एशिया के सबसे बड़े ट्यूलिप बाग में 18 लाख रंग-बिरंगे ट्यूलिप के फूल भले ही मुरझा गए हों, लेकिन फूलों की महक ने कश्मीर के पर्यटन को फिर से जिंदा कर दिया है। महज 30 दिनों में 3.5 लाख से ज़्यादा लोगों ने इस खूबसूरत बाग में लगे 18 लाख ट्यूलिप के फूलों का दीदार किया है। यह बाग अब 16 अप्रैल से लोगों के लिए बंद हो रहा है।
कश्मीर के पर्यटन के लिए बड़ी सौगात
पहलगाम आतंकी हमले के बाद एक महीने में इतनी बड़ी संख्या में पर्यटकों का आना कश्मीर के पर्यटन के लिए एक बड़ी सौगात माना जा रहा है। 22 अप्रैल 2025 को कश्मीर के खूबसूरत पर्यटक स्थल पहलगाम के बैसरण में आतंकियों ने हमला करके 26 निर्दोष लोगों की हत्या कर दी थी, जिसमें 25 पर्यटक और एक स्थानीय गाइड था। इस घटना के बाद कश्मीर में पर्यटन को एक बहुत बड़ा झटका लगा था। कश्मीर का पर्यटन 0 पर आ गया था लेकिन ट्यूलिप गार्डन के साथ हुई इस सीजन की शुरुआत से कश्मीर के पर्यटन में एक नई जान आ गई है।
यहां के हालात बेहतर हैं- पर्यटक
30 दिनों के भीतर 3.5 लाख देशी-विदेशी पर्यटकों और आम लोगों का इस गार्डन में आना ना सिर्फ कश्मीर के बदलते हालात को दर्शा रहा है बल्कि देश भर से आने वाले पर्यटन के साथ ये खूबसूरत नजारे किसी जन्नत के एहसास से कम नजर नहीं आ रहे हैं। उनका मानना है कि पहलगाम में आतंकवादी हमले के बाद डर जरूर था लेकिन यहां आकर वो डर खत्म हो गया। यहां के हालात बेहतर हैं, मौसम सुहाना है, हर चीज जन्नत जैसा सुकून दे रही है।
16 मार्च को खुला था ट्यूलिप गार्डन
इंदिरा गांधी मेमोरियल ट्यूलिप गार्डन, जबरवान रेंज की तलहटी में स्थित एशिया का सबसे बड़ा ट्यूलिप गार्डन है। इस बाग को जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने 16 मार्च को आम जनता के लिए खोल दिया था। 30 दिनों में 3.5 लाख से ज़्यादा पर्यटकों को आकर्षित करने के बाद ये गार्डन 16 अप्रैल को आम जनता के लिए बंद होने जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद इतनी बड़ी संख्या में टूरिस्ट के आने से डिपार्टमेंट के अधिकारियों के चेहरे खिल गए हैं। डिपार्टमेंट को उम्मीद है कि ट्यूलिप गार्डन खुलते ही टूरिस्ट से मिले रिस्पॉन्स को देखते हुए, गर्मी के मौसम में काफी संख्या में विजिटर कश्मीर का रुख करेंगे।
पिछले साल अप्रैल में हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद, जिसमें 26 लोगों की जान चली गई थी, पर्यटकों के लिए बंद किए गए 44 पर्यटन स्थलों में यह बाग भी शामिल था। सुरक्षा ऑडिट के बाद इस साल इसे फिर से खोल दिया गया। इस बाग में 18 लाख ट्यूलिप की 70 से ज़्यादा किस्में प्रदर्शित की गई थीं। बाग को और भी ज़्यादा खूबसूरत और भरा-पूरा दिखाने के लिए बागवानी विभाग ने फूलों के बल्बों की संख्या बढ़ा दी थी।
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