1. Hindi News
  2. झारखण्ड
  3. झारखंड के वित्त मंत्री की नहीं सुनते DGP, नाराज होकर लौटा दी सरकारी सुरक्षा और गाड़ियां

झारखंड के वित्त मंत्री की नहीं सुनते DGP, नाराज होकर लौटा दी सरकारी सुरक्षा और गाड़ियां

 Edited By: Mangal Yadav @MangalyYadav
 Published : Jul 03, 2026 11:54 pm IST,  Updated : Jul 04, 2026 12:03 am IST

झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने सुरक्षा में अतिरिक्त गाड़ी की तैनाती की मांग पर पुलिस विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं किए जाने से नाराज होकर अपनी सरकारी सुरक्षा और गाड़ियां लौटा दी है।

वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर - India TV Hindi
वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर Image Source : X@RADHAKKOFFICIAL

रांची: झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने शुक्रवार को कहा कि उन्होंने अपनी सरकारी सुरक्षा और गाड़ियां वापस कर दी हैं। उन्होंने पुलिस विभाग द्वारा एक अतिरिक्त गाड़ी की उनकी मांग पर कोई कार्रवाई न करने पर नाराजगी जताई। राधाकृष्ण किशोर के पास संसदीय कार्य विभाग का जिम्मा भी है। उन्होंने कहा कि उन्हें आने-जाने के लिए 16 सुरक्षाकर्मी और तीन गाड़ियां दी गई थीं। तीन गाड़ियों में 16 पुलिसकर्मियों को बैठाना व्यावहारिक नहीं है और किसी संकट के समय सुरक्षा के नज़रिए से भी यह ठीक नहीं है। इसलिए, मैंने या तो सुरक्षाकर्मियों की संख्या कम करने या एक अतिरिक्त गाड़ी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था। 

मंत्री के तीन पत्रों का डीजीपी ने नहीं दिया जवाब

वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने दावा किया कि उन्होंने इस मुद्दे पर 14 मार्च, 21 अप्रैल और 29 जून को झारखंड के डीजीपी को पत्र लिखा था। दिलचस्प बात यह है कि डीजीपी ने मंत्री के पत्रों का कोई जवाब तक नहीं दिया। बाद में मेरे विभाग के संयुक्त सचिव स्तर के एक अधिकारी ने मुझे एक गाड़ी वापस करने का नोटिस जारी किया। इसलिए मैंने सुरक्षाकर्मियों के साथ-साथ गाड़ियां भी वापस कर दीं।

मंत्री ने कहा कि वह माओवाद प्रभावित पलामू जिले से आते हैं और पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के महत्व को समझते हैं। किशोर से जब संवाददाताओं ने पूछा कि क्या इस मुद्दे को मुख्यमंत्री के समक्ष उठाया गया तो उन्होंने न में जवाब दिया। मंत्री ने कहा कि अगर मैंने उन्हें (मुख्यमंत्री को) बताया होता, तो मुझे यकीन है कि वह उसी हिसाब से कार्रवाई करते। लेकिन यह पुलिस विभाग की जिम्मेदारी है। मैं व्यवस्था में सुधार चाहता हूं। 

बंद जनजीवन प्रभावित

वहीं, जमशेदपुर में करणी सेना के एक नेता की हत्या और शहर में कथित रूप से बिगड़ती कानून-व्यवस्था के विरोध में विपक्षी पार्टी भाजपा और जनता दल (यूनाइटेड) के कार्यकर्ताओं द्वारा सूर्योदय से सूर्यास्त तक बंद का आह्वान किए जाने से जनजीवन बाधित रहा। बंद समर्थकों ने प्रमुख सड़कों को अवरुद्ध कर दिया, टायर जलाए और शहर के बाजार, बैंक और डाकघर बंद करा दिए। अधिकांश ऑटो-रिक्शा, बसें और अन्य वाहन सड़कों से नदारद रहने के कारण यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। स्कूलों सहित शैक्षणिक संस्थान बंद रहे, जबकि व्यापारिक प्रतिष्ठानों के शटर भी दिनभर गिरे रहे। 

ये भी पढ़ेंः कानून-व्यवस्था को लेकर भड़के CM हेमंत सोरेन, दो जिलों के SSP और SP को हटाया, पुलिस मुख्यालय से संबद्ध किया

 पुलिस के सामने युवक की बेरहमी से पिटाई, खाकी वर्दी ने पकड़ रखे थे पीड़ित के हाथ और बाल-VIDEO

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। झारखण्ड से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।