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अचार में हींग का धुआं देने से क्या होता है? जानें किन अचारों में दिखा सकते हैं

 Written By: Ritu Raj
 Published : May 21, 2026 10:39 am IST,  Updated : May 21, 2026 10:39 am IST

अचार न केवल खाने का स्वाद बढ़ाती है बल्कि इसकी खुशबू घर को भी महकाती है। अचार को लंबे समय तक स्टोर करने के लिए दादी-नानी कई तरह के नुस्खे अपनाती थीं। इन्हीं में से एक तरीका है अचार में हींग का धुआं दिखाना। ऐसे में चलिए जानते हैं अचार में हींग का धुआं दिखाने से क्या होता है।

अचार में हींग का धुआं देने से क्या होता है? - India TV Hindi
अचार में हींग का धुआं देने से क्या होता है? Image Source : INDIA TV

गर्मी के मौसम में भारतीय घरों में तरह तरह के अचार बनाए जाते हैं। भारतीय रसोई में अचार का एक खास महत्व है। ये एक ऐसी चीज है जो किसी भी खाने का स्वाद बढ़ा देती है। अचार बनाने में जितनी मेहमत लगती है उससे कहीं ज्यादा इसे स्टोर कर पाना मुश्किल होता है। पुराने जमाने में लोग अचार को सुरक्षित रखने के लिए तरह तरह नुस्खे अपनाते थे। इन्हीं में से एक तरीका था अचारों में हींग का धुआं देना। अचार बनाते समय उसमें हींग का धुआं देना हमारी दादी-नानी के जमाने की एक बेहद असरदार और वैज्ञानिक रसोई तकनीक है। यह सिर्फ एक रस्म नहीं, बल्कि अचार के स्वाद, सुगंध और उसकी सेल्फ लाइफ को बढ़ाने का एक नायाब तरीका है। ऐसे में यहां हम जानने की कोशिश करेंगे कि अचार में हींग का धुआं देने से क्या होता है। 

1. नेचुरल प्रिजर्वेटिव

अचार के खराब होने का सबसे बड़ा कारण नमी और फंगस होते हैं। जब गर्म कोयले या कंडे पर हींग और थोड़ा सा सरसों का तेल डालकर मर्तबान को उल्टा ढक दिया जाता है, तो अंदर का धुआं बर्तन में मौजूद सारी नमी और हवा को सोख लेता है। ऑक्सीजन की कमी के कारण फंगस और बैक्टीरिया पनप नहीं पाते। यह बिना किसी केमिकल के अचार को सालों-साल सुरक्षित रखने का सबसे बेहतरीन नेचुरल तरीका है।

2. स्वाद और सुगंध बढ़ाए
हींग के धुएं से अचार में एक गहरा, सौंधा और स्मोकी फ्लेवर आता है। यह धुआं मर्तबान की भीतरी दीवारों पर बैठ जाता है, जिससे जब उसमें अचार डाला जाता है, तो हींग की महक अचार के रेशे-रेशे में समा जाती है। इससे अचार की खुशबू इतनी लाजवाब हो जाती है कि मर्तबान खुलते ही पूरी रसोई महक उठती है।

3. पाचन क्रिया के लिए 
हींग अपने पाचक गुणों के लिए जानी जाती है। अचार में तेल और मसालों की मात्रा ज्यादा होती है, जिसे पचाने में कभी-कभी पेट को भारीपन महसूस हो सकता है। हींग का धुआं देने से अचार के मसालों का भारीपन कम होता है। यह गैस, अपच और पेट फूलने जैसी समस्याओं को दूर कर अचार को सुपाच्य बनाता है।

4. मर्तबान का स्टेरलाइजेशन 
पुराने समय में आज की तरह कांच के बर्तनों को उबालकर स्टेरलाइज करने की सुविधा नहीं होती थी। हींग के धुएं में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुण होते हैं। जब बरनी को धुएं से भरा जाता है, तो वह अंदर से पूरी तरह सैनिटाइज हो जाती है।

धुआं देने का सही तरीका
एक छोटे मिट्टी के दीये या सुलगते हुए कोयले के टुकड़े पर एक चौथाई चम्मच हींग और दो बूंद सरसों का तेल डालें। जैसे ही गाढ़ा धुआं निकलने लगे, अचार के साफ और सूखे मर्तबान को उसके ऊपर तुरंत उल्टा करके रख दें। 5 से 10 मिनट के लिए धुएं को अंदर ही बंद रहने दें। इसके बाद मर्तबान को सीधा करें और तुरंत उसमें तैयार अचार भरकर बंद कर दें।

किन अचारों में दे सकते हैं हींग का धुआं
हींग का धुआं आप आम, नींबू, लाल मिर्च,मिक्स वेज, कटहल के अचार में दे सकते हैं।

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