जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस में पहली बार कैबिनेट फेरबदल के बाद पार्टी के भीतर एक बड़ी दरार सामने आई है। कई वरिष्ठ विधायक असंतुष्ट बताए जा रहे हैं, जो उमर अब्दुल्ला के लिए एक बड़ी चिंता का विषय है। बीजेपी का दावा है कि नेशनल कॉन्फ्रेंस के 16 विधायक नाखुश हैं और उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली सरकार जल्द ही गिर जाएगी। नेशनल कॉन्फ्रेंस के वरिष्ठ नेता और छह बार के विधायक मुबारक गुल ने पार्टी के सामने खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर की है। उन्हें महासचिव का पद देने की पेशकश की गई थी, लेकिन इसके बावजूद वे असंतुष्ट हैं। उनके समर्थक नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और मांग कर रहे हैं कि मुबारक गुल पार्टी से इस्तीफा दे दें।
मुबारक गुल के बेटे ने पार्टी से जताई नाराजगी
हालांकि, मुबारक गुल ने अभी किसी भी मुद्दे पर कैमरे के सामने कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया है। लेकिन मुबारक गुल के बेटे यूनुस गुल ने कहा कि मैं यहां जो कुछ भी कहूंगा, वह एक बेटे के तौर पर नहीं, बल्कि एक ब्लॉक सचिव के तौर पर कहूंगा। मैं ईदगाह के लिए नेशनल कॉन्फ्रेंस का ब्लॉक सचिव हूं। मैं उसी हैसियत से बात करूंगा। हमारे कार्यकर्ताओं में गुस्सा है। अगर आप विधानसभा के रिकॉर्ड देखें, तो मुबारक गुल साहब इस समय विधानसभा के सबसे वरिष्ठ सदस्य हैं, जिन्हें 32 से 35 वर्षों का विधायी अनुभव है। सागर साहब के पास 32 साल और राथर साहब के पास 29 साल का अनुभव है। हम किसी के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन यह हमारा हक है- एक ऐसा हक जो हमें नहीं दिया गया है। यह सिर्फ मुबारक गुल साहब का ही हक नहीं है। यह ईदगाह निर्वाचन क्षेत्र का अधिकार है।
शपथ ग्रहण समारोह में नहीं पहुंचे 11 NC विधायक
मुबारक गुल के साथ-साथ, कई अन्य प्रमुख नेता जैसे- अब्दुल मजीद लारमी, नजीर गुरेजी, हिलाल अकबर लोन और अर्जुन सिंह राजू भी पार्टी से असंतुष्ट नजर आ रहे हैं। फिलहाल, इनमें से कोई भी नेता मीडिया से बात करने को तैयार नहीं है। जब हमने मुबारक गुल और हिलाल अकबर लोन से संपर्क करने की कोशिश की, तो उन्होंने साफ तौर पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। इस असंतोष का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि बीते 27 अक्टूबर को हुए 4 मंत्रियों के शपथ ग्रहण समारोह में 11 विधायक अनुपस्थित थे।
BJP ने किया नेशनल कॉन्फ्रेंस में अनबन का दावा
नेशनल कॉन्फ्रेंस के भीतर चल रही इस खींचतान पर, वरिष्ठ भाजपा नेता और प्रवक्ता अल्ताफ ठाकुर ने कहा, 'नेशनल कॉन्फ्रेंस ने जिस तरह से अपनी कैबिनेट का विस्तार किया, उससे पार्टी के अंदर की कलह सबके सामने आ गई है। फेरबदल के बाद कुछ विधायक दुखी हैं, कुछ नाराज हैं और कई प्रमुख नेता निराश हो गए हैं।' अल्ताफ ठाकुर ने कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस लंबे समय से एक ऐसी रणनीति पर काम कर रही है जो पूरी तरह से अब्दुल्ला परिवार खासकर उमर अब्दुल्ला या फारूक अब्दुल्ला जैसे लोगों के इर्द-गिर्द घूमती है। इन्हीं लोगों के जरिए लोग मंत्री पद हासिल करते हैं। इस व्यवस्था को अक्सर 'किचन कैबिनेट' कहा जाता है। जहां तक मौजूदा दरार की बात है, तो इसके और गहराने की संभावना है। लोगों में जो गुस्सा और नाराजगी है, उसे देखते हुए विधायक एक-एक करके असंतुष्ट होते जा रहे हैं।
NC के विधायक अल्ताफ कालू ने किया पार्टी का बचाव
कैबिनेट मंत्री बनाए जाने के बाद अनंतनाग में मीडिया से बात करते हुए और पार्टी नेताओं के बीच संभावित असंतोष की चिंताओं पर जवाब देते हुए नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक अल्ताफ कालू ने कहा कि ऐसी कोई नाराजगी नहीं है। उन्होंने माना कि कभी-कभी छोटी-मोटी असहमति या शिकायतें हो सकती हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि किसी को बाहर निकाल दिया गया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पार्टी एकजुट और मजबूत है।
NC सांसद सैयद आगा रुहुल्लाह के इस्तीफा की आशंका
बीजेपी और नेशनल कॉन्फ्रेंस के दावों की सच्चाई 3 नवंबर को तब सामने आ सकती है, अगर श्रीनगर से नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद सैयद आगा रुहुल्लाह ने पार्टी या अपनी संसदीय सीट या दोनों से इस्तीफा दे दिया। जानकारों का मानना है कि उनके जाने से नेशनल कॉन्फ्रेंस टूट सकती है। बीजेपी भी यही बात कह रही है और उसका दावा है कि कई अन्य नेता भी ऐसा ही करेंगे। बीजेपी का कहना है कि कम से कम 16 ऐसे नेता हैं जो पार्टी छोड़ने के लिए तैयार हैं। अब हमें 3 नवंबर तक इंतजार करना होगा कि इन दावों में कितनी सच्चाई है।
ये भी पढ़ें- जम्मू-कश्मीर में मंत्रिमंडल विस्तार, श्रीनगर के लोक भवन में 4 नए मंत्रियों ने ली शपथ, कांग्रेस अब भी सरकार से बाहर