जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर एयरपोर्ट पर सुरक्षा अधिकारियों ने रविवार को दो अमेरिकी नागरिकों को हिरासत में लिया। इनके पास से प्रतिबंधित वस्तु और सैटेलाइट फोन बरामद हुआ है। यह डिवाइस नियमित सुरक्षा जांच के दौरान पकड़ी गई।
शुरुआती पूछताछ के बाद एयरपोर्ट सुरक्षा कर्मियों ने दोनों व्यक्तियों को आगे की जांच के लिए पुलिस के हवाले कर दिया है। हिरासत में लिए गए व्यक्तियों में से एक की पहचान मोंटाना निवासी जेफ्री स्कॉट के रूप में हुई है। अधिकारियों के मुताबिक, इनके पास से गार्मिन कंपनी का सैटेलाइट फोन बरामद किया गया है।
भारत में सैटेलाइट फोन पर प्रतिबंध क्यों?
दरअसल, भारत में सरकर की अनुमति के बिना सैटेलाइट फोन का इस्तेमाल प्रतिबंधित है। थुरैया और इरिडियम जैसे सैटेलाइट फोन का अनधिकृत उपयोग भारतीय टेलीग्राफ अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध है।
किसी भी विदेशी या भारतीय नागरिक को ऐसे उपकरण लाने के लिए दूरसंचार विभाग से लिखित अनुमति लेना अनिवार्य है। नियमों का उल्लंघन करने पर डिवाइस की जब्ती, गिरफ्तारी और भारी जुर्माना लगाया जा सकता है।
सैटेलाइट फोन बरामद होने के मामले
हाल के वर्षों में कई विदेशी नागरिकों को अनजाने में या नियमों की जानकारी नहीं होने के कारण हिरासत में लिया गया है। पिछले साल मई में, एक अमेरिकी नेत्र रोग विशेषज्ञ को पुडुचेरी एयरपोर्ट पर तब रोका गया, जब उनके पास से एक इरिडियम सैटेलाइट फोन बरामद हुआ। उन्हें हैदराबाद जाने वाली उड़ान में चढ़ने से रोक दिया गया और पुलिस ने जांच शुरू कर दी।
30 जनवरी, 2025 को नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने सभी एयरलाइंस को निर्देश दिया था कि वे उड़ानों के दौरान और विदेशी कार्यालयों के माध्यम से यात्रियों को इस प्रतिबंध के बारे में सूचित करें।
अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देशों ने अपनी ट्रैवल एडवाइजरी में नागरिकों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि भारत में सैटेलाइट फोन ले जाने पर ₹2 करोड़ तक का जुर्माना, उपकरण की जब्ती या जेल की सजा हो सकती है।
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