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J&K में नशे के खिलाफ ऑपरेशन में बड़ी कामयाबी, 1711 KG ड्रग बरामद; अलग-अलग मामलों में 1941 लोग हुए गिरफ्तार

 Reported By: Manzoor Mir,  Written By: Vinay Trivedi
 Published : Nov 07, 2026 08:45 am IST,  Updated : Nov 07, 2026 08:45 am IST

जम्मू-कश्मीर में नशे के कारोबार पर पुलिस ने बड़ा एक्शन लेते हुए अलग-अलग जगहों से 1,711 किलोग्राम नशीले पदार्थ सीज किए हैं। इस दौरान, अलग-अलग मामलों में 1,941 लोग भी गिरफ्तार किए गए हैं। पुलिस ने नशे की लत से जूझ रहे युवाओं से आगे आकर रिहैबिलिटेशन सेंटर मदद लेने की अपील भी की है।

Jammu Kashmir anti drug operation- India TV Hindi
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने नशे के खिलाफ अभियान को तेज कर दिया है। Image Source : PEXELS (प्रतीकात्मक फोटो)

जम्मू-कश्मीर में नशे के खिलाफ ऑपरेशन में बड़ी कामयाबी मिली है। आईजीपी सुजीत कुमार ने बताया कि घाटी में चलाए गए अभियान के दौरान पुलिस ने 1,711 किलोग्राम नशीले पदार्थ जब्त किए हैं। इसके अलावा, नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान के तहत 1.10 करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए हैं और 567 बैंक खातों को फ्रीज किया गया है, जिनमें 1.71 करोड़ रुपये जमा थे। इसके अलावा, पूरे कश्मीर में 2,116 जगहों पर अवैध फसलों को नष्ट किया गया है। नशीले पदार्थों के खिलाफ चलाए गए इस अभियान में 1,941 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 154 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई है। पुलिस ने लगभग 2,111 कनाल जमीन पर उगाई गई नशीली फसलों को भी नष्ट कर दिया है और 1,500 से अधिक मामले दर्ज किए हैं।

नशे के पैसों से की जा रही अंडरग्राउंड वर्कर्स की फंडिंग

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने कहा, 'नशीले पदार्थों के कारोबार से पैसा आता है। हमने जो भी नशीले पदार्थ बरामद किए हैं, उन्हें प्रशासन ने अपने कब्जे में ले लिया है। लेकिन इस पूरे धंधे के किंगपिन- चाहे वे यहीं बैठे हों या सीमा पार से काम कर रहे हों- इस कमाई का इस्तेमाल अपने अंडरग्राउंड वर्कर्स को पैसे बांटने के लिए करते हैं।'

साइबर ठगी से जुड़े 54 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का पता चला

नशीले पदार्थों के साथ-साथ, पुलिस ने साइबर अपराध के मामलों में भी बड़ी कार्रवाई की है। हाल के महीनों में, साइबर अपराध से जुड़ी शिकायतों के आधार पर 54 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी का पता चला है। इसमें से लगभग 13 से 14 प्रतिशत रकम बरामद कर ली गई है और 7 करोड़ रुपये से अधिक पीड़ितों को वापस लौटा दिए गए हैं। इस मामले में पुलिस ने अब तक 93 एफआईआर दर्ज की हैं, जिनमें धोखाधड़ी के लिए इस्तेमाल किए गए खाते भी शामिल हैं। सुजीत कुमार ने चेतावनी दी कि साइबर नेटवर्क, जो अक्सर स्थानीय युवाओं और विदेशी संपर्कों का इस्तेमाल करते हैं, बुजुर्गों और कमजोर लोगों को अपना निशाना बना रहे हैं। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे ऐसे संदिग्ध खातों और धोखाधड़ी वाली योजनाओं से दूर रहें।

गुप्त रखी जाएगी मुखबिरों की पहचान

कश्मीर के आईजीपी सुजीत कुमार ने युवाओं से नशीले पदार्थों और साइबर अपराध के खिलाफ लड़ाई में भागीदार बनने की पुरजोर अपील की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मुखबिरों की पहचान पूरी तरह से गुप्त रखी जाएगी। IGP ने ये भी कहा, 'जिसके पास भी कोई जानकारी हो, उसे सामने आना चाहिए। अगर कोई मदद के लिए पुलिस स्टेशन या रिहैबिलिटेशन सेंटर जाता है, तो हम उनकी पूरी मदद करेंगे और उनकी पहचान पूरी तरह से गुप्त रखी जाएगी।'

नशे की लत वाले लें रिहैबिलिटेशन सेंटर की मदद

उन्होंने नशीले पदार्थों की लत से जूझ रहे लोगों से भी अपील की कि वे चुपचाप तकलीफ न सहें, बल्कि मदद लें। उन्होंने कहा कि युवा ही समाज का भविष्य हैं। IGP ने युवाओं को ऑनलाइन धोखाधड़ी करने वाले संगठित गिरोहों का हिस्सा बनने के प्रति आगाह किया, खासकर उन गिरोहों से जो 'म्यूल बैंक अकाउंट' का इस्तेमाल करते हैं। इससे पहले, हाल ही में श्रीनगर में ड्रग्स के बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़ हुआ था। इस मामले में 8 लोग गिरफ्तार किए गए थे।

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