झारखंड के हजारीबाग जिले में एक घर के कमरे की छत गिरने की घटना घटी जिसमें पति-पत्नी की मौत हो गई। दरअसल रविवार की रात यह घटना रसोइधमना गांव में उस समय हुई जब एक कपल अपने कमरे में चैन की नींद सो रहा था। अचानक छत गिरने से उन्हें बचने का समय नहीं मिला और मलबे में दब जाने के कारण दोनों की मौत हो गई। जिस दंपति की मौत हुई उनकी पहचान हदीस अंसारी (उम्र-52) और उनकी पत्नी जमीरा खातून (उम्र-48) के रूप में हुई है। इस घटना की जानकारी सोमवार यानी आज एक अधिकारी ने दी।
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बरही अनुमंडल पदाधिकारी ने क्या बताया?
इस मामले में SDO जोहान टूडू ने बताया, 'हादसे के समय दोनों अपने कमरे में सो रहे थे और तभी अचानक से छत उनके ऊपर गिर गई। दोनों ही मलबे में दब गए।' इस मामले में उन्होंने आगे बताया कि घर के बाकी सदस्य सुरक्षित हैं छत सिर्फ उसी कमरे की गिरी जिसमें वो दंपति सो रहा था। दोनों शवों को बरही अनुमंडल अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
परिवार के सदस्यों को मिलेगा मुआवजा
आपको बता दें कि हदीस अंसारी और जमीरा खातून की तीन बेटियां और दो बेटे हैं। इसमें से बड़ी बेटी की शादी हो चुकी है। मगर बाकी दोनों बेटियां अभी 18 वर्ष से छोटी हैं जिन्हें प्रशासन ने हजारीबाग के कस्तूरबा गांधी बालिक विद्यालय में दाखिला दिलाने का फैसला किया है। वहीं अंसारी अपने घर में कमाने वाला अकेला था जिसकी हादसे में मौत हो गई। परिवार की हालत देखने के बाद SDO ने तत्काल राहत के लिए 50 किलो राशन और 10 हजार रुपये नकद प्रदान किए।
वहीं इस घटना के बाद पीड़ित के घरवालों को सरकारी प्रावधानों के तहत मुआवजा दिया जाएगा। SDO ने कहा कि आपदा प्रबंधन विभाग के तहत प्रत्येक मौत पर परिवार को चार लाख रुपए का मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि इस संबंध में दस्तावेज तैयार किए जा रहे हैं और उन्हें तैयार करके जल्द ही उपायुक्त को सौंप दिया जाएगा। SDO ने यह भी कहा कि इलाके में ऐसी और घटनाएं न हो इसके लिए पूरे क्षेत्र में पुराने और जर्जर मकानों का सर्वेक्षण कराने का निर्देश दिया गया है।
(इनपुट: पीटीआई)
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