झारखंड में 48 शहरी स्थानीय निकायों के चुनावों के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच वोटों की गिनती की गई। वोटों की काउंटिंग सुबह 8 बजे से शुरू हुई और कई सीटों पर देर रात तक नतीजे सामने आए। नगर निकाय चुनाव मत पत्र (बैलेट पेपर) के जरिए कराए गए। इसमें मत पत्र पर NOTA का विकल्प नहीं दिया गया था।
झारखंड के 48 नगर निकायों में 23 फरवरी को वोटिंग हुई थी। इस चुनाव में 9 म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन, 20 म्युनिसिपल काउंसिल और 19 नगर पंचायतें शामिल थीं, जिसमें कुल 1,087 वार्ड हैं। बता दें कि राज्य के 48 शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) में कुल 1,087 वार्ड हैं, लेकिन 1,042 वार्डों में चुनाव हुए, क्योंकि 41 पार्षद निर्विरोध चुने गए। तीन वार्डों में नामांकन प्राप्त नहीं होने के कारण रिक्त स्थान रह गए और मानगो नगर निगम के एक वार्ड में उम्मीदवार की मृत्यु के कारण मतदान रद्द कर दिया गया।
महापौर और अध्यक्ष पदों के लिए 235 महिलाओं सहित कुल 562 उम्मीदवार मैदान में हैं, जबकि वार्ड पार्षद पदों के लिए 2,727 महिलाओं सहित 5,562 उम्मीदवारों ने चुनावी रण में अपनी किस्मत आजमाई। चुनाव किसी राजनीतिक दल के चिन्ह पर नहीं लड़ा गया, लेकिन उम्मीदवारों को विभिन्न दलों का समर्थन प्राप्त है।