जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने पार्टी सांसद आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी से कहा कि अगर उन्हें लगता है कि उनकी चुनावी जीत उनके निजी समर्थन पर आधारित थी, तो उन्हें लोकसभा से इस्तीफा दे देना चाहिए और जनता से नया जनादेश मांगना चाहिए। वहीं, श्रीनगर से लोकसभा सांसद आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी ने कहा कि वह नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला की संसद से इस्तीफा देने और नया जनादेश मांगने की अपील का कुछ दिनों में जवाब देंगे। साथ ही उन्होंने वरिष्ठ नेता के प्रति अपना सम्मान भी दोहराया और कहा कि ऐसा नहीं हो सकता कि फारूक अब्दुल्ला उनसे कुछ मांगें और वह उन्हें न दें।
क्या बोले फारूक अब्दुल्ला?
नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने मीडिया से बात करते हुए श्रीनगर के सांसद आगा रुहुल्लाह मेहदी और नेशनल कॉन्फ्रेंस के बीच चल रहे विवाद पर कहा कि "रुहुल्लाह को अनुच्छेद 370 के बारे में बोलने से किसी ने नहीं रोका था, लेकिन उन्होंने उस तरीके पर सवाल उठाया जिससे सांसद अपनी राजनीतिक बातें रख रहे थे। अगर रुहुल्लाह को लगता है कि अनुच्छेद 370 वापस आ सकता है, तो उन्हें इसे संसद में उठाना चाहिए।" फारूक अब्दुल्ला ने रुहुल्लाह के इस दावे को भी चुनौती दी कि उनकी लोकसभा जीत उनके अपने समर्थन पर आधारित थी। फारूक अब्दुल्ला ने रुहुल्लाह से सांसद पद से इस्तीफा देने और मतदाताओं से नया जनादेश मांगने को कहा। फारूक अब्दुल्ला ने कहा- "संसद से इस्तीफा दें और जनता के बीच वापस आएं। देखते हैं कि आपको कौन वोट देता है।"
सांसद आगा रुहुल्लाह ने क्या जवाब दिया?
नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला के इस बयान पर मंगलवार को सांसद आगा रुहुल्लाह मेहदी ने मीडिया से बात की। रुहुल्लाह ने कहा कि वह नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला की इस्तीफे की अपील का आने वाले दिनों में जवाब देंगे, साथ ही उन्होंने कहा कि वह वरिष्ठ नेता का बहुत सम्मान करते हैं। सांसद आगा रुहुल्लाह ने कहा- "ऐसा नहीं हो सकता कि फारूक अब्दुल्ला मुझसे कुछ मांगें और मैं उन्हें न दूं। ऐसा नहीं हो सकता कि मैं उन्हें खाली हाथ लौटा दूं। उन्होंने इस उम्र में कुछ मांगा है। मैं उनका सम्मान करता हूं। मैं नहीं चाहता कि वे मुझसे कुछ मांगें और मैं उन्हें खाली हाथ लौटा दूं।" जब उनसे पूछा गया कि क्या वे फारूक अब्दुल्ला की चुनौती स्वीकार करेंगे, तो रूहुल्लाह ने कहा कि वे कुछ दिनों में इसका जवाब देंगे।
क्यों हो रहा है विवाद?
दरअसल, जम्मू-कश्मीर की राजनीति में ये पूरा घटनाक्रम सांसद आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेतृत्व के बीच पार्टी के राजनीतिक रुख, खासकर अनुच्छेद 370 की बहाली, राज्य का दर्जा और जम्मू-कश्मीर के संवैधानिक अधिकारों के मुद्दों को लेकर बढ़ते सार्वजनिक मतभेदों के बीच हो रही है। सांसद आगा ने हाल ही में सरकार के कामकाज के कुछ पहलुओं पर सवाल उठाए हैं और आरक्षण व बिजली की दरों जैसे मुद्दों पर अपना पक्ष रखा है।
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