रांची: राज्य सरकार ने पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां में बिगड़ती कानून-व्यवस्था और बढ़ती आपराधिक घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए बड़ा प्रशासनिक फैसला किया है। सरकार ने पूर्वी सिंहभूम के वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) तथा सरायकेला-खरसावां के पुलिस अधीक्षक (एसपी) पीयूष पांडे और निधि द्विवेदी को विधि-व्यवस्था बनाए रखने और अपराध पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में विफल रहने के आरोप में तत्काल प्रभाव से उनके पदों से हटा दिया है। दोनों अधिकारियों को पुलिस मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। जानकारी के मुताबिक, पीयूष पांडे और निधि द्विवेदी पति-पत्नी हैं।
क्यों हुई कार्रवाई?
सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और कानून-व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। हाल के दिनों में दोनों जिलों में हुई आपराधिक घटनाओं और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठे सवालों के बाद यह कार्रवाई की गई है। स्थिति को सामान्य बनाए रखने के लिए चाईबासा के आयुक्त को क्षेत्र में लगातार कैंप करने और कानून-व्यवस्था की प्रतिदिन समीक्षा करने का निर्देश दिया गया है। इसके अलावा रांची के एडीजी को भी पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर रखने और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
वहीं, जमशेदपुर प्रमंडल के डीआईजी को जमशेदपुर में रहकर पूर्वी सिंहभूम और आसपास के क्षेत्रों की कानून-व्यवस्था की सीधी निगरानी करने का निर्देश दिया गया है। सरकार ने साफ कहा है कि अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही, जवाबदेही से बचने या ढिलाई बरतने वाले अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा।
हेमंत सोरेन ने क्या कहा?
इस मामले में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी बयान जारी किया है। सोरेन ने कहा- "पूर्वी सिंहभूम के वरीय पुलिस अधीक्षक एवं सरायकेला-खरसावां के पुलिस अधीक्षक को विधि-व्यवस्था बनाए रखने में विफलता तथा आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में लापरवाही के कारण तत्काल प्रभाव से उनके पदों से हटाकर पुलिस मुख्यालय से संबद्ध करने का निर्णय मैंने लिया है। चाईबासा के आयुक्त एवं रांची के ADG को क्षेत्र में लगातार कैंप कर स्थिति की प्रतिदिन समीक्षा करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही, DIG जमशेदपुर में रहकर कानून-व्यवस्था की निगरानी करेंगे। जनता की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई होगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही या जवाबदेही से बचने की अनुमति नहीं दी जाएगी।" (रिपोर्ट: गंगाधर पांडे)
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