भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने झारखंड के कुछ हिस्सों में 13 से 15 जुलाई तक भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है। इसे ध्यान में रखते हुए आईएमडी की तरफ से ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है। मौसम विभाग ने कहा कि राज्य में गुमला, खूंटी, सिमडेगा, सरायकेला-खरसावां, पूर्वी सिंहभूम और पश्चिमी सिंहभूम जिलों में 13 जुलाई के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है। वहीं, गिरिडीह, बोकारो, धनबाद, देवघर, दुमका, जामताड़ा, सरायकेला-खरसावां, पूर्वी सिंहभूम और पश्चिमी सिंहभूम जिलों में 14 जुलाई के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है।
आईएमडी के बुलेटिन के अनुसार, 15 जुलाई को देवघर, जामताड़ा, दुमका, पाकुड़, गोड्डा और साहेबगंज जिलों में भारी बारिश हो सकती है। रांची मौसम केंद्र के उपनिदेशक अभिषेक आनंद ने कहा, ‘‘राज्य में 15 जुलाई तक हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।’’
किन जिलों में कितनी बारिश
अधिकारियों ने बताया कि झारखंड में एक जून से 12 जुलाई के बीच सामान्य 296.4 मिमी के मुकाबले 499.6 मिमी बारिश हुई है, जो 69 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने कहा कि इस अवधि में पूर्वी सिंहभूम जिले में सर्वाधिक 157 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई और इसके बाद रांची में 150 प्रतिशत तथा सरायकेला-खरसावां में 130 प्रतिशत अधिक बारिश हुई। हालांकि, झारखंड के पांच जिलों देवघर, गढ़वा, गोड्डा, साहेबगंज और पाकुड़ में एक जून से 12 जुलाई के बीच बारिश में 21 से 29 प्रतिशत तक की कमी दर्ज की गई है।
खरकई और सुवर्णरेखा खतरे के निशान से ऊपर
झारखंड के जमशेदपुर में भारी बारिश के बाद खरकई और सुवर्णरेखा नदियों में पानी खतरे के निशान से ऊपर बहने के कारण गुरुवार को अलर्ट जारी किया गया था। यहां दो दिनों तक लगातार बारिश के चलते नदियों का जलस्तर बढ़ गया था। आदित्यपुर पुल पर खरकई नदी का जलस्तर 129.96 मीटर है जबकि खतरे का निशान 129 मीटर पर है। मैंगो पुल के पास सुवर्णरेखा नदी 121.64 मीटर पर बह रही है, जबकि खतरे का निशान 121.50 मीटर पर है। पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन ने नदियों के आसपास रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। बागबेड़ा महानगर विकास समिति के अध्यक्ष सुबोध झा ने बताया कि बारिश के कारण बागबेड़ा के निचले इलाकों में कुछ घरों में पानी भर गया है। हालात देखते हुए जिला प्रशासन के निर्देश पर पूरे जिले में सभी स्कूल बंद किए गए थे।
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