को नाराज़ नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) विधायकों के साथ एक क्राइसिस मीटिंग के दौरान इस्तीफे की पेशकश की। MLAs ने साफ किया कि हम उनके खिलाफ नहीं हैं। हमारी चिंताएं कुछ मुद्दों को लेकर थीं जिन्हें सुलझाने की ज़रूरत थी, न कि मुख्यमंत्री को बदलने को लेकर।

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला - India TV Hindi
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला Image Source : PTI/FILE

श्रीनगरः जम्मू-कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के बागी विधायकों ने फारूक अब्दुल्ला के आवास पर पार्टी के आलाकमान के साथ बैठक की। मीटिंग में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के अलावा फारूक अब्दुल्ला भी मौजूद रहे। सूत्रों के मुताबिक मीटिंग में उमर खड़े हुए और मीटिंग से जाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि उन पर दबाव है और वे इस्तीफा देने के लिए तैयार हैं। हालांकि बागी विधायकों ने उनकी पेशकश मानने से इनकार कर दिया।

बागी विधायकों ने इस्तीफे की पेशकश स्वीकार नहीं की और इसके बजाय हर मंत्री के लिए कंसल्टेटिव कमिटी और चुनावी वादों पर नज़र रखने के लिए एक मैनिफेस्टो कमिटी बनाने पर सहमत हुए। लीडरशिप ने विधायकों को यह भी भरोसा दिलाया कि एक साल के अंदर कैबिनेट एडजस्टमेंट का रिव्यू किया जाएगा। विधायकों ने कहा कि इस बात पर मौजूद लोगों ने उमर अब्दुल्ला को भरोसा दिलाया कि वे लीडरशिप में बदलाव नहीं चाहते हैं। विधायकों यह साफ़ कर दिया था कि हम उनके खिलाफ नहीं हैं। हमारी चिंता कुछ मुद्दों को लेकर थी जिन्हें सुलझाने की ज़रूरत थी, न कि मुख्यमंत्री को बदलने को लेकर।

दो घंटे तक चली मीटिंग

जानकारी के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शुक्रवार को गुपकार में बागी विधायकों के साथ हुई एक बैठक के दौरान इस्तीफा देने की पेशकश की। हालांकि, विधायकों और नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने मुख्यमंत्री से कहा कि उन्हें उनसे कोई समस्या नहीं है। गुपकार में हुई दो घंटे की बैठक की शुरुआत में उमर अब्दुल्ला ने नाराज विधायकों को बताया कि केंद्र शासित प्रदेश (UT) के ढांचे में सरकार चलाना कितना मुश्किल है। उमर ने विधायकों से कहा कि उन्हें उन चुनौतियों के बारे में पता है जिनका सामना उनकी सरकार कर रही है, फिर भी उन्होंने अपनी शिकायतों को सार्वजनिक कर दिया। 

फारूक अब्दुल्ला ने दिया भावुक भाषण

मुख्यमंत्री ने उनसे कहा कि वह इस्तीफा देने के लिए तैयार हैं। बैठक में मौजूद एक विधायक ने बताया, "बैठक के दौरान मुख्यमंत्री के इस्तीफे की पेशकश से सभी विधायक बैकफुट पर आ गए। उन्होंने मुख्यमंत्री से कहा कि वे कभी भी उनका इस्तीफा नहीं चाहते थे और न ही पार्टी को तोड़ना चाहते थे। बाद में, फारूक अब्दुल्ला ने एक भावुक भाषण दिया और उमर अब्दुल्ला से कहा कि उन्हें इस्तीफा देने की कोई जरूरत नहीं है, बल्कि उन्हें विधायकों की जायज मांगों पर ध्यान देना चाहिए। बैठक के तुरंत बाद, फारूक अब्दुल्ला ने विधायकों के साथ मिलकर मीडिया को बताया कि विधायकों की मांगें जायज थीं, लेकिन पार्टी में कोई फूट नहीं है।

मंत्रिमंडल विस्तार के बाद बढ़ा असंतोष 

बता दें कि 27 अक्टूबर को उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली जम्मू-कश्मीर कैबिनेट में चार नए मंत्रियों को शामिल किए जाने के बाद सत्ताधारी नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के भीतर काफी असंतोष और विरोध देखने को मिला। कैबिनेट विस्तार के तुरंत बाद, NC के कई वरिष्ठ विधायकों ने इस कदम की आलोचना की और बाद में कई बैठकें कीं।  

 

ये भी पढ़ेंः 'नेशनल कॉन्फ्रेंस न तो कभी टूटी है और न ही कभी टूट सकती है', फारूक अब्दुल्ला पार्टी में बगावत की खबरों पर बोले

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। जम्मू और कश्मीर से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।