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जियाउल हक हत्याकांड में पूर्व मंत्री और MLA राजा भैया को बड़ी राहत, CBI ने नई तफ्तीश खारिज की

 Reported By: Vishal Singh,  Written By: Kajal Kumari
 Published : Sep 19, 2026 09:11 pm IST,  Updated : Sep 19, 2026 11:15 pm IST

पूर्व मंत्री और विधायक राजा भैया को चर्चित जिया उल हक हत्याकांड से जुड़े मामले में सीबीआई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने जिलाउल हक की पत्नी की नई तफ्तीश की याचिका खारिज कर दी है।

पूर्व मंत्री और विधायक राजा भैया को राहत- India TV Hindi
पूर्व मंत्री और विधायक राजा भैया को राहत

चर्चित सीओ जियाउल हक हत्याकांड मामले में पूर्व मंत्री और विधायक राजा भैया को सीबीआई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने दोबारा जांच के बाद सीबीआई द्वारा दाखिल की गई फाइनल रिपोर्ट को स्वीकार करते हुए राजा भैया के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की मांग को खारिज कर दिया है। मृतक सीओ जियाउल हक की पत्नी परवीन आजाद द्वारा मामले में दोबारा जांच की मांग की गई थी, जिसके बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने नए सिरे से तफ्तीश की

सीबीआई की फाइनल रिपोर्ट

दोबारा जांच के बाद सीबीआई ने कोर्ट में जो फाइनल रिपोर्ट सौंपी, उसमें राजा भैया को आरोपी के तौर पर शामिल नहीं किया गया। एजेंसी के मुताबिक, उनके खिलाफ अभियोजन चलाने के लिए पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिले। विशेष सीबीआई कोर्ट का फैसला: लखनऊ की स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने सीबीआई की रिपोर्ट और मामले में सामने आए तमाम तथ्यों की सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया। अदालत ने माना कि राजा भैया के खिलाफ मामले को आगे बढ़ाने का कोई ठोस आधार नहीं है।

यह न्यायिक आदेश विशेष रूप से राजा भैया की कथित भूमिका और उससे जुड़ी दोबारा जांच रिपोर्ट से संबंधित है। इस हत्याकांड में अन्य आरोपियों के खिलाफ चल रही कानूनी कार्रवाई और प्रक्रिया इससे अलग है। इस फैसले के बाद राजा भैया को इस मामले में कानूनी मोर्चे पर एक बड़ी राहत मिली है।

सुप्रीम कोर्ट ने दिया था आदेश
सीओ जियाउल हक की पत्नी परवीन आजाद ने पहले दाखिल सीबीआई क्लोजर रिपोर्ट का विरोध किया था और राजा भैया समेत अन्य नामजद लोगों की भूमिका की दोबारा जांच की मांग की थी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई ने अक्टूबर 2023 में दोबारा जांच शुरू की थी। फिर सीबीआई ने दिसंबर 2023 में दोबारा क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की। रिपोर्ट में राजा भैया को आरोपी नहीं बनाया गया और उनके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने की बात कही गई।

कब हुई थी सीओ जियाउल हक की हत्या

प्रतापगढ़ के कुंडा क्षेत्र के बलीपुर गांव में 2 मार्च 2013 को प्रधान नन्हे यादव की हत्या के बाद बिगड़े हालात को संभालने पहुंचे सीओ जियाउल हक की भीड़ ने हत्या कर दी थी। मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई थी। शुरुआती जांच के बाद सीबीआई ने राजा भैया और उनके कुछ करीबियों को क्लीन चिट देते हुए क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थी।

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