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Navratri 2022: नवरात्रि के पांचवे दिन होती है मां स्कंदमाता की पूजा, जानिए कैसे करें माता को प्रसन्न

 Written By: India TV Lifestyle Desk
 Published : Apr 05, 2022 07:37 am IST,  Updated : Apr 05, 2022 07:42 am IST

आज राम राज्य महोत्सव के साथ ही श्री पंचमी भी मनाई जाएगी । आज के दिन लक्ष्मी जी की पूजा का भी विधान है । साथ ही आज हयव्रत भी है ।

Navratri 2022- India TV Hindi
Navratri 2022 Image Source : INDIA TV

Highlights

  • कार्तिकेय जी की माता होने के कारण ही देवी मां को स्कंदमाता कहा जाता है ।
  • स्कंदमाता हमें सिखाती हैं कि हमारा जीवन एक संग्राम है और हम स्वयं अपने सेनापति
  • देवी मां अपने भक्तों को सुख-शांति और समृद्धि प्रदान करती हैं

6 अप्रैल को चैत्र शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि और बुधवार का दिन है । पंचमी तिथि आज शाम 6 बजकर 1 मिनट तक रहेगी। उसके बाद षष्ठी तिथि लग जाएगी। 6 अप्रैल को चैत्र नवरात्र का पांचवा दिन है। आज मां दुर्गा के पांचवें स्वरूप, यानी मां स्कंदमाता की पूजा का विधान है। आज राम राज्य महोत्सव के साथ ही श्री पंचमी भी मनाई जाएगी । आज के दिन लक्ष्मी जी की पूजा का भी विधान है । साथ ही आज हयव्रत भी है ।

देवताओं के सेनापति कहे जाने वाले स्कन्द कुमार, यानि कार्तिकेय जी की माता होने के कारण ही देवी मां को स्कंदमाता कहा जाता है । इनके विग्रह में स्कन्द जी बालरूप में माता की गोद में बैठे हैं । माता का रंग पूर्णतः सफेद है और ये कमल के पुष्प पर विराजित रहती हैं, जिसके कारण इन्हें पद्मासना भी कहा जाता है । देवी मां की चार भुजायें हैं। ऊपर की दाहिनी भुजा में ये अपने पुत्र स्कन्द को पकड़े हुए हैं और इनके निचले दाहिने हाथ तथा एक बाएं हाथ में कमल का फूल है, जबकि माता का दूसरा बायां हाथ अभय मुद्रा में रहता है। माना जाता है कि देवी मां अपने भक्तों पर ठीक उसी प्रकार कृपा बनाये रखती हैं, जिस प्रकार एक मां अपने बच्चों पर बनाकर रखती हैं।

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देवी मां अपने भक्तों को सुख-शांति और समृद्धि प्रदान करती हैं। साथ ही स्कंदमाता हमें सिखाती हैं कि हमारा जीवन एक संग्राम है और हम स्वयं अपने सेनापति। अतः देवी मां से हमें सैन्य संचालन की प्रेरणा भी मिलती है। इसके अलावा आपको बता दूं कि मां स्कन्दमाता की उपासना व्यक्ति को बुध संबंधी परेशानियों से छुटकारा दिलाने में भी मदद करती हैं, क्योंकि बुध ग्रह पर स्कन्दमाता का आधिपत्य रहता है और आज तो बुधवार का दिन भी है । अतः अगर आपको भी बुध संबंधी किसी तरह की परेशानी है, आपका बिजनेस ठीक से नहीं चल रहा है, आपको व्यापार में मुनाफा नहीं मिल पा रहा है, तो आज बुधवार और सौभाग्य योग के संयोग में नवरात्र के पांचवें दिन आपको स्कन्दमाता की पूजा करके अवश्य ही लाभ उठाना चाहिए।

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स्कंदमाता की पूजा विधि

स्कंदमाता की पूजा के लिए सबसे पहले चौकी पर स्कंदमाता की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें। इसके बाद गंगा जल से शुद्धिकरण करें। इसके बाद उस चौकी में श्रीगणेश, वरुण, नवग्रह, षोडश मातृका (16 देवी), सप्त घृत मातृका(सात सिंदूर की बिंदी लगाएं) की स्थापना भी करें। फिर वैदिक एवं सप्तशती मंत्रों द्वारा स्कंदमाता सहित समस्त स्थापित देवताओं की षोडशोपचार पूजा करें।

इसमें आसन, पाद्य, अ‌र्ध्य, आचमन, स्नान, वस्त्र, सौभाग्य सूत्र, चंदन, रोली, हल्दी, सिंदूर, दुर्वा, बिल्वपत्र, आभूषण, पुष्प-हार, सुगंधित द्रव्य, धूप-दीप, नैवेद्य, फल, पान, दक्षिणा, आरती, प्रदक्षिणा, मंत्र पुष्पांजलि आदि करें। तत्पश्चात प्रसाद वितरण कर पूजन संपन्न करें। 

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स्कंदमाता के लिए मंत्र

साथ ही देवी मां के इस मंत्र का 11 बार जप भी करना चाहिए। मंत्र है-

सिंहासनगता नित्यं पद्माञ्चित करद्वया।

शुभदास्तु सदा देवी स्कन्दमाता यशस्विनी॥

आज स्कन्दमाता के इस मंत्र का जप करने से आपको बुध संबंधी परेशानियों से तो छुटकारा मिलेगा ही, साथ ही आपके घर में सुख-शांति और समृद्धि भी बनी रहेगी। 

Navratri 2022
Image Source : INDIA TVNavratri 2022

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स्कंदमाता हरेंगी सारी परेशानियां, करें ये उपाय

बुध संबंधी परेशानियों से छुटकारा पाने के लिये आज अन्य कौन-से उपाय किये जा सकते हैं, जानिए-

  • अगर आपके बिजनेस की गति ठीक नहीं चल रही है, आपको उम्मीद के अनुसार बिजनेस में लाभ नहीं मिल पा रहा है, तो आज आपको स्कन्दमाता का आशीर्वाद लेकर बुध यंत्र धारण करना चाहिए या अपने ऑफिस में स्थापित करना चाहिए।
  • अगर आप अपनी बौद्धिक क्षमता में बढ़ोतरी करना चाहते हैं, अपने सोचने-समझने की शक्ति को बढ़ाना चाहते हैं, तो आज आपको 4 मुखी रुद्राक्ष लेकर देवी मां के चरणों में रखना चाहिए और उसकी विधि-पूर्वक पूजा करनी चाहिए। पूजा करने के बाद उस 4 मुखी रुद्राक्ष को गले में धारण करना चाहिए। 

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स्कंदमाता की आरती

जय तेरी हो अस्कंध माता
पांचवा नाम तुम्हारा आता
सब के मन की जानन हारी
जग जननी सब की महतारी
तेरी ज्योत जलाता रहू मै
हरदम तुम्हे ध्याता रहू मै
कई नामो से तुझे पुकारा
मुझे एक है तेरा सहारा
कही पहाड़ो पर है डेरा
कई शेहरो मै तेरा बसेरा
हर मंदिर मै तेरे नजारे
गुण गाये तेरे भगत प्यारे
भगति अपनी मुझे दिला दो
शक्ति मेरी बिगड़ी बना दो
इन्दर आदी देवता मिल सारे
करे पुकार तुम्हारे द्वारे
दुष्ट दत्य जब चढ़ कर आये
तुम ही खंडा हाथ उठाये
दासो को सदा बचाने आई
'चमन' की आस पुजाने आई


(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इंडिया टीवी इस बारे में किसी तरह की कोई पुष्टि नहीं करता है। इसे सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है।)

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