1. Hindi News
  2. झारखण्ड
  3. पति की मौत के बाद पाई-पाई को मोहताज हुआ परिवार, पत्नी ने सरकार से मांगी आर्थिक मदद; जानें पूरा मामला

पति की मौत के बाद पाई-पाई को मोहताज हुआ परिवार, पत्नी ने सरकार से मांगी आर्थिक मदद; जानें पूरा मामला

 Edited By: Malaika Imam @MalaikaImam1
 Published : Aug 14, 2025 04:55 pm IST,  Updated : Aug 14, 2025 05:06 pm IST

गिरिडीह की सुमति देवी ने यूपी में अपने पति की हुई मौत के बाद सरकार से मुआवजे की मांग की है। सुमति देवी का कहना है कि परिवार बहुत गरीब है और उनके पास आगरा जाने के लिए पैसे नहीं हैं।

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन- India TV Hindi
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन Image Source : FILE/PTI

झारखंड के गिरिडीह जिले की रहने वाली सुमति देवी (35) ने उत्तर प्रदेश में मृत अपने पति सीताराम यादव (38) के लिए सरकारी मुआवजे की मांग की है। आर्थिक रूप से कमजोर सुमति देवी ने राज्य सरकार से यह भी अनुरोध किया है कि उन्हें आगरा जाकर जरूरी कागजी कार्रवाई पूरी करने के लिए यात्रा का इंतजाम कराया जाए।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, सीताराम यादव एक महीने पहले राजस्थान में काम की तलाश में अपने घर से निकले थे, पांच अगस्त को आगरा में एक ट्रेन में बेहोशी की हालत में पाए गए थे। राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) उन्हें अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। आगरा पुलिस ने यादव के पास मिले दस्तावेजों के आधार पर उनके परिवार से संपर्क किया, लेकिन परिवार शुरुआत में शव की पहचान नहीं कर सका, क्योंकि उन्हें लगा कि सीताराम राजस्थान में होंगे।

बाद में जब परिवार को शव के हाथ पर बने टैटू से पहचान हुई, तब तक आगरा पुलिस ने शव को अज्ञात मानकर उसका अंतिम संस्कार कर दिया था, क्योंकि परिवार समय पर पहचान साबित करने वाले दस्तावेज नहीं भेज सका था।

आगरा जाने के लिए पत्नी के पास पैसे नहीं

सुमति देवी के अनुसार, उनका परिवार बहुत गरीब है और उनके पास आगरा जाने के लिए पैसे नहीं हैं। शव की अनुपस्थिति में परिवार ने रीति-रिवाजों के अनुसार उनके पति का पुतला बनाकर अंतिम संस्कार किया। सीताराम यादव परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे और तीन बच्चों की मां सुमति देवी के सामने अब गुजारा करने का संकट आ गया है। उन्होंने कहा कि इस मुश्किल घड़ी में सरकार ही उनकी एकमात्र उम्मीद है।

क्या है मुआवजे का प्रावधान?

रांची में राज्य प्रवासी श्रमिक नियंत्रण कक्ष के एक अधिकारी के अनुसार, सरकार द्वारा अपंजीकृत प्रवासी श्रमिकों के लिए 1.5 लाख रुपये के मुआवजे का प्रावधान है। इसमें शव को लाने के लिए 50,000 रुपये शामिल होते हैं। चूंकि सीताराम का अंतिम संस्कार हो चुका है, इसलिए सुमति देवी 1 लाख रुपये के मुआवजे का दावा कर सकती हैं। हालांकि, इसके लिए उन्हें आगरा में FIR दर्ज करानी होगी और पहचान के वैध दस्तावेज पेश करने होंगे। (इनपुट- भाषा)

ये भी पढ़ें-

Kishtwar Cloudburst LIVE Updates: जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में बादल फटने से भारी तबाही, 15 से ज्यादा लोगों की मौत

SP से निष्कासित होने के बाद पूजा पाल का पहला बयान, अखिलेश के PDA पर उठाए सवाल, बोलीं- CM योगी ने दिलाया न्याय

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। झारखण्ड से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।