पहलगाम हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को पहली बार जम्मू-कश्मीर पहुंचे। पीएम मोदी ने अपने इस दौरे पर जम्मू-कश्मीर को बड़ी सौगात दी। जम्मू-श्रीनगर रेलवे लाइन के लोकार्पण के साथ आज वो सपना पूरा हो गया जो करोड़ों भारतवासी वर्षों से देख रहे थे। पीएम मोदी के दृढ़ संकल्प और भारतीय इंजीनियर्स के कुशल हाथों ने वो बना दिया है जिसे पूरी दुनिया देख रही है। ये है दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे पुल- चिनाब पुल। पीएम मोदी ने शुक्रवार को सबसे पहले चिनाब ब्रिज का उद्घाटन किया उसके बाद इसी ट्रैक पर बने अंजी ब्रिज का भी लोकार्पण किया। इसके बाद पीएम मोदी कटरा से श्रीनगर के लिए शुरू होने जा रही वंदे भारत को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस ट्रेन के जरिये कटरा से श्रीनगर का रास्ता अब केवल 3 घंटे का रह जाएगा।
ये रहीं कार्यक्रम की डिटेल्स-
- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सबसे पहले दुनिया के सबसे ऊंचे चिनाब ब्रिज का लोकार्पण किया।
- उसके बाद केबल से बने पहले रेलवे ब्रिज अंजी पुल का भी उद्घाटन किया।
- पीएम ने कटरा से श्रीनगर की रेलवे लाइन को राष्ट्र को समर्पित किया।
- पीएम मोदी ने कटरा से संगलदान के बीच चलने वाली आधुनिक वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इनके अलावा पीएम मोदी ने 46 हजार करोड़ रुपये के बुनियादी इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन करने के साथ ही जम्मू कश्मीर के विकास की नई इबारत लिख दी।
दुनिया देखेगी भारत की इंजीनियरिंग की मिसाल
चिनाब ब्रिज और अंजी ब्रिज दोनों ही इंजीनियर्स का उत्कृष्ट नमूना हैं। दोनों ही कश्मीर घाटी की लाइफ लाइन बनने जा रही हैं। एक तरफ दुनिया का सबसे ऊंचा पुल है तो दूसरी तरफ पहला केबल ब्रिज है जिस पर रेल गाड़ी फर्राटा भरेगी। दोनों एक ही ट्रैक पर बने हैं और दोनों हिमालय की पीर पंजाल रेंज में अडिग खड़े हैं।
चिनाब पुल

क्या है चिनाब पुल की खासियत?
पीएम मोदी ने पहले जिस चिनाब पुल का उद्धाटन किया है उसकी खासियत जान लीजिए। नीचे कलकल बहती चिनाब नदी है और ऊपर ऐफिल टावर से भी ऊंचा 1177 फीट की ऊंचाई पर बना पुल। मानो बादलों से भी ऊपर एक पुल, जिस पर तेज रफ्तार से एक ट्रेन गुजरेगी।
- चिनाब नदी पर बना ये पुल 1.3 किमी लंबा और 359 मीटर ऊंचा है।
- चिनाब ब्रिज पेरिस के एफिल टावर से भी 35 मीटर ऊंचा है।
- यह पुल 260 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं को झेल सकता है।
- इसके निर्माण में 25,000 मीट्रिक टन स्टील का इस्तेमाल किया गया है।
- ये पुल ज़ोन-5 में आने वाले भूंकप को भी सह सकता है।
क्या है अंजी पुल की खासियत?
अब भारत के इंजीनियर्स के एक दूसरे नायाब ब्रिज को भी देख लीजिए। ये अंजी ब्रिज है, इसी रलवे ट्रैक पर बना है।

- अंजी ब्रिज भारत का पहला केवल स्टे तकनीक वाला ब्रिज है।
- इसकी कुल लंबाई 725.5 मीटर और ऊंचाई 193 मीटर है।
- अंजी ब्रिज को बनाने में 96 केबल्स का इस्तेमाल किया गया है।
- इस ब्रिज को 4 हजार टन तक की ट्रेन के भार को झेलने के लिए डिजाइन किया गया है।
PM मोदी ने किया ट्वीट
यही वजह है कि पीएम मोदी इन प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन करने के लिए इतने बेताब थे। पीएम मोदी ने उद्घाटन से पहले सोशल मीडिया पर लिखा था, 6 जून वास्तव में जम्मू-कश्मीर के मेरे बहनों और भाइयों के लिए एक विशेष दिन है। 46,000 करोड़ रुपये की प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उद्घाटन किया जा रहा है, जिसका लोगों के जीवन पर बेहद सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। वास्तुकला की असाधारण उपलब्धि होने के अलावा, चिनाब रेल पुल जम्मू और श्रीनगर के बीच संपर्क को बेहतर बनाएगा। अंजी पुल चुनौतीपूर्ण भूभाग में भारत का पहला केबल-स्टेड रेल पुल है। उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल सम्पर्क (यूएसबीआरएल) परियोजना सभी मौसम में संपर्क सुनिश्चित करेगी और श्री माता वैष्णो देवी कटरा से श्रीनगर तक वंदे भारत ट्रेनें आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देंगी और आजीविका के अवसर पैदा करेंगी।''
अभी कश्मीर घाटी तक सिर्फ नेशनल हाईवे- 44 के जरिए जाया जा सकता है। बर्फबारी होने पर ये रास्ता भी बंद हो जाता है लेकिन चिनाब ब्रिज बन जाने के बाद श्रीनगर पूरे देश से रेलवे के जरिए जुड़ गया है।
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