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इंदौर घंटा विवाद में देवास SDM निलंबित, सरकारी आदेश में कांग्रेस का ज्ञापन कॉपी-पेस्ट किया था

 Edited By: Shakti Singh
 Published : Jan 04, 2026 11:49 pm IST,  Updated : Jan 04, 2026 11:49 pm IST

एसडीएम ने अपने आदेश में कांग्रेस के ज्ञापन का एक हिस्सा जस का तस चिपका दिया था। इस ज्ञापन में सरकार की आलोचना की गई थी और कैलाश विजयवर्गीय के बयान को अमानवीय बताया गया था। इसके बाद एसडीएम पर कार्रवाई हुई है।

Congress Ghanta- India TV Hindi
घंटा लेकर प्रदर्शन करते कांग्रेसी (बाएं), देवास कलेक्ट्रेट (दाएं) Image Source : X/MPCONGRESS,COLLECTOR DEWAS

मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पानी की सप्लाई के कारण शुरू हुआ घंटा विवाद अब देवास एसडीएम के लिए मुश्किल बन गया है। सरकारी आदेश में इस विवाद से जुड़े घंटा शब्द का उपयोग करने की वजह से एसडीएम को निलंबित कर दिया गया है। मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की शिकायत के बाद यह कार्रवाई की गई है। अधिकारियों ने बताया कि उज्जैन संभाग के आयुक्त (राजस्व) आशीष सिंह ने पदीय कर्तव्यों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही, उदासीनता और अनियमितता के आरोपों में देवास के एक एसडीएम को निलंबित कर दिया है।

अधिकारियों ने बताया कि आरोपी एसडीएम ने देवास में कांग्रेस के रविवार को आयोजित एक विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अधीनस्थ राजस्व अधिकारियों की ड्यूटी लगाने के लिए शनिवार को सरकारी आदेश जारी किया था। इसी आदेश में घंटा विवाद का जिक्र करने पर उनके खिलाफ कार्रवाई हुई है।

क्या है पूरा मामला?

मध्य प्रदेश के इंदौर में लंबे समय से दूषित पानी की सप्लाई हो रही थी। इसके कारण लोगों को स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। दिसंबर 2025 में हालात ज्यादा बिगड़ गए और 100 से ज्यादा लोग डायरिया के कारण अस्पताल में भर्ती हो गए। इनमें से कई लोगों की मौत भी हो गई तो बवाल मच गया। इस बारे में जब मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से सवाल किया गया तो उन्होंने पत्रकार से अभद्रता की और घंटा शब्द का उपयोग किया। इस घटना को लेकर उनकी आलोचना हुई और विपक्षी दल कांग्रेस ने इस बयान के खिलाफ प्रदर्शन करने को लेकर ज्ञापन दिया।

कांग्रेस के ज्ञापन की नकल पड़ी भारी

कांग्रेस का प्रदर्शन रविवार को पूरे प्रदेश में हुआ। इस प्रदर्शन के लिए अनुमति की मांग करते हुए ज्ञापन पहले दिया गया था। ऐसे में देवास एसडीएम ने प्रदर्शन के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई अधिकारियों की ड्यूटी लगाई और इस बारे में सरकारी आदेश भी जारी किया। इस सरकारी आदेश में कांग्रेस के ज्ञापन का एक हिस्सा जस का तस चिपका दिया गया। इस ज्ञापन में कांग्रेस ने इंदौर की पेयजल त्रासदी को लेकर प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी सरकार पर निशाना साधा था और कहा गया था कि विजयवर्गीय द्वारा एक पत्रकार के प्रश्न के उत्तर में अशोभनीय शब्द ‘घंटा’ का उपयोग करना ‘अमानवीयता और निरंकुशता’ की निशानी है। ज्ञापन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के निर्देशों का हवाला देते हुए यह भी कहा गया था कि इस 'अमानवीय व्यवहार' के विरोध में भाजपा के सांसद और विधायकों के निवास के सामने ‘घंटा’ बजाकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। इसी ज्ञापन के एक हिस्से की हू-ब-हू नकल उतारने के कारण एसडीएम को निलंबित किया गया है।

इंदौर में दूषित जल से 16 मौतें

इंदौर प्रशासन ने शहर में दूषित पानी पीने से फैले उल्टी-दस्त के प्रकोप में अब तक छह लोगों की मौत की पुष्टि की है। हालांकि, महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने दो जनवरी को कहा था कि उन्हें घटना में 10 लोगों की मौत की जानकारी मिली है। स्थानीय लोगों ने दूषित जल पीने से छह माह के बच्चे समेत 16 लोगों के दम तोड़ने का दावा किया है। दूषित पेयजल से फैले उल्टी-दस्त के प्रकोप की रोकथाम में जुटे स्वास्थ्य विभाग ने रविवार को 9,000 से ज्यादा लोगों की जांच की जिसमें उसे उल्टी-दस्त के 20 नये मरीज मिले। भागीरथपुरा में उल्टी-दस्त के प्रकोप के बाद अब तक अस्पतालों में कुल 398 मरीजों को भर्ती किया गया जिनमें से 256 लोगों को स्वस्थ होने पर छुट्टी दे दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल 142 मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं जिनमें से 11 लोग गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में हैं।

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