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बोकारो स्टील प्लांट में बवाल: महाप्रबंधक गिरफ्तार, अप्रेंटिस संघ की सभी मांगे मानी, मृतक को 20 लाख का मुआवजा

 Edited By: Shakti Singh
 Published : Apr 04, 2025 01:04 pm IST,  Updated : Apr 04, 2025 01:04 pm IST

बोकारो स्टील प्लांट में नियोजन की मांग कर रहे विस्थापितों पर सीआईएसएफ ने लाठीचार्ज किया था, जिसमें एक प्रदर्शकारी की मौत हो गई। इसके बाद महाप्रबंधक को गिरफ्तार कर लिया गया है और विस्थापितों की सारी मांगें मान ली गई हैं।

bokaro- India TV Hindi
बोकारो में बस जलाई Image Source : INDIA TV

झारखंड के बोकारो स्टील प्लांट में बवाल के बाद नियोजन की मांग कर रहे विस्थापितों की सारी मांगे मान ली गई हैं। इसके साथ ही डीसी ने घटना के लिए जिम्मेदार मानते हुए मुख्य महाप्रबंधक (एचआर) बीएसएल प्लांट हरी मोहन झा को गिरफ्तार कर लिया है। बीएसएल प्रबंधन ने विस्थापित अप्रेंटिस संघ की सभी मांगों को मानते हुए कहा कि ट्रेनिंग पूरी कर चुके अप्रेंटिस प्रशिक्षुओं के लिए 21 दिनों में पद सृजित कर तीन माह के अंदर सभी को नियुक्त किया जाएगा।

डीसी ने ट्रेनिंग के लिए बीएसएल प्रबंधन से कोचिंग की व्यवस्था करने को भी कहा है। वहीं, मृतक के परिजनों को रु.20 लाख मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की बात कही गई है।

क्या है मामला?

झारखंड के बोकारो स्टील प्लांट में गुरुवार (3 अप्रैल) को नियोजन की मांग कर रहे विस्थापितों पर सीआईएसएफ ने लाठीचार्ज किया था। जिसमें एक युवक की मौत हो गई है और करीब आधा दर्जन घायल हुए, जिसमें महिलाएं भी शामिल हैं। इस घटना के बाद उग्र विस्थापितों ने तीन हाइवा को आग के हवाले कर दिया है और बोकारो स्टील प्लांट के सभी गेट को पूरी तरह से जाम कर दिया। ये वो विस्थापित हैं, जिनकी जमीन बोकारो स्टील प्लांट के निर्माण के दौरान अधिग्रहण की गई थी। 1962 में जब बोकरो स्टील प्लांट के लिए जमीन अधिग्रहण के समय करीब 64 मौजा के गावों की जमीन ली गई थी। 

पहले चतुर्थ वर्ग में विस्थापितों की सीधी बहाली होती थी, लेकिन बाद में परिवर्तन किया गया। बोकारो स्टील प्लांट ने करीब चार साल पहले तीन हजार विस्थापितों को प्लांट में अप्रेंटिस करवाया गया था, जिसमें से कुछ को नियोजन भी दिया गया। बाकी बचे विस्थापित समय समय पर आंदोलन करते रहे। अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत गुरुवार को सुबह से ही विस्थापित प्लांट के एडीएम के गेट के पास जमे हुए थे। सुबह से ही मामला गर्म था, जहां देर शाम होते होते सुरक्षा में तैनात सीआईएसएफ के जवानों ने लाठी चार्ज कर दिया, जिससे एक विस्थापित युवक 26 वर्षीय प्रेम महतो की मौत हो गई और आधा दर्जन लोग घायल हो गए। घटना के बाद घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।

लाठीचार्ज के बाद मची भगदड़

विस्थापित नियोजन की मांग को लेकर सैकड़ों लोग एडीएम बिल्डिंग के पास प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान बीएसएल की सुरक्षा और सीआईएसएफ के जवानों ने लाठीचार्ज किया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, लेकिन अचानक बल प्रयोग किया गया, जिससे भगदड़ मच गई।

शुक्रवार को बोकारो बंद

लाठीचार्ज के बाद एक प्रदर्शनकारी की मौत के चलते आंदोलन और उग्र हो गया। विस्थापितों ने शुक्रवार को बोकारो बंद का ऐलान कर दिया। ऐसे में दबाव बढ़ा तो प्लांट के महाप्रबंधक को गिरफ्तार कर लिया गया और आंदोलनकारियों की सारी मांगे मान ली गईं। मृतक के परिजनों को मुआवजा देकर आंदोलन शांत कराने की कोशिश की जा रही है। शुक्रवार को प्रदर्शनकारियों ने एक बस को आग के हवाले कर दिया। वहीं, तेनुघाट डैम से बोकारो स्टील प्लांट तक पानी सप्लाई करने वाली तेनू नहर को दो जगह से काट दिया गया। इससे प्लांट में पानी की कमी होगी। फिलहाल हालात तनाव पूर्ण बने हुए हैं और मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है।

(बोकारो से मृत्युंजय की रिपोर्ट)

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